टिकट कटने से नाराज कार्यकर्ताओं का भड़का गुस्सा, पूर्व केंद्रीय मंत्री के खिलाफ उग्र नारेबाजी, पार्टी छोडऩे की धमकी

टिकट कटने से नाराज कार्यकर्ताओं का भड़का गुस्सा, पूर्व केंद्रीय मंत्री के खिलाफ उग्र नारेबाजी, पार्टी छोडऩे की धमकी
Congress

Shatrudhan Gupta | Updated: 07 Nov 2017, 08:55:59 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

नगर निकाय चुनाव की घोषणा के बाद राजनीतिक दलों में पहली बार जमकर उथल-पुथल मची हुई है।

कानपुर. नगर निकाय चुनाव की घोषणा के बाद राजनीतिक दलों में पहली बार जमकर उथल-पुथल मची हुई है। नामांकन के आखिरी दिन तक टिकट को लेकर घमासान मचा रहा। कोई पैसे लेकर टिकट तो कोई जुगाड़ के बल पर पार्टी का सिंबल पाने का आरोप लगा रहा था। सपा, बसपा और भाजपा ने कुछ हद तक डेमेज कंट्रोल कर लिया है, लेकिन कांग्रेस के अंदर अभी भी रार बरकरार है। पूर्व मंत्री व पूर्व विधायक के समर्थक एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाकर पंजा हो हराने के लिए अभी से जमीन तैयार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा बवाल मेयर पद को लेकर चल रहा है। बताया जा रहा है कि पूर्व मंत्री के कहने पर वंदना मिश्रा को टिकट दिया गया, जिसका विरोध पूर्व विधायक के साथ ही स्थानीय नेताओ ने विरोध दर्ज कराते हुए तिलक नगर स्थित कार्यालय में ताला जड़ दिया था।

भीतरघात वंदना के लिए पड़ रहा भारी

कांग्रेस से मेयर प्रत्याशी के लिए 17 महिलाओं ने आवेदन किया था, जिसमें पूर्व विधायक की करीबी उषा रत्नाकर शुक्ला का नाम भी शामिल था, लेकिन पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने पावर का इस्तेमाल कर सीधे दिल्ली से वंदना मिश्रा के नाम पर मुहर लगवा दी। वंदना का नाम घोषित होते ही पूर्व विधायक अजय कपूर सहित कई दिग्गज कांग्रेसी खफा हो गए और वंदना के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। अजय कपूर के कहने पर उषा रत्नाकर शुक्ला ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन कर श्री प्रकाश जायसवाल खेमे में खलबली मचा दी है। सूत्रों की मानें तो निकाय चुनाव की रार 2019 के पहले कांग्रेस को तोड़ सकती है और एक धड़ा लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा ज्वाइन कर सकता है। मामले पर जिलाध्यक्ष हरिप्रकाश अग्निहोत्री से बात की गई तो उन्होंने कहा दोनों नेता पार्टी से कई सालों से जुड़े हैं। पार्टी के अंदर चल रही कलह जल्द समाप्त हो जाएगी और सभी लोग मिलकर पंजे के पक्ष में आकर उन्हें जिताने के लिए लगेंगे।

सड़क पर उतरकर पूर्व मंत्री के खिलाफ नारेबाजी

वार्ड 34 रतनलाल नगर में श्री प्रकाश के करीबी की पत्नी को टिकट मिलने से अजय कपूर के करीबी जो टिकट मांग रहे थे खासे नाराज हैं। नाराजगी इस कदर कि पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री प्रकाश जायसवाल के खिलाफ सड़क पर उतर आये और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी के साथ ही प्रदर्शन किया। श्रीप्रकाश जयसवाल मुर्दाबाद, अजय कपूर जिंदाबाद के नारे लगाते हुए टिकट न मिलने पर अजय कपूर के नजदीकी संगीता शुक्ला उनके पति केके शुक्ला ने लोगों के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन किया। बताते चलें कि इस वार्ड से जायसवाल के करीबी अन्ना द्विवेदी की पतनी को टिकट मिला है। इसी तरह रावतपुर, किदवई नगर व सिविल लाइन वार्ड सहित दर्जनों वार्डों में कांग्रेस में खुलकर गुटबाजी चल रही है। अब ऐसी स्थिति में कांग्रेस में आपस में ही विरोध की स्थिति बन गयी है, जो कांग्रेस लोकसभा व विधानसभा की भांति इस बार फिर पार्टी को नुकसान को उठाना पड़ सकता है।

लोकसभा चुनाव का बदला विधानसभा में लिया

पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल कानपुर में कांग्रेस के कद्दावर नेता हैं। वह यहां से पार्षद व मेयर से लेकर तीन बार सांसद बने और केन्द्र सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहें, लेकिन इसी दौरान युवा नेता के रूप में उभरकर आए उद्योगपति अजय कपूर भी विधायक बन गये। लगातार तीन बार विधायक बनने के बाद दोनों में पार्टी में अपनी धाक जमाने के लिए गुटबाजी शुरू हो गई। यह गुटबाजी पिछले लोकसभा में देखने को मिली और श्रीप्रकाश चुनाव हार गये, जिसके बाद विधानसभा चुनाव में तो गुटबाजी खुलकर आमने सामने आ गई और अजय कपूर अपने खास अम्बुज शुक्ला को गोविन्द नगर सीट से रनर प्रत्याशी रहे व श्रीप्रकाश के करीबी शैलेन्द्र दीक्षित का टिकट कटवा दिया। हालांकि दोनों चुनाव हार गये। इसके बाद नगर निकाय चुनाव में एक बार फिर गुटबाजी देखने को मिल रही है। दोनों गुटों के समर्थक एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं कि टिकट कटी नहीं है कटवाई गई है और सड़क पर विरोध करने लगे।ं

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