...तो शिवपाल के चलते सपा-बसपा के बीच ‘तलाक’

...तो शिवपाल के चलते सपा-बसपा के बीच ‘तलाक’

Vinod Nigam | Updated: 04 Jun 2019, 11:41:27 AM (IST) Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India


27 अपैल को शिवपाल यादव ने रमईपुर एक जनसभा में में दिया था बयान, मायावती के पैर छूने पर समाजवादियों का बताया था अपमान।

कानपुर। लोकसभा चुनाव में गठबंधन को मिली करारी हार से समाजवादी पार्टी और बसपा के अंदर हड़कंप मचा हुआ है। जहां अखिलेश यादव हार के कई कारण गिना रहे हैं तो वहीं मायावती के कार्यकर्ता यादव वोट ट्रांसफर नहीं होने का दावा कर आगामी विधानसभा की 11 सीटों में होने वाले चुनाव में अकेले लड़ने की बात कह रहे हैं। कल्याणपुर प्रभारी दीपू निषाद ने कहा कि रमईपुर में शिवपाल यादव ने मायावती के पैर छूने पर डिम्पल यादव को खरी-खोटी सुनाई और इसे समाजवादियों का अपमान बताया। जिसका नतीजा रहा कि यादव बाहूल्य बूथों में वोट प्रसपा के अलावा भाजपा को चला गया। इसी वजह से निशा सचान चुनाव हार गई।

27 को शिवपाल ने दिया था बयान
मतदान से ठीक दो दिन पहले यानि 27 अप्रैल को कानपुर के बिधनू में अकबरपुर लोकसभा सीट से प्रसपा प्रत्याशी महेंद्र सिंह यादव के समर्थन में आए शिवपाल सिंह यादव ने बहू डिंपल यादव द्वारा बसपा सुप्रीमो मायावती के पैर छूने के मामले में जमकर बरसे थे। शिवपाल यादव ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि, सुप्रीमो मायावती के पैर छूकर समाजवाद को उनके कदमों में रख दिया। जिसे माननीय मुलायम सिंह यादव और मैंने मिलकर सालों की मेहनत से खड़ा किया था। प्रसपा पमुख ने कहा था कि जब मुलायम सिंह जी और मैंने कभी मायवती को बहन नहीं बनाया तो वो अखिलेश की अचानक से बुआ कैसे बन गईं। इसी के बाद यादव बाहूल्य गांवों के मतदाता गठबंधन की उम्मीदवार निशा सचान के बजाए महेंद्र सिंह यादव और भाजपा के पक्ष में मतदान किया। जिसे बसपा के नेता अब खुलेआम कह भी रहे हैं।

संगठन को करेंगे मजबूत
बसपा की अध्यक्ष मायावती ने लोकसभा चुनाव में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन पर सोमवार को पार्टी के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। कानपुर जोन के कोआर्डिनेटर, अकबरपुर लोकसभा सीट की उम्मीदवार निशा सचान समेत दोनों जिलों के जिलाध्यक्षों को भी तलब किया। मायावती की बैठक में भाग लेकर आए बसपा पदाधिकारी गंगाचरण कुरील ने बताया कि पार्टी प्रमुख ने गठबंधनों पर निर्भर रहने के बजाय जमीन पर संगठन मजबूत करने के आदेश दिए हैं। जिसके चलते अब पार्टी का कैडर कानपुर की गोविंदनगर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव की तैयारी में लग गए हैं।

अकेले चुनाव लड़ने पर मंथन
बसपा के पदाधिकारियों की मानें तो बसपा अध्यक्ष ने लोकसभा चुनाव में सपा के साथ गठबंधन के बावजूद बसपा के पक्ष में यादव वोट स्थानांतरित नहीं होने की भी बात कही है। गठबंधन से उम्मीद के मुताबिक परिणाम नहीं मिलने का हवाला देते हुये मायावती ने कहा है कि अब बसपा अपना संगठन मजबूत कर खुद अपने बलबूते चुनाव लड़ेगी। सूत्रों के अनुसार दिल्ली स्थित बसपा कार्यालय में हुई बैठक में पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष आर एस कुशवाहा, राज्य में पार्टी के सभी विधायक, नवनिर्वाचित सांसद, प्रदेश के सभी जोनल कोऑर्डिनेटर के अलावा सभी जिला अध्यक्षों को भी बुलाया गया था।

प्रसपा ने कहा ये तो होना ही था
प्रसपा कानपुर प्रभारी रघुराज शाक्य ने कहा कि मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव ने पहले ही कहा था कि मतगणना के बाद मायावती अखिलेश यादव को धोखा देंगी। रघुराज शाक्य ने कहा कि यूपी में पूरी तरह से खत्म हो चुकी पार्टी को अखिलेश ने फिर से खड़ा होने का मौका दिया है। रघुराज शाक्य ने कहा कि अखिलेश यादव जमीनी नेताओं के बजाए एसी में बैठनें वालों की बातों को ज्यादा तवज्जो देते हैं और इसी कर नतीजा है कि 2017 विधानसभा और 2019 लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को करारी हार उठानी पड़ी।

 

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