सपा के दिग्गज नेता घरों में रहे नजरबंद, सीएम के जाने के बाद हुए आजाद

Vinod Nigam | Updated: 17 Sep 2019, 08:55:02 AM (IST) Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

6 घंटे से ज्यादा तक घरों में पुलिस की निगरानी में रहे सपाई, कुछ ने विरोध किया तो उन्हें हिरासत में लेकर बसों के जरिए पुलिसलाइन पहुंचाया।

कानपुर। सीएम योगी आदित्यनाथ की जनसभा के विरोध में सोमवार को समाजवादी पार्टी के नेताओं ने विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था। जिसके चलते पुलिस ने सुबह ही सपा के दिग्गज नेताओं को उनके घरों पर नजरबंद कर दिया। बावजूद आर्यनगर से विधायक अमिताभ बाजपेयी, उजमा सोलंकी, इरफान सोलंकी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और सीएम की जनसभा स्थल पर जाने लगे। आनन-फानन में पुलिस ने सभी को बसों के अंदर भूसे की तरह भर कर पुलिसलाइन ले गई। देरशाम सभी को छोड़ा गया। करीब 6 घंटे तक सभी नेता पुलिस की निगरानी में रहे।

बस में बैठाकर ले गए पुलिसलाइन
बिगड़ी कानून व्यवस्था सहित तमाम जनसमस्याओं को लेकर सपा ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आर्यनगर से विधायक अमिताभ बाजपेयी अपने कार्यकर्ताओं के साथ सड़क पर उतर आए और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहने लगे। इस बीच वो सीएम योगी आदित्यनाथ से मिल कर उन्हें एक ज्ञापन देने के लिए सेंट्रल पार्क जाने लगे। पुलिस ने उन्हें रोका तो विधायक आगबबूला हो गए और सड़क पर धरने में बैठ गए। उग्र हो रहे सपाईयों को रोकने के लिए पुलिस ने हल्काबल प्रयोग करते हुए सपा विधायक समेत उनके समर्थकों को हिरासत में लेकर नजरंबद कर दिया।

घर से नहीं निकल पाए सपाई
चकेरी में सपा नेता उजमा सोलंकी, फतेहबहादुर गिल, रामनरेश यादव, बंटी यादव सहित कई दिग्गज नेता सीएम को ज्ञापन देने के लिए सुबह रैलीस्थल पर जाने की तैयारी कर रहे थे। तभी पुलिस आई गई और सभी को उनके घरों में नजरबंद कर दिया। फतह बहादुर ने कहा कि प्रदेश की जनता के साथ योगी सरकार, मंत्री सांसद विधायक और सरकारी अफसर अन्याय कर रहे हैं। लोगों के घरों पर प्रदूषित पेयजल आ रहा है। सड़कें गडढ्ों में तब्दील हो गई हैं। बिजली की कटौती से जनता परेशान है। अधिकारी शिकायते सुनने को तैयार नहीं। इन्हीं जनसमस्याओं के बारे में सीएम को जानकारी देनी थी, पर घर के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई।

सीएम के जाने के बाद रिहाई
सीएम के कानपुर से जाने के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर नजरबंदी हटा ली गई। सपा नेता उजमा सोलंकी का आरोप है कि भाजपा नेतओं के इशारे पर पुलिस ने हमें घर से बाहर नहीं निकलनें दिया। संबिधान से हमें जो आजादी मिली हुई है, उसका सीधे उल्लंघन किया गया है। बताया, मेरे एक रिश्तेदार अस्पताल में एडमिट थे। मुझे उनको देखने के लिए जाना था। फिर भी पुलिस ने मुझे बाहर नहीं निकलनें दिया। कहा, समाजवादी लोग प्रदेश सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे। अब हम भाजपा नेताओं के घर के बाहर धरना-प्रदर्शन कर सो रही सरकार को जगाएंगे।

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