Raksha Bandhan 2019: इस IAS की कलाई में दिब्यांग बच्चियों ने बांधी राखी की डोर

शहर भर में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया रक्षा का पर्व, बहनों ने भाइयों और दिब्यांग बच्चियों ने डीएम को बांधी राखी।

 

By: Vinod Nigam

Published: 15 Aug 2019, 11:18 AM IST

Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

कानपुर। देश भर में आजादी की सालगिरह के जश्न के साथ-साथ रक्षाबंधन का पर्व भी बड़े धूम-धाम के साथ मनाया जा रहा है। बहनों ने जहां भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनसे रक्षा का वचन लिया, तो वहीं गैर सरकारी संगठनों, नेताओं, छात्र-छात्राओं, महिलाओं और लड़कियों ने हॉस्पिटलों, पुलिस स्टेशनों, रेलवे परिसरों और सड़कों पर काम करने वाले लोगों को राखी बांधकर त्योहार मनाया। इसी बीच कानपुर के कानपुर डीएम विजय विश्वास पन्त दिब्यांग बच्चों के स्कूल पहुंच गए। बच्चियों ने उनकी कलाई पर राखी की डोर बांधकर सुरक्षा का वचन लिया। इस मौके पर बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत कर सबका मनमोह लिया।

न कि नकारात्मक
डीएम विजय विश्वास पंत ने फूलबाग स्थित बाल भवन के स्पष्टिक सेंटर में बच्चों के साथ 15 अगस्त व रक्षाबंधन का पर्व मनाया। बच्चियों ने डीएम की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें चॉकलेट खिलाया। इस मौके डीएम ने कहा कि ईश्वर जब किसी को कमजोर बनाता है तो उस व्यक्ति में कुछ एक्स्ट्रा गुण जरूर देता है, जो आम लोगों से भी ज्यादा होता है। उनमें सकारात्मक क्षमता बढ़ देता है और वह दूसरों के लिए उदाहरण बन जाते है। डीएम ने कहा कि इससे यह स्पष्ट होता है कि लोगों को सकारात्मक होना चाहिए न कि नकारात्मक। यह जरूरी नहीं की शारीरिक कमजोर व्यक्ति कुछ नहीं कर सकता।

इनसे सीखें लोग
डीएम ने कहा कि लोगों को इन बच्चों से सीखना चाहिए कि कैसे सकारात्मक सोच रखते हुए यह बच्चे कितना अच्छा कार्य कर रहे हैं। मैं इन बच्चों की देखरेख करने वाले स्वास्तिक सेंटर के अध्यापकों का धन्यवाद करता हूं कि इनको आत्मबल बढ़ाने के लिए जो शिक्षा दी जा रही है वह बहुत ही सकारात्मक है और समाज के संभ्रांत लोग आगे आए और ऐसे बच्चों को सशक्त बनाने में अपनी भूमिका निभाएं। इस अवसर पर जिला अधिकारी ने रोटरी क्लब द्वारा यहां के बच्चों को अच्छे से पढ़ाने के लिए 8 टेबलेट फोन दिए।

डीएम ने खोला राज
डीएम विजय विश्वास पन्त ने इस खास मौके पर स्कूल की बच्चियों को बताया कि कानपुर आईआईटी की पढ़ाई के दौरान हमें रक्षाबंधन में घर जाने को नहंी मिलता था। कैम्पस से चुपचाप निकल कर झोपड़ियों में निकल जाते थे और वहां रहने वाली बच्चियों से राखी बंधवाकर उन्हें शिक्षा के प्रति जागरूक करते थे। नौकरी के बाद से अधिकतर रक्षाबंधन पर्व हमनें स्कूली बच्चियों के साथ ही मनाया। डीएम ने लोगों से अपील की, वह बच्चियों को शिक्षा दें, जिससे कि वह आगे चलकर देश का विकास व नाम रोशन करें।

अब मिल गया भाई
स्कूल की छात्रा सलोनी ने बताया कि भाई नहीं होने के चलते रक्षाबंधन पर्व पर वह उदास रहती थी। मां मुझे राखी देती और पौधे पर बांधने को कहती। पर इस साल खुद जिले के कलेक्टर सर हमारे स्कूल आए और राखी बंधवाई। अब मुझे भाई मिल गया। हर साल मैं अपने डीएम सर के कलाई में रक्षा का धागा बांध बदले में भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए वचन लूंगी। डीएम के साथ रक्षाबंधन पर्व मनाने पर बच्चियां खुश दिखीं। डीएम भी पर्व को गर्मजोशी के साथ मनाया।

 

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