...परिंदा भी नहीं मार पाएगा पर

...परिंदा भी नहीं मार पाएगा पर

Vinod Nigam | Publish: Aug, 15 2019 08:15:02 AM (IST) Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

Independence Day 2019 : 15 अगस्त के चलते शहर में रहेगी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, हर गतिविधि पर पुलिस के साथ खूफिया एजेंसियों की रहेगी नजर।

कानपुर। देश आजादी की 73वीं वर्षगांठ मना रहा है, जिसे लेकर लोगों में उत्साह व जश्न का माहौल है। पूरे शहर में में पुलिस और खुफिया विभाग के अधिकारी नजर रखे हुए हैं। संवदेनशील इलाकों में द्रोन के जरिए निगरानी की जा रही थी तो वहीं अन्य इलाकों में पुलिसबल के साथ पीएसी के जवान तैनात किए गए हैं। एसएसपी अनंत देव तिवारी ने बताया कि लोग बेखौफ होकर स्वतंत्रता दिवस के साथ रक्षाबंधन पर्व मनाएं। साथ ही अफवाहों से दूर रहें और अरातकतत्व कोई गड़बड़ी करने का प्रयास करें तो तत्काल पुलिस को बताएं।

हाई अलर्ट पर पुलिस
जम्मू एवं कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को अप्रभावी बनाने और इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांटने के केंद्र सरकार के फैसले के बाद पाकिस्तान से तनातनी के बीच आर्थिक राजधानी कानपुर में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। उत्तर मध्य रेलवे के आईजी एसएन पांडेय ने कानपुर सेन्ट्रल स्टेशन की सरुक्षा व्यवस्था को परखा और 15 अगस्त तब लगातार सघन चेकिंग अभियान चलाए जाने के दिशानिर्देश दिए। साथ ही स्टेशन परिसर के चप्पे-चप्पे में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनके जरिए हर गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। एडीजी प्रेमप्रकाश ने भी इस बाबत पुलिस को भीड़भाड़ वाले स्थानों और कार्यक्रम स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के लिए कहा है।

9 आतंकियों की मिली सूची
गृहमंत्रायल की तरफ से यूपी सरकार को आजमगढ़ के नौ आतंकवादियों की सूची सौंपी गई हैं। जिनमें आजमगढ के राजा का किला के पास रहा मिर्जा शादाब बेग, सरायमीर के संजरपुर गांव निवासी मोहम्मद खालिद व मो. साजिद, शादाब अहमद, डॉ. शहनवाज आलम, अबू राशिद, मो. राशिद उर्फ सुल्तान, फरिहा निवासी वासिक, इब्राहिमपुर निवासी फहद शामिल हैं, जो फरार चल रहे हैं। आतंकियों का ब्योरा आने के बाद एडीजी ने सभी जिलों में हाईअलर्ट किया है।

इस वजह से अलर्ट पर पुलिस
कानपुर में आयुध-सैन्य के साथ ही प्रौद्योगिकी संस्थान, एयरपोर्ट, पॉवर हाउस, गैस प्लांट जैसे स्थानों की वजह से जिला आतंकियों और स्लीपिंग माड्यूल्स की गढ़ बन गया है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और अन्य आतंकी संगठनों की गतिविधियां तमाम बार यहां ट्रेस की गई हैं। कई आतंकी और आईएसआई एजेंट भी पकड़े जा चुके हैं। कई साल पहले दिल्ली में पकड़े गए आईएसआई के एक एजेंट ने कानपुर में रहकर लंबे वक्त कर रेकी की थी। उसने स्वीकार किया था कि आईएसआई के लिए कानपुर सूचना एकत्र करने का बड़ा हब है।

एटीएस के हत्थे लगा था कमरुज्जमां
पिछले साल शहर में सिद्धि विनायक मंदिर व अन्य स्थानों पर हमले की साजिश रच रहे हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी कमरुज्जमां को भी गिरफ्तार किया गया था। वहीं 12 साल पहलेरू आईएसआईएस एजेंट मुन्ना पाकिस्तानी बाबूपुरवा से पकड़ा गया। 11 सितंबर 2009 को सचेंडी से आईएसआई एजेंट इम्तियाज गिरफ्तार। 27 सितंबर-2009 को बिठूर से आईएसआई एजेंट मोहम्मद वकास पकड़ा गया। 18 सितंबर-2011 को रांची के दुर्वा में रहने वाला आईएसआई एजेंट फैसल रहमान रेलबाजार से पकड़ा गया। जुलाई 2012 को सेंट्रल स्टेशन से फिरोज नाम का आतंकी पकड़ा गया। अप्रैल 2014रूपटना में विस्फोट के मामले में संदिग्ध आतंकी को पनकी स्टेशन से एटीएस ने पकड़ा।

जाजमऊ से पकड़े गए आतंकी
जाजमऊ में रहने वाले सैफुल्लाह और उसके साथियों ने पिछले साल भोपाल में भोपाल-उज्जैन पैसेंजर में विस्फोट किया था। घटना में कई लोग जख्मी हुए थे। वारदात के बाद एटीएस ने लखनऊ में सैफुल्लाह को मुठभेड़ में मार गिराया था। इसके बाद एटीएस ने सैफुल्लाह के सात साथियों को जाजमऊ से ही गिरफ्तार किया था। एटीएस ने सैफुल्लाह गैंग से असलाहा और बारूद सल्पाई करने वाले लोगों को भी सलाखों के पीछे भेजा था। मामले में बंद 10 से ज्यादा लोगों की अभी तक जमानत नहीं हुई है।

 

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