अधूरी पड़ी योजनाओं की सुध कब लेंगें प्रधानमंत्री

अधूरी पड़ी योजनाओं की सुध कब लेंगें प्रधानमंत्री

Alok Pandey | Publish: Mar, 08 2019 12:21:14 PM (IST) | Updated: Mar, 08 2019 12:21:15 PM (IST) Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

पीएम मोदी से कानपुर को मिली सौगातें भूल गई सरकार
जमीन पर पूरी नहीं हो सकी योजनाएं, सपना रहा अधूरा

कानपुर। प्रदेश में विधानसभा चुनावों के दौरान प्रधानमंत्री के हाथों कानपुर को मिली सौगातें अभी तक जमीन पर पूरी नहीं हो सकी हैं। पीएम मोदी ने शहर को जो सौगातें दी थीं, उनका काम अभी भी अधूरा ही है। ऐसे में नई योजनाओं को लेकर शहरवासियों की उम्मीद क्या असर दिखाएगी, यह चुनाव बाद ही पता चलेगा।

नवम्बर २०१६ में की थीं घोषणाएं
विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान १९ दिसंबर २०१६ को शहर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहर में रोजगार बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाओं की घोषणा की थी। जिनके लिए बजट भी जारी कर दिया गया। इसमें लेदर कारोबार का विस्तार, आईआईएस की स्थापना, आपदा प्रबंधन कौशल केंद्र और ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का काम शुरू तो हुआ पर पूरा नहीं कराया जा सका।

लेदर इंडस्ट्री नुकसान में
पीएम मोदी ने कहा था कि लेदर इंडस्ट्री के जरिए शहर में हर साल १० हजार युवाओं को रोजगार दिया जाएगा। मगर चमड़ा उद्योग के बुरे दिन शुरू हो गए और देखते ही देखते शहर में यह इंडस्ट्री घाटे में डूबती चली गई। मानकों के दबाव में यह उद्योग बंदी की कगार पर जा पहुंचा। रोजगार बढऩे की बात तो दूर उल्टे इस उद्योग के कोलकाता जाने से बेरोजगारी और बढ़ गई।

आईआईएस का भवन ही अधूरा
प्रधानमंत्री ने देश के पहले अंतर्राष्ट्रीय स्तर के भारतीय कौशल संस्थान (आईआईएस) का शिलान्यास किया था। यहां से तीन साल में १० हजार लोगों को रोजगारपरक टे्रनिंग दिए जाने का लक्ष्य था, लेकिन सवा दो साल बीत चुके हैं और अभी तक यह बिल्डिंग ही बनकर तैयार नहीं हो पाई है। ऐसे इस योजना को लेकर भी लोगों में निराशा है।

आपदा प्रबंधन केंद्र को जमीन नहीं
मोदी ने रैली के दौरान शहर में आपदा प्रबंधन कौशल केंद्र खोले जाने की घोषणा की थी। जिससे दुर्घटना के बाद लोगों को बड़ी राहत मिल सकती थी, लेकिन इस केंद्र का कोई पता नहीं है। इस केंद्र के लिए अभी तक जमीन भी नहीं तलाशी जा सकी है। इस केंद्र के लिए शासन ने १.४० करोड़ का बजट भी जारी किया था, लेकिन काम आगे नहीं बढ़ सका।

 

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