उपचुनाव को लेकर प्रियंका का प्लॉन तैयार, अब युवा कांग्रेस के पंजे को देंगे धार

उपचुनाव को लेकर प्रियंका का प्लॉन तैयार, अब युवा कांग्रेस के पंजे को देंगे धार

Vinod Nigam | Publish: Jun, 16 2019 02:20:31 PM (IST) Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

प्रियंका गांधी के बाद सिंधिया ने कांग्रेस पदाधिकारियों के साथ की बैठक, चुनाव में मिली हार की समीक्षा, अब युवाओं के जरिए भाजपा को पंजा देगा टक्कर।

कानपुर। लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी और पश्चिमी उप्र के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया यूपी में पंजे को मजबूत करने के लिए जूट गए हैं। इसी सिलसिले में सिंधिया ने कानपुर के पदाधिकारियों को लखनऊ बुलाया। हार के कारणों की समीक्षा की गई। कईयों ने गुटबाजी तो कुछ ने हार की पीछे उम्मीदवार को दोषी बताया। फिलहाल अब दोनों नेता 12 विधानसभा सीटों के उपुचनाव के अलावा 2022 के लिए अभी से रणनीति बनानी शुरू कर दी है। यूपी की हर विधानसभा सीट पर प्रभारियों के अलावा जिले की बागडोर तेज-तर्राक युवा कार्यकर्ताओं को दी जाएगी।

विधानसभा प्रभारियों की होगी नियुक्ति
प्रियंका गांधी ने कांग्रेस के कोआर्डियनेटरों के साथ बैठक कर जिले की बागडोर और विधानसभा प्रभारियों की नियुक्ति के संकेत दिए थे। प्रियंका इनदिनों सूबे में पार्टी को पुनजीवित करने के लिए रोडमैप तैयार करने मे ंलगी हैं। चुनावी नतीजों का गहराई से विश्लेक्षण करने के साथ ही लगातार बैठकें भी कर रही हैं। प्रदेश के जिन 12 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने होने हैं, उनमें 6 सीट प्रियंका गांधी के प्रभारक्षेत्र में आती हैं। जबकि सिंधिया के क्षेत्र में 3 सीटें, गोविंदनगर, हमीरपुर और मानिकपुर आती हैं।

फिर भी हार गए चुनाव
लोकसभा चुनाव में कानपुर सीट से कांग्रेस प्रत्याशी श्रीप्रकाश जायसवाल को 3.13 लाख वोट जरूर मिले लेकिन वह चुनाव हार गए थे। इसी हार की समीक्षा पश्चिमी उप्र के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने की। इसमें शहर कांग्रस कमेटी के अध्यक्ष और पीसीसी सदस्यों को बुलाया गया था। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पदाधिकारियों और सदस्यों को बेहतर तरीके से चुनाव लडऩे की बधाई दी, हालांकि यह भी कहा कि जीत के लिए बधाई देता तो और अच्छा लगता। इस बीच पदाधिकारियों ने कहा कि यदि गोविंदनगर व किदवईनगर के कार्यकर्ता एकजुट होकर कार्य करते तो नजीते दूसरे होते।

दो पर जीते श्रीप्रकाश
श्रीप्रकाश जासवाल कैंट और सीसामऊ विधानसभा सीटों से जीते, जबकि आर्यनगर में वो सत्यदेव पचौरी के बराबर वोट पाए। लेकिन गोविंदनगर व किदवईनगर में भाजपा को इकतरफा वोटिंग होने से श्रीप्रकाश जासवाल को हार उठानी पड़ी। समीक्षा के दौरान कैंट से विधायक सोहेल अख्तर अंसारी ने ढाई लाख मुस्लिम वोट मिलने की बात कही जिसका पीसीसी सदस्य कृपेश त्रिपाठी ने खंडन करते हुए कहा कि सभी वर्ग का वोट मिला है। गोविंद नगर और किदवई नगर से बड़ी हार के पीछे कारण वार्ड अध्यक्षों का बदलाव न होने देना बताया गया। यह भी आरोप लगे कि चुनाव के समय यहां लोग बस्ता लेकर गायब हो जाते हैं। दक्षिण में गुटबाजी 2014 से चली आ रही है, जिस पर जल्द से जल्द नकेल कसने की मांग की गई।

युवाओं को मिले जिम्मेदारी
प्दाधिकारियों ने सिंधिया और प्रियंका गांधी को सलाह दी है कि अब पुराने के बजाए नए चेहरों को टिकट दिया जाए। साथ ही चुनाव हराने वालों के साथ सख्ती बरती जाए। पीसीसी सदस्य राजकुमार शुक्ला ने कहा कि ज्यादातर टिकट मांगने वाले चुनाव में दूरियां बनाकर रहे। जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर और पश्चिमी उप्र प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया ने संगठन की सलाह पर विचार करने के संकेत दिए। सूत्रों की मानें तो कांग्रेस गोविंदनगर सीट से ब्राम्हण नेता की पत्नी को टिकट दे सकता है। साथ ही पूर्व विधायक को 2022 व 2024 की जिम्मेदारी दी जा सकती है।

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