शिवपाल यादव ने कानपुर में खेला मुस्लिम कार्ड, अतीक के करीबी बाहुबली को बनाया जिलाध्यक्ष

शिवपाल यादव ने कानपुर में खेला मुस्लिम कार्ड, अतीक के करीबी बाहुबली को बनाया जिलाध्यक्ष

Vinod Nigam | Publish: Oct, 13 2018 03:46:35 PM (IST) | Updated: Oct, 13 2018 03:46:36 PM (IST) Kanpur, Uttar Pradesh, India

पूर्व सपा जिलाध्यक्ष महताब आलम को कानपुर की मिली जिम्मेदारी, सपा, बसपा के वोटबैंक में लगाएंगे सेंध

कानपुर। समाजवादी पार्टी से किनारा कर चुके है पूर्व मंत्री शिवपाल यादव अब समाजवादी सेक्युलर मार्चे का कुनबा बढ़ा रहे हैं। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रहे अतीक अहमद के करीबी बाहुबली महताब आलम को कानपुर की जिम्मेदारी सौंपी है। शिवपाल के इस फैसले ने अखिलेश और मायावती के खेमें के अंदर हलचल बढ़ा दी है। कानपुर मंडल के प्रभारी रघुराज शाक्य ने बताया कि महताब आलम पुराने समाजवादी नेता हैं और उनके साथ आने से मोर्चे की ताकत बढ़ी है। शाक्य ने कहा कि पार्टी संस्थापक शिवपाल यादव ने उन्हें पार्टी के अहम ओहदे पर सोंच-समझ कर बैठाया है और हमसब मिलकर लोकसभा चुनाव 2019 में बीजेपी को यूपी से हराकर सेक्युलर सोंच वाले दलों के साथ मिलकर दिल्ली में सरकार बनाएंगे।

महताब को बनाया जिलाध्यक्ष
समाजवादी पार्टी से अगल होकर सेक्युलर मोर्चे का गठन करने के बाद शिवपाल यादव एक-एक कर भतीजे अखिलेश के कद्दावर नेताओं को अपने साथ ला रहे हैं। जगनायक सिंह यादव के बाद कानपुर की कमान मुस्लिम चेहरे महजाब आलम को सौंपी है। महताब आलम अतीक अहमद के करीबी हैं और उनके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। इसी के चलते समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने 2017 विधानसभा चुनाव से पहले अध्यक्ष पद से हटाकर फजल महमूद के हाथों में साइकिल की कमान थमा दी थी। इसी के बाद महताब आलम सपा के खिलाफ हो गए थे।

शिवपाल के करीबी, दर्ज हैं कई मुकदमे
गज्जूपुरवा में मौत की बिल्डिंग बनाने वाला पूर्व सपा नेता महताब आलम के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। मतहाब का नाम जाजमऊ पुलिस चौकी में शातिर बदमाशों के बोर्ड में दसवें नम्बर पर लिखा है। इन पर धोखाधड़ी और जमीनों पर कब्जा करने के आधा दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। पूर्व सपा नेता महताब आलम करीब डेढ़ दशक पहले राजनीति में कदम रखा था। इन्हें पूर्व मंत्री शिवपाल यादव का बेहद करीबी माना जाता है। शिवपाल यादव ने महताब आलम को विधानसभा चुनाव का टिकट भी दिलाया था। हालांकि वो चुनाव नहीं जीत पाए थे। इसके बाद उन्हें शिवपाल यादव ले समाजवादी पार्टी का जिलाध्यक्ष बना दिया था। राजनीति से जुड़े जानकार लोगों की माने तो शिवपाल यादव ही राजनीति में महताब आलम के गॉड फादर हैं।

10 मजदूरों की हुई थी मौत
एक फरवरी 2017 को गज्जूपुरवा में महताब आलम की निर्माणाधीन पांच मंजिला इमारत भरभरा कर ढह गई थी। हादसे में 10 मजदूरों की मौत व आधा दर्जन जख्मी हो गए थे। पुलिस ने सपा नेता की काफी तलाश की लेकिन वह मिला नहीं। उसने हाईकोर्ट से अरेस्टग स्टे ले लिया था। स्टे की मियाद खत्म होने पर पुलिस ने दोबारा से खोजबीन की लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। पिछले छेड़ साल से महताब आलम फरार चल रहे हैं। हलांकि कुछ लोगों का कहना है कि उन्होंने फिर से स्टे ले लिया है। वहीं सपा नेताओं की मानें महताब आलम के सिर पर पहले से ही शिवपाल यादव का हाथ था। इसी के चलते वो अखिलेश सरकार के दौराल सलाखों के पीछे नहीं जा पाए। बीजेपी की सरकार बनने के बाद भी उन्हें कोई समस्या नहीं आई।

कई अन्य मुस्लिम नेता होंगे शामिल
महताब आलम के जिलाध्यक्ष बनाए जाने के बाद कई मुस्लिम चेहरे समाजवादी पार्टी और बसपा से नाता तोड़ मोर्चे के साथ आ सकते हैं। कईबार बसपा से चुनाव लड़ चुके एक कद्दावर मुस्लिम नेता के भी समाजवादी सेक्युलर मोर्चे में शामिल होने की चर्चाएं हैं। जानकारों का कहना है कि शिवपाल यादव उन्हें कानपुर से लोकसभा का टिकट भी दे सकते हैं। वर्तमान में वो नेता कांग्रेस के साथ है। इस मामले पर कानपुर के प्रभारी रघुराज शाक्य ने कहा कि मुलायम सिंह यादव के उन लोगों को पार्टी में शामिल किया जा रहा है, जो पिछले कई सालों से सपा के अंदर उत्पीड़न बर्दाश्त कर रहे थे। कानपुर नगर में मार्चो दमदार प्रत्यशी चुनाव के मैदान में उतारेगा।

 

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