किराए के मकान में कर रहे थे गंदा काम, पुलिस ने छापामारकर किया सेक्स रैकेट का भंडाफोड़

संचालक दंपति अपने एक रिश्तेदार संग चला रहे थे यह गिरोह

फोन कॉल की जगह सौदेबाजी के लिए करते थे व्हाट्सएप

कानपुर। शहर के चकेरी इलाके में पुलिस को एक किराए के घर में सेक्स रैकेट चलता मिला। छापेमारी के दौरान यहां से नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें संचालक भी शामिल है। इस रैकेट में आसपास के जिलों की भी लड़किंया और लडक़े शामिल हैं। मौके से पुलिस को कई आपत्तिजनक चीजें भी मिली हैं। पुलिस के मुताबिक यह रैकेट पिछले एक साल से चल रहा था। इस रैकेट को पति-पत्नी अपने एक रिश्तेदार की मदद से चला रहे थे।

दंपति ने लिया था किराए पर मकान
चकेरी थाना क्षेत्र के श्याम नगर रामपुरम में अजय सिंह का एक मकान है। इसे अचलगंज उन्नाव निवासी राघवेंद्र शुक्ला ने किराए पर लिया था और वह अपनी पत्नी के साथ यहां रहने लगा। इसी मकान में दोनों ने देह व्यापार का काम शुरू कर दिया। इसमें दोनों का एक रिश्तेदार नौबस्ता के पशुपतिनगर का रहने वाला आशुतोष ओझा मदद करता था। इतना ही नहीं आशुतोष की पत्नी भी इस काम में शामिल थी ग्राहक फंसाने का काम करती थी।

सौदेबाजी का नया तरीका
सेक्स रैकेट संचालकों ने पूरा काम बड़े हाईटेक तरीके से संचालित कर रखा था। ग्राहक को फोटो दिखाने से लेकर सौदेबाजी तक का काम व्हाट्सएप के जरिये ही होता था। किसी से मिलने या कॉल करने की नौबत ही नहीं आती थी। गिरोह महिलाओं को आगे कर रैकेट का संचालन कर रहा था। पुलिस ने इन चारों के अलावा कैंट लालकुर्ती निवासी सत्यम द्विवेदी और चार अन्य युवतियों को गिरफ्तार किया। इंस्पेक्टर ने बताया कि राघवेंद्र व आशुतोष के मोबाइल से पता चला है कि वह 50 से अधिक व्हाट्सएप ग्रुप बनाए हैं जिस पर वह ग्राहकों को युवतियों की फोटो भेजते थे। फिर रेट तय होता था। उसकेबाद ग्राहक उसके घर पर आते थे।

१५०० में भी होता था सौदा
लड़कियों की वैल्यू के हिसाब से 1500 रुपये से लेकर पांच हजार रुपये तक में सौदा होता था। इसके अलावा सुरक्षित जगह मुहैया करवाने के नाम पर अलग रकम वसूलते थे। आरोपियों में शामिल फतेहपुर के बकेवर निवासी बलवीर की पत्नी भी ग्राहक लाने का काम करती थी। रैकेट का नेटवर्क प्रदेश के कई अन्य शहरों और दिल्ली में भी फैला हुआ है। कई बड़े सेक्स रैकेट संचालक इनके संपर्क में हैं।

मकान मालिक लापता
पुलिस मकान मालिक की भी तलाश कर रही है। हालांकि उसके बारे में खास जानकारी नहीं मिल सकी है। लोगों ने बताया है कि उसका कानपुर में ही दूसरा मकान है जहां वह रहता है। पुलिस उस तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। पुलिस ने जब छापा मारा तो राघवेंद्र ने अपना मोबाइल तोड़ दिया। पुलिस ने मोबाइल ले तो लिया है लेकिन कुछ भी हासिल नहीं हुआ।

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आलोक पाण्डेय
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