लॉकडाउन में फंसा बेटा नहीं दे सका पिता को मुखाग्रि, वीडियोकॉलिंग से किए अंतिम दर्शन

मॉर्निंगवॉक के दौरान नाले में गिरने से हुई थी चार्टर्ड एकाउंटेंट की मौत
बड़ा बेटा मुंबई में रहकर करता था पढ़ाई, छोटे बेटे ने दी मुखाग्रि

कानपुर। लॉकडाउन ने लोगों को इस कदर मजबूर कर दिया है कि मुश्किल हालातों में भी लोग अपनों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। एक हादसे में जान गंवाने वाले पिता के अंतिम दर्शन की चाह लिए बेटा लॉकडाउन में फंसा रहा। आखिर में वीडियो कॉलिंग के जरिए उसने पिता को अंतिम प्रणाम किया। अपने आखिरी सफर पर पिता को बेटे का कंधा तक नसीब नहीं हो पाया। हालांकि दूसरा बेटा कानपुर में ही है और उसी ने अंतिम संस्कार कराया।

शुक्रवार सुबह हुआ था हादसा
कानपुर के काकादेव थाना क्षेत्र के गीतानगर में शुक्रवार सुबह सडक़ किनारे बने नाले में अधेड़ का शव मिला था। पुलिस ने शव को नाले से बाहर निकलवाया। मौके पर पहुंचे रानीगंज निवासी शौर्य ने मृतक की पहचान अपने पिता अनुुराग जैन (50) के रूप में की। अनुराग जैन चार्टर्ड एकाउंटेंट थे। लोगों ने बताया कि सुबह गीता नगर में टहलते वक्त मिर्गी का दौरा पडऩे से वह सडक़ किनारे बने नाले में जा गिरे। बाद में पुलिस की मदद से उन्हें हैलट लाया गया। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजानों को सौंप दिया गया।

बड़ा बेटा नहीं आ सका घर
अनुराग जैन के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा भव्य मुंबई में रहकर पढ़ाई करता है और छोटा बेटा शौर्य कानपुर में ही रहता है। शुक्रवार सुबह हुए हादसे के बारे में जैसे ही भव्य को बताया गया तो वह बेचैन हो उठा। भव्य ने बताया कि उसने मुंबई से कानपुर आने के लिए काफी प्रयास किया पर सीमाएं सील होने की वजह से उसे अनुमति नहीं मिल पायी। इतना समय भी नहीं बचा था कि इंतजार किया जा सके। आखिर में परिजनों और रिश्तेदारों की सहमति के बाद वीडियो कॉलिंग के जरिए बड़े बेटे को पिता के अंतिम दर्शन कराए गए और छोटे बेटे शौर्य ने मुखग्नि दी।

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आलोक पाण्डेय Desk/Reporting
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