scriptSIT Report on Mohammad Iftikharuddin on Religious Bigotry kept in cold | कानपुर के कमिश्नर रहे मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन हुए रिटायर, सरकारी आवास पर धार्मिक कट्टरता का पाठ पढ़ाने का था आरोप | Patrika News

कानपुर के कमिश्नर रहे मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन हुए रिटायर, सरकारी आवास पर धार्मिक कट्टरता का पाठ पढ़ाने का था आरोप

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के कमिश्नर रहे मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन अब रिटायर हो चुके हैं। उनके खिलाफ विशेष जांच दल की एक रिपोर्ट थी जो कि उनके रिटायर होने के बाद ठंडे बस्ते में चली गई है। उन पर सरकारी आवास पर धार्मिक कट्टरता पाठ पढ़ाने का आरोप है। उनके खिलाफ एसआईटी की सिफारिश पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हो सकी।

कानपुर

Published: March 29, 2022 02:53:38 pm

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के कमिश्नर रहे मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन अब रिटायर हो चुके हैं। उनके खिलाफ विशेष जांच दल की एक रिपोर्ट थी जो कि उनके रिटायर होने के बाद ठंडे बस्ते में चली गई है। उन पर सरकारी आवास पर धार्मिक कट्टरता पाठ पढ़ाने का आरोप है। उनके खिलाफ एसआईटी की सिफारिश पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हो सकी। जबकि राज्य में दूसरी बार योगी आदित्यनाथ की सरकार बन गई है। दरअसल, पिछले वर्ष आईएएस मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन के खिलाफ कुछ वीडियो वायरल हुए थे जिसके बाद उनके खिलाफ एसआईटी का गठन किया था। वीडियो में वह अपने सरकारी आवास पर धार्मिक चरमपंथ का पाठ पढ़ा रहे थे। मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन ने माना भी था कि यह वीडियो उनके सरकारी आवास का है। इस तरह के छह दर्जन से अधिक वीडियो बनाए गए थे।
SIT Report on Mohammad Iftikharuddin on Religious Bigotry kept in cold
SIT Report on Mohammad Iftikharuddin on Religious Bigotry kept in cold
कार्यवाही से बचते रहे इफ्तिखारुद्दीन

मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन ने धार्मिक कट्टरता पर किताब भी लिखी थी जिसके लिए उन्होंने सरकार से अनुमति नहीं ली थी। राज्य सरकार ने उनके खिलाफ एसआईटी जांच खड़ी कर दी लेकिन वह उसकी रिपोर्ट पर कार्यवाही से बचती रही। जांच में सीबीसीआईडी के तत्कालीन डीजी जीएल मीणा और कानपुर के एडीजी भानु भास्कर शामिल थे। एसआईटी की जांच में पाया गया कि मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन ने धार्मिक कट्टरता पर किताबें लिखी थीं।
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साथ ही धर्मांतरण कराने की भी कोशिश की थी। लेकिन उनके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अगर राज्य सरकार उनके खिलाफ कोई कदम उठाती है तो उन्हें सरकारी सुविधाओं से वंचित किया जा सकता है।

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