2 दिन तक इस ‘दंगा बिग्रेड’ ने शहर में मचाया था उत्पात

डीएम-एसएसपी ने जारी की सीसीटीवी फुटेज, दंगाईयों को पकड़ कर पुलिस भेजेगी जेल, बेकसूरों पर नहीं होगी कार्रवाई।

By: Vinod Nigam

Published: 25 Dec 2019, 08:59 AM IST

कानपुर। पहले भी कानपुर को कईबार जख्म दिए गए, पर यहां की आवाम ने आपसी भाईचारे रूपी मलहम से दंगाईयों के अरमानों में पानी फेर दिया। नागरिकता संशोधन एक्ट (सीएए) को धाल बनाकर उपद्रवियों ने शुक्रवार को तांडव मचाया। दुकानें जला दी गई तो पुलिसकर्मियों पर पत्थर बरसाए गए। बम-गोली से वार किया, जवाबी कार्रवाई में दो की जान चली गई। सौ से ज्यादा पुलिसबल के जवान घायल हो गए। आखिरकार जनता फिर से खड़ी हुई और अमनचैन के दुश्मनों पर भारी पड़ी। पिछले 48 घंटे से बाजारों में रौनक लौट आई तो पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने सांसद लेते हुए दंगा बिग्रेड को दबोचने के लिए जुट गई है।

फोटो चस्पा
सीसीटीवी फुटेज से उपद्रवियों की फोटो निकालकर पुलिस ने संबंधित क्षेत्रों में पोस्टर चस्पा कराए हैं। इसमें 35 संदिग्ध लोगों की फोटो हैं, जो हिंसा भड़काते नजर आ रहे हैं। पुलिस की ओर से चस्पा पोस्टरों में संदिग्धों की फोटो के साथ उनके बारे में जानकारी देने के लिए मोबाइल नंबर दिए गए हैं। साथ ही लिखा गया है कि सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा और उसे इनाम भी दिया जाएगा। इसके अलावा पुलिस मंगलवार को कई लोगों को गिरफ्तार भी किया है। पुलिस हिंसा के पीछे जिन-जिन उपद्रवियों का हाथ है, उन-उन को चिन्हित कर रही है।

कैमरे से मिले फुटेज
एडीजी प्रेमप्रकाश्रूा के मुताबिेक 20 से 22 दिसंबर तक हुए बवाल की एक-एक रिकार्डिंग स्मार्ट सिटी के कैमरों में है। पुलिस टीम सेंटर में बैठकर यतीमखाना, परेड, बेगमपुरवा, जाजमऊ, बाबूपुरवा समेत आसपास क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में बवाल की रिकार्डिंग देख रही है। एक-एक उपद्रवी की फोटो निकाली जा रही है ताकि क्षेत्र में पहचान हो सके। पुलिस सारी रिकार्डिंग देखकर साक्ष्य जुटा रही है। एक भी उपद्रवी का बख्शा नहीं जाएगा। जिसने हिंसा की है उसे जेल भेजने के साथ उसकी संपत्ति को जब्त किया जाएगा।

इन थानो में दर्ज किए मुकदमे
चमनगंज इंस्पेक्टर रवि श्रीवास्तव ने करीब 400 लोगों के खिलाफ धारा 144 के उल्लंघन के आरोप में मुकदमा दर्ज किया। बेकनगंज इंस्पेक्टर वीर सिंह ने बलवा, सरकारी कार्य में बाधा, 7 क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट के तहत तीन-चार हजार लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया। अनवरगंज इंस्पेक्टर ने 1000 लोगों के खिलाफ धारा 144 के उल्लंघन के आरोप में मुकदमा दर्ज किया। जबकि फीलखाना पुलिस ने चार से पांच हजार लोगों के खिलाफ और नौबस्ता में करीब 100 व्यक्तियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।

बेकसूर को नहीं पकड़ा जाएगा
अपर पुलिस महानिदेशक प्रेम प्रकाश का कहना है कि यतीमखाने इलाके में हुयी हिंसा में पुलिस का एक सिपाही गोली लगने से घायल हुआ था। एक सब इन्स्पेक्टर गंभीर चोट आयी थी। इसके साथ ही कई पुलिस कर्मी घायल हुए थे। माहौल शांतिपूर्ण है सभी दुकाने खुल चुकी है। क्षेत्रो में तैनात पुलिस कर्मियों व आम जनमानस से उनका हाल चाल लिया जा रहा है। मुस्लिम समुदाय के लोगो को डर सता रहा है कि उनको गिरफ्तार किया जाएगा,लेकिन उनको अस्वस्थ किया गया है कि किसी निर्दोष व्यक्ति को जेल नहीं भेजा जाएगा।

साढ़े सात हजार सुरक्षाकर्मी तैनात
बतादें शुक्रवार को बवाल के बाद शहर को छावनी बना दिया गया है। माहौल और खराब न हो इसलिए बड़ी संख्या में पुलिस व अर्द्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। शासन से एक अतिरिक्त डीआइजी व एसपी के अलावा पीएसी, आरएएफ और पुलिस के अतिरिक्त जवान भी मिले थे। अनुमान के मुताबिक करीब साढ़े सात हजार सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए। मौजूदा हालातों को देखते छह सुपर जोन भी बनाए गए हैं। इनकी कमान जिला प्रशासन की ओर से एमडीएम स्तर के अधिकारी व पुलिस में एसपी स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई हैं। इससे पहले शहर के 11 जोन और 65 सेक्टर में बांटा गया था।

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