जिंदा है खुंखार डकैत बबुली कोल, मौत की खबर झूठी होने का दावा, बयान से मचा हड़कंप

Vinod Nigam | Updated: 23 Sep 2019, 12:51:42 PM (IST) Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

गुलाली गैंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दोनों के बिसरा का डीएनए टेस्ट की मांग, एनकाउंटर को बताया फर्जी।

कानपुर। पाठा के कुख्यात डकैत बबुली कोल और लवकेश के मारे जाने के बाद नए-नए खुलासे हो रहे हैं। इस बीच गुलाबी गैंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष संपत पाल ने एक वीडियो जारी कर डकैत के जिंदा होने का दावा किया है। संपत पाल ने कहा है कि मुठभेड़ में दोनों डकैत नहीं मारे गए। यूपी और एमपी की पुलिस ने उनकी मौत के पुख्ता साक्ष्य नहीं दिखाए। हमनें मांग की थी कि इनके बिसरा के साथ परिजनों का डीएनए टेस्ट कराया जाए, पर पुलिस ने ऐसा कुछ नहीं किया। बबुली कोल के सिर पर भाजपा, सपा व बसपा नेताओं का हाथ रहा है और मानिकपुर सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले उसकी मौत की कहानी रची गई है।

क्या है पूरा मामला
मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में आतंक का पर्याय बने कुख्यात डकैत बबली कोल और उसके साथी लवलेश कोल को एक सप्ताह पहले पुलिस ने एनकाउंटर में मारे जाने की पुष्टि की थी। सतना पुलिस ने दावा किया था कि धारकुंडी थाना क्षेत्र के वीरपुर के पास पहाड़ी में डकैतों को एनकाउंटर में ढेर कर दिया। बबली कोल पर करीब सात लाख का इनाम था जबकि डकैत लवलेश कोल पर एक लाख 80 हजार का इनाम था। दोनों डकैतों के खात्में पर गुलाबी गैंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने संदेह जाहिर करते हुए उनके जिंदा होने का बड़ा दावा किया है।

डीएनए टेस्ट की मांग
सपंत पाल ने वीडियो जारी कर बताया है कि डकैत बबुली कोल और लवकेश के मारे जाने के बाद, जिस तरह से एमपी और यूपी पुलिस आएदिन अपनी-अपनी पीट थपथपा रही है, वह गहरी साजिश की ओर इशारा कर रही है। बताया, अभी कुछ दिन पहले चित्रकूट पुलिस ने एक कोल समाज के लड़के को मीडिया के सामनें पेश कर उसके जरिए कहलवाया गया कि उसी ने बबुली और लवकेश को मारा है। संपत पाल का आरोप है कि दोनों डकैत मारे नहीं, बल्कि जिंदा हैं। हम एमपी पुलिस से मांग करते हैं कि दोनों के बिसरा का डीएनए टेस्ट कराया जाए।

इस वजह से जताई आशंका
संपत पाल ने बांदा और चित्रकूट पुलिस किस तरह से कार्य करती है, उसका खुलासा किया। संपत पाल ने बताया कि कमासिन थानाक्षेत्र के मर्वा गांव की एक युवती अपने ससुराल से गायब हो गई। पिता ने गुमशुदकी रिपोर्ट दर्ज करावाई। कुछ दिन के बाद एक शव पुलिस ने बरामद किया। जिसकी शिनाख्त गुमशुदा युवती के तौर पर हुई। युवती के पिता की तहरीर पर पुलिस ने उसके ससुरालवालों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पीड़ित परिवार के लोग हमसें मिले और न्याय की गुहार लगाई। हम बांदा डीआईजी से मिलकर युवती के बिसरा का डीएनए टेस्ट की मांग की। डीएनए टेस्ट के बाद रिपोर्ट आने से पहले युवती दिल्ली के पंजाबी बाग से अपने गांव लौट आई।

...तो गोली लगेगी छाती पर
संपत पाल ने बांदा-चित्रकूट से सांसद आरके पटेल पर आरोप लगाते हुए बताया कि ये समाजवादी, बसपा के बाद भाजपा में आए। पाठा के डकैतों के चलते आरके पटेल की राजनीति चमकती रही। संपत पाल ने बताया कि 2002 के विधानसभा चुनाव के दौरान ददुआ ने आरके पटेल के पक्ष में फरमान जारी करते हुए कहा कि वोट पड़ेगा हाथी पर नही ंतो गोली पड़ेगी छाती पर। इसी फरमान के बाद आरके पटेल की जीत हुई। संपत पाल का आरोप है कि मानिकपुर सीट पर होने वाले उपचुनाव के चलते बबुली कोल के एनकाउंटर का खेल रचा गया है। यदि सच में डकैत मारा गया है तो एमपी पुलिस उसके बिसरा का डीएनए टेस्ट कराए।

जीत-हार में निभाते हैं अहम रोल
संपत पाल के मुताबिक मानिकपुर विधानसभा सीट पर करीब 50 से ज्यादा कोल आदिवासी समाज के मतदाता हैं। बबुली और लवकेश भी इसी समाज से आते हैं। पहले इस समाज के लोग ददुआ के इशारे पर मतदान करते थे। उसकी मौत के बाद बबुली कोल का यहां बोलबाला हो गया। संपत पाल ने भाजपा सांसद पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया है कि बबुली कोल के एनकाउंटर के पीछे इन्हीं की साजिश है।

Show More
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned