फिरौती के बाद भी वापस घर नहीं पहुंचा युवक, बहन बोली अब नहीं रहा मेरा भाई, पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाकर जमकर हंगामा काटा।

By: Arvind Kumar Verma

Published: 24 Jul 2020, 06:12 PM IST

कानपुर देहात-कानपुर में अगवा हुए लैब असिस्टेंट की ह्त्या के बाद हड़कंप मच गया। मृतक की बहन ने पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। बहन के मुताबिक उसके भाई की मौत के जिम्मेदार पुलिस के अफसर हैं, जिन्होंने अगवा भाई की फिरौती का तीस लाख रुपया दिलवाया था, लेकिन भाई को बरामद नहीं किया। बताया गया कि इस मामले में प्रियंका गांधी से लेकर अखिलेश यादव तक ट्वीट किया गया है।

कानपुर में एक बार फिर पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। परिजनों का आरोप है कि 22 जून से अपहरण हुए लैब असिस्टेंट की पुलिस लापरवाही से हत्या हो गई। पुलिस ने घरवालों से अपहरण कर्ताओ को 30 लाख की फिरौती दिलवा दी, लेकिन युवक को फिर भी ज़िंदा नहीं छुड़ा पाए। गुरूवार की रात पुलिस ने कुछ युवको को पकड़ा तो उनके द्वारा युवक की हत्या की कहानी सामने आई। युवक के परिजन उसकी हत्या की खबर सुनते ही पुलिस पर आग बबूला हो गए। बहन चिल्ला चिल्लाकर कहती रही कि थानेदार, चौकी इंचार्ज और एसपी दक्षिण ही मेरे भाई की मौत के जिम्मेवार हैं।

दरअसल कानपुर के बर्रा इलाके में रहने वाले संजीत यादव का 22 जून को अपहरण हो गया था। अपहरण करने वाले घरवालों से तीस लाख की फिरौती मांगने लगे। परिजनों ने बर्रा पुलिस से लेकर एसपी साउथ अपर्णा गुप्ता को सूचना दी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने संजीत को छुड़ाने के लिए फिरौती देने के लिए हम लोगो से पैसों का इंतजाम करने को भी कहा। जिसके बाद परिवार ने घर-जेवर सब गिरवी रखकर तीस लाख इकठ्ठा किये। इसके बाद खुद पुलिस ने साथ रहकर फिरौती दिलवा दी, लेकिन संजीत को नही छुड़वा पाए और न ही अपराधियों को पकड़ पाए।

इसके बाद एसएसपी दिनेश कुमार से थानेदार रणजीत राय को सस्पेंड करके युवक को जल्द बरामद करने का वादा किया, लेकिन पुलिस फिर भी कुछ नहीं कर पाई। आखिर आज रात को पुलिस ने कुछ युवकों को पकड़ने के बाद घरवालों को सूचना दी कि संजीत की हत्या कर दी गई है। उसके शव को पांडव नदी में गोताखोरों द्वारा खोजा जा रहा है। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाकर जमकर हंगामा काटा। वहीं संजीत की बहन रूचि चिल्लाकर आरोप लगाती रही कि मेरे भाई अब नहीं है, उसकी मौत के लिए पुलिसकर्मी जिम्मेदार हैं। उन्होंने हमसे धोखा किया अब इनको जेल भेजा जाए।

वहीं एसएसपी दिनेश कुमार ने मिडिया को अपने ग्रुप में वीडियो बयान जारी करते हुए बताया कि संजीत के अपहरण में उसके ही कुछ साथियो को पकड़ा गया था। इन लोगो ने उसका अपहरण करके 26 या 27 जून को ही हत्या कर दी थी। फिर 29 जून को फिरौती मांगी गई। वहीं अपहरणकर्ताओं ने बताया कि संजीत की बॉडी को उन्होंने पांडव नदी में फेंक दिया था।जिसे गोताखोर लगाकर ढूंढ़ा जा रहा है।

Arvind Kumar Verma
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