scriptPremature Death Does Not Come By Visiting This Mahakaleshwar Temple | इस महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने से नहीं आती अकाल मौत, इस शिवलिंग की अद्भुत है कहानी | Patrika News

इस महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने से नहीं आती अकाल मौत, इस शिवलिंग की अद्भुत है कहानी

-कहिंजरी के महाकालेश्वर मंदिर में सावन में उमड़ता हुजूम
-करीब 500 वर्ष प्राचीन इस शिवलिंग का है अनोखा नजारा

कानपुर

Published: August 04, 2021 01:08:40 pm

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
कानपुर देहात. श्रावण मास में शिव मंदिरों का मनोरम दृश्य देखते ही बनता है। कहते हैं महाकाल के दर्शन मात्र से ही अकाल मौत कट जाती है। ऐसा ही एक मंदिर कानपुर देहात के भीखदेव कहिंजरी में स्थित है, जिसे महाकालेश्वर मंदिर कहते हैं। इस प्राचीन मंदिर की स्थापना कब हुई इसकी वास्तविक जानकारी किसी को नही है, लेकिन स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब 500 वर्ष पहले इसकी स्थापना हुई थी। मगर मंदिर के शिवलिंग स्थापना की अद्भुत कहानी है। इसकी ख्याति के चलते यहां भक्तों का हुजूम उमड़ता है।
इस महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने से नहीं आती अकाल मौत, इस शिवलिंग की अद्भुत है कहानी
इस महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने से नहीं आती अकाल मौत, इस शिवलिंग की अद्भुत है कहानी
अनोखी है इस शिवलिंग की दास्तां

कानपुर देहात का यह प्राचीनतम श्री महाकालेश्वर सिद्ध आश्रम आस्था एवं विश्वास का प्रतीक माना जाता है। जहां सैकड़ों भक्त प्रतिदिन पूजा अर्चना और मन्नत मांगने आते हैं। मगर सावन माह में इस स्थल का महत्व ही कुछ अलग है। मंदिर के महंत ने बताया कि लगभग पांच सौ वर्ष पूर्व औझान के राजा गंगा सिंह गौर के सिपाहियों द्वारा बाणेश्वर शिव मंदिर बनीपारा से बैलगाड़ी से शिवलिंग को लाया जा रहा था। भीखदेव कहिंजरी पहुंचने के बाद बैलगाड़ी का पहिया बालू की रेत में धंस गया। सैनिकों के काफी प्रयास के बावजूद पहिया नहीं निकल सका और निकालने के प्रयास में पहिया टूट गया।
इस वजह से यहां शिवलिंग हुआ स्थापित

राजा को सूचना मिलते ही राजा और सैनिकों के साथ पहुंचे लेकिन फिर भी शिवलिंग आगे नहीं जा सका। बताया गया कि उसके बाद उस शिवलिंग की वहीं विधि विधान से स्थापना करा दी गई। तब से वह शिवलिंग आज भी वहां स्थापित है। करीब 30 से 35 वर्ष पहले ग्राम प्रधान बाबू मिश्रा ने क्षेत्र की जनता के सहयोग से महाकालेश्वर मंदिर का निर्माण कार्य करवाया था। आज वही शिव मंदिर श्री महाकालेश्वर शिव मंदिर के नाम से विख्यात है। कहते हैं इस मंदिर में सभी मुरादें पूरी होती है। लोगों का कहना है कि इस सिद्ध आश्रम से सच्चे मन से जुड़े हुए भक्तों को कभी भी अकाल मृत्यु नहीं आ सकती है। कई बार मंदिर में चमत्कार भी देखे गए हैं।
मंदिर के महंत ने बताई खूबियां

मंदिर के महंत नरेश कुमार दीक्षित ने बताया कि श्री महाकालेश्वर आश्रम में जो भक्त सच्चे मन से मन्नत मांगता है उसकी मन्नत अवश्य पूरी होती है। यहां पर आने वाले लोग चाहे जितने समस्या से ग्रसित हो, लेकिन आश्रम आने के बाद सब दुख दर्द भूल जाते हैं और भोले बाबा की भक्ति में रम जाते हैं। उनकी समस्याओं का निदान भी हो जाता है।

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