इन हालातों में भाइयों का दूज करते हुए रो पड़ी बहनें, फिर लिया ये वचन

इन हालातों में भाइयों का दूज करते हुए रो पड़ी बहनें, फिर लिया ये वचन

Arvind Kumar Verma | Publish: Nov, 10 2018 05:49:03 PM (IST) | Updated: Nov, 10 2018 05:49:04 PM (IST) Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

दूज के पर्व पर बहनें लाचार इन भाईयों का दूज करने पहुंची तो उनके आंसू छलक पडे। फिर उन्होने दूज करते हुये भाईयों से ये वचन लिया।

कानपुर देहात-न पास में भाई था और न ही उसके आने की आशा, सिर्फ इतना पता था कि भाई इंतजार में अपनी बहन की राह देख रहा होगा। इधर बहन भी भूंखी प्यासी उसका दीदार करने की आस में मिठाई का डिब्बा लेकर पहुंच गई। हाथों में रोचना और मिठाई लेकर बहनें माती स्थित जिला कारागार के बाहर बड़ी संख्या में पहुंची महिलाओं ने कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार किया। मुलाकात का समय शुरू होते ही जेल के अंदर भाइयों को रोचना करते समय बहनों की आंखें नम हो गई। कारुणिक माहौल में बहनों ने भाइयों से अपराध से दूर रहने का वचन लिया। इस बीच भाई का दूज करते हुये भाईयो के भी आंसू छलक आये।

 

दीपावली के बाद भइया दूज पर माती जेल में निरुद्ध भाइयों को राखी बांधने के लिए बड़ी संख्या में महिलाओं ने सुबह से जेल गेट पर डेरा जमा लिया था। उनके साथ परिजन भी मुलाकात के लिए आए थे। शुक्रवार को जेल गेट पर मेले जैसा नजारा दिखा।मुलाकात के लिए घंटों लंबी-लंबी लाइनें लगाने के बाद बारी आई। जेल अधीक्षक अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि जेल में निरुद्ध 20 महिला बंदियों से रोचना करवाने आए उनके भाइयों की पहले मुलाकात कराई गई। इसके बाद मुख्य द्वार के पास बंदियों की बहनों से मुलाकात शुरू हुई। बहनों ने नम आंखों के बीच बंदियों को रोचना कर मिठाई खिलाई।

 

भावुक माहौल में बहन-भाइयों की मुलाकात का क्रम दोपहर बाद तक चला। जेल अधीक्षक ने बताया कि यहां निरुद्ध 1315 बंदियों में 20 महिलाओं के अलावा 752 पुरुष बंदियों से रोचना करवाने आए 1294 लोगों व महिलाओं की मुलाकात कराई गई। इस मौके पर जेलर कुश कुमार सिंह, डिप्टी जेलर रणंजय सिंह, राजेश राय, श्रीमती मिथलेश सिंह आदि मौजूद रहे। उन्होने बताया कि भीड़ के मद्देनजर जेल गेट पर एक सब इंस्पेक्टर के अलावा 10 महिला आरक्षी व दस सशस्त्र पुरुष आरक्षियों की ड्यूटी भी लगाई गई है।

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