राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कानपुर की परंपरा और तकनीक बेजोड़

पीएसआइटी में आयोजित रीसेंट एडवांसमेंट इन कंप्यूटर साइंस कम्युनिकेशन एंड इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी विषय पर हुई इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रपति ने कानपुर के इतिहास की दिलाई याद।

By: Vinod Nigam

Updated: 30 Nov 2019, 04:14 PM IST

कानपुर। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद दो दिवसीय दौरे के लिए शनिवार को कानपुर पहुंचे। उनका स्वागत राज्यपाल आन्दीबेन पटेल और डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने किया। राष्ट्रपति भौंती स्थित पीएसआइटी में आयोजित रीसेंट एडवांसमेंट इन कंप्यूटर साइंस कम्युनिकेशन एंड इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी विषय पर हुई इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। रामनाथ कोविंद ने कहा कि कानपुर के चमड़ा उद्योग के साथ ही यहां की मिलें भी पूरी दुनिया में जानी जाती रही हैं। इस शहर को एशिया का मैनचेस्टर कहा जाता रहा है। कनपुरिए शुरू से ही तकनीक को पसंद करने वाले रहे हैं। शहर की परम्परा और यहां की तकनीक बेजोड़ है।

मिलों की दिलाई याद
राष्ट्रपति ने कानपुर के स्वर्णिम औद्योगिक काल का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे कभी एशिया का मैनचेस्टर कहा जा था। यहां की मिलें पूरी दुनिया में जानी जाती थीं। औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधि का बड़ा केंद्र होने की वजह से कानपुर को प्रदेश की आर्थिक राजधानी भी कहा जाता है। कानपुर को संस्कृति और तकनीक का बेहतरीन उदाहरण बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां के चमड़ा उद्योग का पूरी दुनिया में नाम है। चमड़ा उद्योग की वजह से पूरी दुनिया में कानपुर की पहचान लेदर सिटी के रूप में है।

कानपुर तकनीक मे अव्वल
राष्ट्रपति ने कहा कि तकनीक के क्षेत्र में कानपुर लगातार प्रगति कर रहा है। आईआईटी देश के सबसे पुराने तकनीकी संस्थानों में से एक है। राष्ट्रपति ने एचबीटीयू के यूनीवर्सिटी बनने पर भी अपनी खुशी को जाहिर किया। राष्ट्रपति ने कहा कि पीएसआइटी समेत अन्य इंजीनियरिंग संस्थानों से अच्छे इंजीनियर और वैज्ञानिक निकल रहे हैं। तकनीक से मानवता की सेवा का जिक्र करते हुए कहा कि एल्मिको ने अपनी अगल पहचान बनाई है। यहां दिव्यांगों के लिए उपकरण बनाए जा रहे हैं औा अनगिनत लोग इन्हीं के जरिए चल-फिर रहे हैं।

अच्छे पेशेवर निकलेंगे
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को सामाजिक बदलाव में अहम बताते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि इससे रोजगार के अवसर जरूर कम होंगे लेकिन इससे होने वाले बदलाव जीवन को आसान बनाएंगे। राष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि हमारे तकनीकी संस्थानों से आने वाले दिनों में अच्छे पेशेवर तैयार होकर निकलेंगे। इसके साथ ही उन्होंने जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण से होने वाली समस्याओं का समाधान भी तलाशने को कहा। राष्ट्रपति ने वैज्ञानिकों के अलावा कानपुर के लोगों से कहा है कि शहर को हरहाल प्रदूषण से मुक्त करना है। इसके लिए वाहनों का प्रयोग कम करें और ज्यादा से ज्यादा पौधरोपड़ करें।

हासिल होगा लक्ष्य
राष्ट्रपति ने तकनीक को सामाजिक बदलाव का सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि इसी का कमाल है कि आजादी के वक्त गरीब देशों में भारत की तुलना होती थी। लेकिन आज सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में भारत का नाम आ रहा है। 2024-25 तक भारत को पांच ट्रिलियन इकोनॉमी बनाने का जो लक्ष्य रखा गया है, उसमें तकनीक का अहम योगदान होगा।. उन्होंने कहा कि सूचना और संप्रेक्षण की एडवांस तकनीक लोगों के जीवनस्तर को उठाने में भी बड़ी भूमिका निभाएगी। महान वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बोस का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि आज खुशी की बात कि उनका जन्मदिन है।

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