मरीजों को इलाज न मिला तो जिम्मेदार होंगे ईएमओ और एसआर

दोनो के पीआरओ मरीजों को मिलने वाली सेवाओं पर रखेंगे नजर,
इमरजेंसी से काल में नहीं होगी लापरवाही, बढ़ेगी सुविधाएं

कानपुर। शहर के हैलट अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजों से मुंह फेरना डॉक्टरों के लिए आसान नहीं होगा। इमरजेंसी मेडिकल ऑफीसर, सीनियर रेजीडेंट और पीआरओ की जवाबदेही तय होगी। अगर किसी मरीज को इमरजेंसी से बाहर किया गया हो तो पीआरओ इसकी सूचना इमरजेंसी मेडिकल ऑफीसर को देंगे। मरीज को स्वास्थ्य सेवाएं समय से मुहैया कराने की जिम्मेदारी पीआरओ की होगी।

इमरजेंसी में उपलब्ध रहेंगे डॉक्टर
कुछ विभागों के विभागाध्यक्षों के मुताबिक इमरजेंसी से काल होने में लापरवाही होती है ऐसे में समय से डॉक्टरों की उपलब्धता नहीं हो पा रही है। इसे भी दूर करने के लिए प्रमुख अधीक्षक कार्यालय से पत्र जारी हुआ है। इसमें कहा गया है कि काल करने वाले डॉक्टर, ड्यूटी ऑन काल को बुलाने का समय बीएचटी पर दर्ज करेंगे। ईएनटी और नेत्र रोग विभागाध्यक्षों से कहा गया है कि काल होने पर जूनियर डॉक्टरों की उपलब्धता इमरजेंसी में सुनिश्चित कराएं। अब ऑन काल पर डॉक्टर के आने का समय भी दर्ज होगा और जो इलाज ऑन काल के जरिए दिया गया है वह भी दर्ज होगा।

सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी
अस्पताल में कुछ उपकरणों की खरीद होनी है उसकी आपूर्ति होने के बाद सुविधाओं में इजाफा होगा। सुविधाओं में इमरजेंसी के मुख्य हाल में मरीजों को मैनेज करने की जगह बनेगी। गम्भीर ट्रामा मरीजों के लिए अस्थायी तौर पर दो वेंटीलेटर लगाए जाएंगे। कुछ मरीजों को वेंटीलेटर के बगैर इमरजेंसी में मैनेज करना डॉक्टरों के लिए संभव नहीं हो पाता है ऐसे में नए वेंटीलेटर लगाए लगे बेड उपलब्ध कराए जाएंगे।

तीमारदारों पर लगेगी रोक
इमरजेंसी में सिर्फ मरीजों को अंदर लिया जाएगा। तीमारदारों को अंदर जाने से रोक लगेगी। स्क्रीनिंग बाद मरीज को जिस विभाग में भेजा जाएगा वहां एक तीमारदार को जाने की अनुमति मिलेगी। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की स्क्रीनिंग के लिए डॉक्टरों की टीम बनेगी। एक सप्ताह के अंदर इसे लागू करने का प्लान है।

 

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आलोक पाण्डेय
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