...तो बबुआ को चाचा डुबो कर ही लेंगे दम, ‘मुलायम के लोग’ कर रहे हैं प्लानिंग

अखिलेश की साइकिल पंचर करने में जुटे चाचा, ‘मुलायम के लोग’ लगा रहें हैं पूरी ताकत।

कानपुर. उत्तर प्रदेश में चुनावी समर अपने चरम पर है। कानपुर-बुंदेलखंड के जिलों में राजनीतिक दल मतदाताओं के घर-घर जाकर वोट मांग रहे हैं। यहां की सियासत में तीन दशक से ज्यादा समय से सैफई के यादव परिवार का अहम रोल रहा है, लेकिन छह माह पहले समाजवादी आपस में उलझ गए और सीएम अखिलेश यादव ने पिता के हाथों से साइकिल छीन, चाचा शिवपाल यादव को किनारे लगा दिया। इससे चाचा शिवपाल अपने भतीजे से खासे नाराज  हैं और चुनाव में सीएम के गठबंधन पर तैयार साइकिल को पंचर करने के लिए जुट गए हैं। शिवपाल यादव के करीबी और सपा से इटावा के पूर्व सांसद रघुराज सिंह शाक्य ने पत्रिका से खास बातचीत के दौरान कहा कि सीएम चाटुकारों से घिरे हुए हैं। जिस चाचा ने उन्हें राजनीति की ABCD सिखाई, उन्होंने उन्हीं पर तलवार चला दी। लेकिन शिवपाल यादव का रूतबा सूबे की सियासत में आज भी कायम है और इसका प्रमाण 11 मार्च को दिखाई देगा।


चौगुर्जी में खुला मुलायम दफ्तर

सपा के गृह क्षेत्र इटावा में ‘मुलायम के लोग’ नाम से नया संगठन तैयार किया गया है। बाकायदा इस नाम से चौगुर्जी में कार्यालय भी खोल दिया गया है। यहां शिवपाल गुट के नेताओं की गतिविधियां जारी हैं। यहां पर शिवपाल गुट के पूर्व सपा जिलाध्यक्ष सुनील यादव, केके यादव, धर्मवीर यादव बिट्टू, आदित्य यादव गोविंद, कृष्ण मुरारी गुप्ता, अजय भदौरिया आदि नेता एकत्रित होकर आगे की रणनीति बनाते हैं। सभी नेता वहीं हैं जिन्हें शिवपाल यादव ने संगठन में जिम्मेदारी सौंपी थी, यह सभी सपा की मुख्यधारा से अलग हैं। आने वाले दिनों में ‘मुलायम के लोग’ के नाम पर बना यह संगठन राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकता है। पूर्व जिलाघ्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि कुछ दिन बाद ऐसे दफ्तर अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी खोले जाएंगे। यहां पर मुलायम सिंह और शिवपाल यादव के लोग बैठेंगे।


खोले जाएंगे मुलायम दफ्तर

चौगुर्जी में ‘मुलायम के लोग’ नाम से शुरू हुए कार्यालय में (शिवपाल के समर्थक कहे जा रहे) सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का जमघट लगा रहता है। पूर्व सपा जिलाध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि जिस तरह से हमारे नेता शिवपाल यादव को पार्टी से किनारे किया गया है इससे हम काफी आहत हैं। आने वाले दिनों में कानपुर जोन और बुंदेलखंड में हम मुलायम दफ्तर खोलेंगे और 11 मार्च के बाद नेता जी के ही नाम से नई पार्टी बनाएंगे। सुनील यादव ने दो टूक शब्दों में कहा कि प्रोफेसर साहब ने कांग्रेस से मिलकर सपा को बर्बाद करने का काम किया है। चुनाव बाद अखिलेश यादव के सामने जब हकीकत आएगी तब उन्हें पता चलेगा कि अच्छा और बुरा कौन है। ‘मुलायम के लोग’ कार्यालय पर पूर्व सपा जिला उपाध्यक्ष शिव प्रताप भदौरिया, आशीष पटेल, फरहान शकील, दीपक भदौरिया, धीरेंद्र यादव, अभिलाष यादव, गंभीर सिंह यादव, रिंकू यादव, दिलीप यादव, सिकंदर, ललित चौबे, अरविंद यादव, अनवार हुसैन, कामिल कुरैशी आदि सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।


साढ़ू भी मुलायम दफ्तर के अंदर

सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के साढ़ू एवं बिधुना से निर्वतमान विधायक प्रमोद कुमार गुप्ता का टिकट काटे जाने से वह भी सीएम से नाराज हैं और चाचा शिवपाल के दफ्तर में हाजिरी लगा रहे हैं। बिधुना से सिटिंग विधायक प्रमोद कुमार गुप्ता की जगह पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्वर्गीय धनीराम वर्मा के बेटे दिनेश वर्मा उर्फ गुड्डू को सपा उम्मीदवार बनाया गया है। प्रमोद सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के साढ़ू हैं। प्रमोद गुप्ता ने कहा कि वह नेता जी की सेना के छोटे से सिपाही हैं। हमारे नेता वही हैं, लेकिन प्रोफेसर साहब ने सपा के अंदर से रार करवा दी। इससे पार्टी को बहुत नुकसान हुआ है।


छोटे चौधरी परिवार ने बनाई दूरी

कनपुर दक्षिण में सपा की रीड़ की हड्डी कहे जाने वाले हरमोहन सिंह के पुरवा के छोटे चौधरी के परिजन भी 2017 के चुनाव से दूरी बनाए हुए हैं। बताया जा रहा है कि राज्यसभा सांसद सुखराम सिंह यादव भी सीएम से नाराज हैं। क्योंकि टिकट वितरण के समय उनसे भी राय नहीं ली गई। इसके पहले जितने भी चुनाव यूपी में हुए हरमोहन सिंह के पुरवा में रौनक रहती थी। शाम को खुद छोटे चौधरी चौपाल लगाते थे और सपा कैंडीडेटों को विजयी बनाने के लिए रणनीति बनाते थे।
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नितिन श्रीवास्तव
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