कानपुर में जून से सेनेटरी नैपकिन बनाएगा रेलवे, नाम होगा दस्तक

- सफर के दौरान ‘मुश्किल दिनों’ के लिए ‘दस्तक’ अभियान में कानपुर भी, फिलहाल चुनिंदा ट्रेनों में भी लगाई जाएंगे सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन

By: आलोक पाण्डेय

Published: 16 May 2018, 11:42 AM IST

कानपुर. प्रधानमंत्री के टिव्टर हैंडल पर एक बिटिया की दस्तक ने रेलवे को सोचने के मजबूर कर दिया। रेल के सफर के दौरान सैनिटरी नैपकिन की जरूरत को लेकर समस्या गंभीर थी और खुलकर बोलने में हिचक थी, लेकिन बिहार के सहरसा की बेटी ने हिम्मत दिखाई। जल्द ही रेलवे ने देश के 200 प्रमुख स्टेशनों पर नैपकिन मुहैया कराएगा। पायलट प्रोजेक्ट में यूपी के छह रेलवे स्टेशनों समेत 20 स्टेशनों का चयन किया गया है। इसके साथ ही चुनिंदा वीआईपी ट्रेन में भी सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन लगाई जाएंगी। योजना कामयाब हुई तो जल्द ही समस्त एक्सप्रेस ट्रेन में वेंडिंग मशीनों को लगाया जाएगा। इसी कार्यक्रम के तहत कानपुर में जून से सेनेटरी नैपकिन बनाने का काम रेलवे शुरू कर देगा। इसके बाद ट्रेन के सफर के दौरान सेनेटरी नैपकिन की समस्या का समाधान मुमकिन है।


200 स्टेशनों और राजधानी ट्रेन में सुविधा

यूं रेलवे स्टेशनों पर सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन की शुरुआत मध्यप्रदेश के भोपाल स्टेशन से इसी साल जनवरी में हुई है। इसके बाद महिला दिवस के मौके पर नई दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन, कानपुर, इलाहाबाद, मुंबई के चर्चगेट, वडोदरा, रतलाम, अहमदाबाद, राजकोट और भावनगर स्टेशनों सहित 14 अन्य पर सैनिटरी नैपकिन सिर्फ 5 रुपए की कीमत पर उपलब्ध है। छह पैड के पैक की कीमत 22 रुपए है। सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन में 5 रुपये का सिक्का डालने के बाद लाल बटन दबाते ही नैपकिन निकल आता है। वेंडिंग मशीन में एक बार में 500 नैपकिन रखे जाते हैं। अगले साल के अंत तक रेलवे देश के 200 प्रमुख और व्यस्त स्टेशनों पर वेंडिंग मशीन लगाएगा। इसके साथ ही दिल्ली-मुंबई के बीच राजधानी ट्रेन में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर वेंडिंग मशीन लगाई जाएगी। रेलवे का दावा है कि अगरयोजना सफल रहती है तो जल्द ही समस्त एक्सप्रेस ट्रेनों में वेंडिंग मशीनों को लगाया जाएगा।


जल्द तमाम स्टेशनों पर होगी ‘दस्तक ’

कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री को किया गया एक ट्विट काफी वायरल हुआ था। इसी के बाद रेलवे ने महिला रेलयात्रियों की सुविधा के लिए पर्यावरण के अनुकूल और कम कीमत में सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाया है। नई दिल्ली में रेलवे महिला कल्याण केंद्रीय संगठन (आरडब्ल्यूडब्ल्यूसीओ) ने जनवरी में दस्तक नामक यूनिट लगाकर सैनिटरी नैपकिन उत्पादन शुरू कर दिया है। फिलहाल इस यूनिट में रोजाना 400 नैपकिन तैयार होते हैं, जोकि विभिन्न स्टेशनों पर भेजे जाते हैं। रेलमंत्री पीयूष गोयल के मुताबिक, जरूरत बढऩे पर देश के अन्य स्टेशन परिसरों में भी दस्तक यूनिट की स्थापना होगी।


ऋचा राजपूत की हिम्मत से जागा रेलवे

दरअसल, कुछ दिन पहले बिहार के सहरसा की ऋचा राजपूत ने ट्विटर के जरिए प्रधानमंत्री और रेलमंत्री से ट्रेनों में सेनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराने की मांग रखी थी। यह ट्वीट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेलमंत्री ने लाइक किया। ऋचा राजपूत की मांग को देखते हुए रेलवे ने स्टेशनों के साथ-साथ ट्रेनों में सेनेटरी नैपकिन को उपलब्ध कराने की दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। सहरसा की रिफ्यूजी कॉलोनी निवासी ऋचा राजपूत ट्रेन सफर के अनुभव का जिक्र करते हुए बताया कि रनिंग ट्रेन में टीटीई के पास सैनिटरी पैड का इंतजाम होना चाहिए।

आलोक पाण्डेय
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned