सजा पूरी करने बाद भी जेल के अंदर दो दर्जन बंदी

Vinod Nigam

Publish: Jun, 16 2019 08:15:01 AM (IST)

Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

कानपुर। प्रदेश सरकार अक्सर 15 जनवरी व 26 जनवरी को जेल के अंदर कई सालों से बंद कैदियों को रिहाई का आदेश देती है। पर कानपुर कारागार में एक ऐसा मामला समाने आया है, यहां सजा पूरी करने के बाद दो दर्जन बंदी सलाखों के पीछे सजा भुगत रहे हैं। जेल विजिटर सदस्य अधिवक्ता के मुताबिक कोर्ट का तलबी आदेश नहीं मिलने के कारण बंदी छोड़े नहीं गए। जल्द ही कागजी कार्रवाई के बाद सभी बाहर आएंगे।

ऐसे हुआ खुलाशा
बीते दिनों जिला कारागार में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिविर लगा। शिविर में यह समस्या उठी तो बंदियों ने एक-एक कर अपने बारे में बताना शुरु किया। सजा काट चुके इन बंदियों की समस्या को जेल विजिटर अधिवक्ता उरुसा हबीब ने गंभीरता से लिया। इसके बाद उन्होंने ऐसे बंदियों को पूरा रिकार्ड जेल प्रशासन से जुटाया तो ऐसे 23-24 बंदियों के मामले सामने आए जो अपनी सजा पूरी कर चुके हैं, लेकिन कानूनी दस्तावेज में आई अड़चन में फस गये और उनकी जेल से रिहाई नहीं हो सकी।
बंदियों पे रो-रो कर सुनाई व्यथा
जेल विजिटर अधिवक्ता उरुसा ने शनिवार को बताया कि जेल के अंदर ऐसे कई बंदी मिले, जिन्हें दो साल पहले कोर्ट ने रिहा करने का आदेश दे दिया था, पर तलबी आदेश नहीं पहुंच पाने के चलते वे कारावास की अमिरिक्त सजा काट रहे हैं। जेल विजिटर अधिवक्ता उरुसा ने बताया कि समस्या को लेकर जेल में जाकर कैदियों से मिलें। उनकी समस्या को सुनी तो पता चला की उनकी जमानत हो चुकी है, लेकिन कोर्ट के आदेश की प्रति न मिलने से उन्हें छोड़ा नहीं जा रहा है। कुछ बंदी ऐसे हैं जो रो-रो कर बता रहे थे वो जेल के अंदर है फिर भी उन पर चार्ज लग गए हैं, और उनकी पैरवी नहीं हो पा रही है।
20 की फाइल भी नहीं मिल रही
जेल विजिटर अधिवक्ता उरुसा के मुताबिक इस पर जब पता किया तो जानकारी हुई कि लगभग बीस कैदी ऐसे हैं जिनकी तलबी आदेश नहीं हो पा रही है और उनकी कोर्ट में फाइल भी नहीं मिल रही है। हम लोग प्रयास में है कि जल्द उनकी फाइल मिलें और उनकी तलबी हो पाये। उन्होंने बताया कि इसका सबसे बड़ा कारण कोर्ट का ट्रांसफर होना बताया जा रहा, जिसके चलते उनकी फाइल इधर से उधर हो जाती है। हम लोग कोशिश कर रहे हैं जल्द से जल्द उनकी फाइलें मिलें और इनकी तलबी हो सके।
पहले विधिक सेवा सक्रिय नहीं था
जेल विजिटर सदस्य अनूप कुमार द्विवेदी ने बताया कि विधिक सेवा से अभी तक जेल विजिटर भी नहीं था। यह बड़ा कारण है हम लोगों को पता लगा की काफी कैदियों की तलबी नहीं हो पाई है। यह भी पता लगा कि जेल में ऐसे कैदी है कि जिन्हें किसी अपराध में छह महीने की सजा है लेकिन उनकी दो-दो साल से तलबी नहीं हुई। साथ में पहले विधिक सेवा भी इतनी सक्रिय नहीं थी। इस समय हमारे विधिक सेवा के सदस्य मन लगा कर काम कर रहे हैं जल्द ही इन कैदियों को इसका लाभ उनकी रिहाई के रुप में मिलेगा।

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