वाहन प्लेटों पर ये शब्द गैर कानूनी, जुर्माने के साथ हो सकती है जब्ती

दो व चार पहिया वाहन प्लेटों पर न लिखवाएं नाम, यातायात पुलिस कर देगी चालान।

By: Vinod Nigam

Published: 18 Dec 2018, 09:20 AM IST

कानपुर। जब भी कोई व्यक्ति नई कार व बाइक खरीदता है तो सबसे पहले मनमुताबिक गाड़ी नंबर के लिए डीलर्स व दलालों से सपंर्क करता है। नबंर मिलने के बाद वो वाहन पर रुतबा कायम करने के लिए कुछ न कुछ जरूर लिखवाता है। वाहन धारक, अपनी जाति, पेशा और पद का नंबर प्लेट पर उल्लेख जरूरी समझते हैं। पर कानून के हिसाब से गैरकानूनी है और जिस पर कानपुर यातायात पुलिस सख्ती दिखाते हुए ऐसे वाहनों को रोक कर उनका चालान काट रही है। इसके अलावा वाहनों को जब्त भी किया जा रहा है। यदि आपके वाहन में कुछ लिखा है तो उसे तत्काल मिटा दें, नही तो सड़क पर किसी भी वक्त सफेद पुलिस के शिकंजे में आप फंस जाएंगे।

यातायात पुलिस की पड़ी नजर
हैवी व्हीकल से प्रेरित होकर दो पहिया और चार पहिया वाहनों पर पद और पेशा का उल्लेख करके रोड पर अपनी महत्ता साबित करने का दौर चल पड़ा है। हालांकि ये कवायद नियम के खिलाफ है। परिवहन विभाग के नियमों के मुताबिक नंबर प्लेट पर ऐसा कुछ भी लिखना कानून के खिलाफ है। यहां तक कि नंबर प्लेट पर नंबर भी सामान्य समझी जाने वाली लिपि में लिखे होने चाहिए। पर नंबर लिखवाने में वाहन धारक अपनी रुचि के हिसाब से कई तरह के अंकों और रंगों का इस्तेमाल करते हैं। वाहनों पर लगी इन विधि विरुद्ध नंबर प्लेटों पर परिवहन विभाग व यातायात पुलिस की नजर पड़ चुकी है। चौराहों पर चेकिंग के दौरान इन्हें पकड़ कर जुर्माना वसूलने के साथ वाहन धारक को लिखे हुए शब्दों को मिटाने को कहा जा रहा है।

क्या कहते हैं नियम
वाहनों का पंजीयन करते समय परिवहन विभाग वाहन की पंजीयन संख्या आवंटित करता है। पंजीयन संख्या वाहन के दोनों तरफ(आगे- पीछे) लगी नंबर प्लेटों पर अंकित की जाती है। वहीं वाहन की नंबर प्लेट सफेद रंग की होनी चाहिए। और उस पर नंबर काले रंग से लिखे होना चाहिए। नंबर प्लेट पर लिखे नंबर परिवहन विभाग द्वारा निर्धरित माप के अनुसार होना चाहिए। छोड़े न बड़े। पर सड़क पर भौकाल के चलते वाहन धारक इन नियमों का पालन नहीं करते। दो पहिया वाहनों में कहीं प्रेस तो किसी में पुलिस, सरकारी नौकरी, मडर गिफ्ट, फादर गिफ्ट, गर्लफेंड गिफ्ट सहित अनेक प्रकार के शब्द लिखे मिलने आम बात हो गई है।

कार्रवाई का है प्रावधान
अगर कोई वाहन चालक परिवहन विभाग के नियम अनुसार नंबर प्लेट पर सही नियम के अुनसार नंबर नहीं लिखवाता है तो विभाग उस पर कार्रवाई कर सकता है। एआरटीओ ने बताया कि परिवाहन विभाग नए वाहनों पर हाईसिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना शुरू किया था। जिससे नंबर प्लेट पर कोई स्थान नहीं मिलने के कारण वाहन चालकों को प्लेट पर पद, नाम या पेशे को दर्शाने का स्थान नहीं मिलता था। और विभाग के माप के अनुसार नंबर होने से प्लेट पर अंकित शब्द भी साफ दिखाई देते थे। फिर भी यदि चालक वाहनों में कुछ लिखवता है तो उसके खिलाफ यातायात पुलिस व परिवहन विभाग कार्रवाई करता है। इस पर अभियान भी चलाया गया। कई चार पहिया वाहनों पर जुर्माने के साथ जब्ती भी की गई।

इन शब्दों का ज्यादा चलन
वाहनों पर राजनीतिक पद या पहचान, पुलिस, सीआरपीएफ, बीएसएफ, प्रेस व सेना।’ जाति ***** शब्द या क्षेत्रीय दबंग पहचान को दर्शाने वाले शब्द, धार्मिक चिन्ह और उससे जुड़ी दूसरी चीजें।’ विभागीय पहचान मसलन कलेक्ट्रेट बैंक, एमपीईबी और न्याय विभाग आदि, शब्द अधिकतौर पर लिखे होते हैं। पुलिस अधीक्षक यातायात सुशील कुमार ने कहा कि ट्रेफिक चैकिंग के दौरान गलत नंबर प्लेटों की जांच की जाती है। फाइन किया जाता है। इस संदर्भ में लोगों को समझाइश भी दी जाती है। कहा, निर्धारित फॉर्मेट में नंबर प्लेट होना चाहिए। इसका पालन न करने पर जुर्माना है। हम लोगों ने हाल में ही चैकिंग अभियान के दौरान ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की है।

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