गर्भवती महिला को नहीं मिल रहा न्याय, गुलाबी गैंग ने संभाली कमान

शबाना गुलाबी गैंग की सदस्यों और परिजनों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच गई।

By: Arvind Kumar Verma

Updated: 30 Sep 2020, 07:14 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
कानपुर देहात-सीएम योगी से लेकर यूपी पुलिस के आलाधिकारी पुलिस की कार्यशैली में बदलाव की लाख कोशिश कर रहे हों, लेकिन पुलिस की कार्यशैली बदलने का नाम ही नहीं ले रही है। नतीजतन पीड़ितों को समय पर न्याय नहीं मिल पा रहा है। यही नहीं न्याय के लिए पीड़ितो को दर-दर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है। कुछ ऐसा ही नजारा यूपी के जनपद कानपुर देहात में देखने को मिला, जहां एक गर्भवती महिला अपनी ससुराल से निकाल दी गई। जिसके बाद वह परिजनों और गुलाबी गैंग के साथ न्याय के लिए थाने से लेकर जिले के आलाधिकारियों के दर के चक्कर काट रही है, लेकिन उसको कहीं भी न्याय नहीं मिल रहा है।

कानपुर देहात के थानाक्षेत्र मूसानगर कस्बे की रहने वाली गर्भवती विवाहिता शबाना खातून ने बताया कि उससे अतिरिक्त के लिए ससुरालीजनों द्वारा लगातार मांग की जा रही थी। ससुरालियों की मांग पूरी न होने पर बीते दिनों उसे घर से बाहर निकाल दिया गया। न्याय पाने के लिए पीड़ित गर्भवती मूसानगर थाने के चक्कर काट रही है, लेकिन उसे न्याय नहीं मिला। पूरी तरह टूट चुकी पीड़िता की जानकारी पाकर जब उसे न्याय दिलाने के लिए गुलाबी गैंग आगे आ गई। तो शबाना को एक बार फिर से आस जाग गई।

जिसके बाद गुलाबी गैंग की सदस्य शबाना को लेकर मूसानगर थाने पहुंची, लेकिन पुलिस ने उनकी एक न सुनी। इस पर नाराज गुलाबी गैंग की सदस्य और पीड़िता शबाना थाने में ही न्याय के लिए बैठ गई। गुलाबी गैंग के मुताबिक दिन गुजरा, रात गुजरी, इस तरह दो दिन गुजर गए, लेकिन थाने में कोई सुनवाई तक नहीं हुई। अंत में सिर्फ आश्वासन दिया गया। जिसके बाद शबाना गुलाबी गैंग की सदस्यों और परिजनों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच गई, जहां उसे केवल आश्वासन ही हांथ लगा है।

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