बड़ी खबर: समाजवादी पार्टी कार्यालय में शिवपाल समर्थकों का हंगामा, लगाई लाग, मारपीट

बड़ी खबर: समाजवादी पार्टी कार्यालय में शिवपाल समर्थकों का हंगामा, लगाई लाग, मारपीट
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Shatrudhan Gupta | Updated: 05 Nov 2017, 05:49:20 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

UP Nagar Nikay Chunav 2017 : शिवपाल सिंह यादव समर्थक जिला इकाई पर धांधली का आरोप लगाकर हंगामा करने लगे।

कानपुर. यूपी विधानसभा चुनाव से पहले से सपा परिवार में चला आ रहा घमासान अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है। UP Nagar Nikay Chunav 2017 में शिवपाल समर्थकों की अनदेखी कर अखिलेश यादव के करीबियों को पार्षद के टिकट दे दिए गए, जिसके चलते दोनों गुट के कार्यकर्ता आपने-सामने आ गए है। रविवार को Shivpal Singh Yadav समर्थक जिला इकाई पर धांधली का आरोप लगाकर हंगामा करने लगे। सपा पार्षद कीर्ति अग्निहोत्री ने कहा कि यूपी चुनाव हारने के बाद भी हाईकमान ने सबक नहीं लिया और निकाय में भी चापलूसों के कहने पर काम कर रहा है, जो पार्टी से नेता जी के जमाने से साथ खड़े रहे उन्हें नजरअंदाज कर बाहरियों और धन-बल वालों को तवज्जो दी जा रही है, जिसका हम खुलकर विरोध करते हैं।

विधायक इरफान और फजल का बोलबाला

नवीन मार्केट स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय में आज नगर अध्यक्ष फजल महमूद, विधायक इरफान सोलंकी सहित अनेक नेता पार्षद पद के फाइनल हुए नामों की घोषणा कर रहे थे। इसी दौरान पार्षद सोहेल अंसारी गुट के साथ ही शिवपाल समर्थक टिकट वितरण में धांधली का आरोप लगाकर वहा हंगामा करने लगे। बैठक में मौजूद सपा विधायक इरफान सोलंकी और उनक समर्थकों ने उन्हें चुप कराने की कोशिश की तो वो मारपीट पर उतारू हो गए। दोनों तरफ से एक-दूसरे पर अरोप-प्रत्यारोप लगने शुरू हो गए, जिन्हें टिकट नहीं मिला उन्होंने कार्यालय में आग लगाने की कोशिश की, जिसे इरफन समर्थकों ने नाकाम कर दिया। इससे गुस्साए सपाइयों ने कार्यालस के बाहर जमा होकर सपा के बैनर-होर्डिग्स में आग लगा दी। मेयर के लिए टिकट मांग रहीं कीर्ति अग्निहोत्री ने बताया कि हमें पार्टी की तरफ से आश्वासन मिला था कि मेयर की जगह आपको पार्षदी का टिकट दिया जाएगा, लेकिन स्थानीय विधायक के चलते हमारा नाम लिस्ट से कटवा कर पैसे लेकर दूसरे को प्रत्याशी बनाया गया।

1200 वोटों से प्रमिला पांडेय को था हराया

सपा से महापौर पद की टिकट मांगने वाली कीर्ति का कहना है कि बीस साल से पार्टी की सेवा कर रही हूं। 2006-07 में जब सपा से पार्षद की टिकट मिली थी तब जीत हासिल की थी। इस समय बीजेपी से जो महापौर पद की प्रत्याशी प्रमिला पाण्डेय को सन 2007 में पार्षद के चुनाव में हराया थाए उन्हें महज 1200 वोट ही मिले थी। कीर्ति का कहना है की सपा से महापौर पद के लिए जब आवेदन किया तो मेरे ऊपर आवेदन वापस लेने का दबाव डाला गया। महापौर का टिकट देने से मना करने पर पार्षद का टिकट मांगा, लेकिन वह भी नहीं मिला और मेरी टिकट काट दी गयी। कीर्ति ने खुलकर कहा कि सपा नेता शिवपाल यादव के समर्थकों को किसी भी हालत में पार्टी में नहीं देखना चाहते। सभी को एक-एक कर बाहर करने की तैयारी की जा रही है। हम सब जल्द ही राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav से मिलकर शिकायत करेंगे।

विधायक अमिताभ बाजपेयी की भी नहीं चली

पार्षद पद (Nagar Nikay Chunav) के टिकट का फाइनल लिस्ट लखनऊ के रास्ते कानुपर पहुंची। लिस्ट में पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव के करीबियों के नाम गायब थे तो वहीं वर्तमान पार्षदों की जगह नए लोगों को साइकिल का हेंडल थमाई गई थी। लिस्ट में सपा के विधायक अमिताभ बाजपेयी के करीबियों के नाम भी गायब थे। वहीं सपा विधायक इरफान सोलंकी ने सफाई देते हुए कहा कि आशा निराशा हर आदमी के अंदर होती है, इसीलिए यह हो रहा है। सपा विधायक का कहना है की कार्यकर्ताओं को अनुशासन का पालन करने हुए अखिलेश यादव के फैसले का स्वागत करना चाहिए। सपा विधायक ने कार्यकर्ताओं से कहा कि अभी एक दिन का समय है। उन्होंने कहा कि धैर्य बनाए रखें, जिनके नाम लिस्ट में नहीं हंै, उन पर विचार दोबारा हो सकता है। जब नगर अध्यक्ष फजल महमूद से पूछा गया की टिकट क्यों काटी गयी तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।

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