कोरोना के राक्षस से सुरक्षा करेंगे शिक्षा के मंदिर

शिक्षण संस्थानों के भवन को आईसोलेशन के रूप में इस्तेमाल का दिया प्रस्ताव

लॉकडाउन में पढ़ाई हो गई बंद तो कोरोना से बचाव में आगे आए शिक्षण संस्थान

कानपुर। कोरोना के कहर को कम करने और लोगों को संक्रमित होने से बचाने में अब शहर के शिक्षण संस्थान आगे आए हैं। कई संस्थानों ने अपने भवन को आइसोलेशन सेंटर के रूप में इस्तेमाल करने का प्रस्ताव शासन को दिया है। यह सचमुच काबिलेतारीफ है। अगर शिक्षण संस्थानों को आईसोलेशन सेंटर बना दिया जाता है तो संदिग्धों को यहां रखकर दूसरों को संक्रमण से खतरे से दूर रखा जा सकता है। संभावित संक्रमित व्यक्ति का परिवार भी इससे बच सकता है।

क्यों पड़ती आईसोलेशन की जरूरत
दरअसल आईसोलेशन का सीधा मतलब है एकांतवास। कोरोना के संक्रमण का तुरंत पता नहीं चलता है। अगर कोई व्यक्ति संक्रमित हो चुका है तो भी शुरू में वह बिल्कुल स्वस्थ दिखता है। कोरोना के लक्षण उभरकर सामने आने में ८ से १४ दिन का समय लग सकता है, मगर लक्षण सामने आने पहले भी वह व्यक्ति जितने लोगों के संपर्क में आएगा, उन्हें भी संक्रमित कर देगा। इसलिए हर संदिग्ध को १४ दिन तक आईसोलेशन यानि एकांतवास में रखा जाता है। इस दौरान वह सबसे अलग होता है तो दूसरा कोई उससे संक्रमित नहीं हो पाता है।

जगह की कमी होगी दूर
कानपुर के कई शिक्षण संस्थानों ने महाविद्यालयों, इंजीनियरिंग और मेडिकल संस्थानों को आइसोलेशन सेंटर के रूप में इस्तेमाल करने की अपील सरकार से की है। कई डिग्री और इंजीनियरिंग कॉलेजों ने यह प्रस्ताव दिया है। इससे आईसोलेशन सेंटर के लिए जगह की कोई कमी नहीं होगी। क्योंकि अगर किसी के घर में जगह कम है या कमरे कम हैं तो उसे आइसोलेशन के लिए जगह की समस्या हो सकती है। ऐसे में वह इन सेंटरों पर आकर खुद को आईसोलेट कर सकता है।

इन संस्थानों ने दिया प्रस्ताव
आईसोलेशन सेंटर के लिए प्रणवीर सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रामा यूनिवर्सिटी, दयानंद शिक्षण संस्थान, डीएवी, सीएसजेएमयू, वीएसएसडी डिग्री कॉलेज की ओर से प्रस्ताव दिया गया है। पीएसआईटी के चेयरमैन प्रण्वीर सिंह ने कहा कि इस संकट की घड़ी में पूरी तरह से सरकार और प्रशासन के साथ है। एडीएम सिटी ने इंजीनियरिंग कॉलेज को आइसोलेशन वार्ड बनाने पर चर्चा की थी। शिक्षण संस्थान में काफी जगह है। दो हजार तो बेड की जगह है। जरूरत पड़ी तो संस्थान को आइसोलेशन वार्ड में तब्दील किया जाएगा।

स्कूल के साथ हॉस्टल में भी बनेंगे सेंटर
रामा यूनिवर्सिटी के निदेशक प्रणव सिंह ने कहा कि संस्थान में क्वारंटीन वार्ड और आइसोलेशन वार्ड बना दिए गए हैैं। शासन स्तर पर बात चल रही है, सरकार को सूचना दे दी गई है। दयानंद शिक्षण संस्थान के सचिव नागेेंद्र स्वरूप ने कहा कि सरकार ने हॉस्टलों की सूचना मांगी है। जगह की कमी नहीं है, हर संभव मदद के लिए तैयार हैं। उत्तर प्रदेश महाविद्यालय एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय त्रिवेदी ने कहा कि उनके निजी विद्यालय भी आइसोलेशन वार्ड बनने के लिए तैयार हैं।

आलोक पाण्डेय Desk/Reporting
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