पान मसाला से खराब होने लगी हैं इंसानों की रक्त कोशिकाएं और तंत्रिका तंत्र

पान मसाला से खराब होने लगी हैं इंसानों की रक्त कोशिकाएं और तंत्रिका तंत्र

Alok Pandey | Publish: Aug, 22 2019 11:21:38 AM (IST) Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

कानपुर मेडिकल कालेज में बोन मैरो की रिसर्च में सनसनीखेज खुलासा
570 मरीजों में खून बनाने की क्षमता शून्य
722 में ब्लड कोशिकाओं का स्वरूप बदला मिला

कानपुर। पान मसाला खाने वाले खून की कमी से जूझ रहे हैं। ऐसा इसलिए हो रहा है कि पान मसाला खाने वालों की रक्त कोशिकाओं की संरचना बदल रही है। यह खुलासा मेडिकल कॉलेज में हुई एक जांच के दौरान हुआ है। मेडिकल कॉलेज में पान मसाला खाने वाले एक हजार लोगों के खून की जांच में यह बात सामने आयी है। जिसमें ५७० मरीजों में खून बनाने की क्षमता शून्य थी जबकि 722 में ब्लड कोशिकाओं का स्वरूप बदला हुआ मिला।

नहीं बन रहे हैं नए सेल्स
पैथालॉजी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर महेंद्र सिंह के मुताबिक पान मसाला खाने के आदी हो चुके लोगों की रक्त कोशिकाओं में या तो नए सेल्स बनाने की क्षमता खत्म हो गई है या फिर सुस्त पड़ चुकी है। ऐसे मरीजों को बोन मैरो डिपे्रशन की बीमारी के साथ साथ पैनसाइटोपीनिया की बीमारी भी हो रही है। इस तरह की बीमारी में खून के सभी अवयव असंतुलित हो जाते हैं।

गंभीर बीमारी का खतरा
रिसर्च में यह बात भी पता चली है कि पान मसाले के आदी हो चुके ये लोग कभी भी गंभीर बीमारी की चपेट में आ सकते हैं। क्योंकि पान मसाले के घातक केमिकल से विटामिन बी-१२, फोलिक एसिड का अवशोषण भी प्रभावित हो रहा है।

८० प्रतिशत लोगों को कैंसर का खतरा
शोधकर्ताओं ने बताया कि लंबे समय से पान मसाला खा रहे ८० प्रतिशत लोगों में कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। इन लोगों में ऑटो इम्यून बीमारी का खतरा हमेशा बना रहता है। जिसका पता समय पर नहीं चल पाता और जब तक इसकी जानकारी होती है तब तक देर हो चुकी होती है।

जांच रिपोर्ट देख चौंक गए डॉक्टर
जांच के दौरान डॉक्टरों ने देखा कि पान मसाला खाने वालों में ७ प्रतिशत से कम हीमोग्लोबिन था, जबकि यह कम से कम १२.५ प्रतिशत के पार होना चाहिए। आरबीसी की संख्या भी एक से दो लाख के बीच ही थी, जबकि यह भी पांच लाख के आसपास होनी चाहिए। डब्ल्यूबीसी की संख्या तो काफी कम थी जो १५०० से ३००० के बीच मिली जबकि यह ११००० के आसपास होनी चाहिए।

 

 

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