कानपुर

IPS सुरेंद्र दास की हालत गंभीर, मुम्बई के डॉक्टर्स ने संभाली कमान

तबियत में नहीं हुआ सुधार तो मुम्बई के डॉक्टर्स की मांगी मदद, देरशाम पहुंचे कानपुर

कानपुरSep 06, 2018 / 06:51 pm

Vinod Nigam

IPS सुरेंद्र दास की हालत गंभीर, मुम्बई के डॉक्टर्स ने संभाली कमान

कानपुर। पारिवारिक कलह के बाद जहर खाने से बिगड़ी एसपी पूर्वी सुरेंद्र दास की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ है। देर रात मुंबई के विशेषज्ञ डॉक्टर प्रनव ओझा और उनकी टीम अपने साथ एक्मो मशीन लेकर रीजेंसी अस्पताल पहुंचे। रीजेंसी अस्पताल के मुख्यचिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर राजेश अग्रवाल ने बताया कि एसपी सुरेंद्र दास का ब्लड प्रेशर और पल्स में सुधार नहीं है। डॉक्टर अग्रवाल के मुताबिक रात में ही एक्मो मशीन उनको लगा दी गयी है और वो काम कर रही है। एक्मो मशीन लंग्स और हार्ट का फंक्शन करती है, जिससे हार्ट और लंग्स को आराम मिलता है। लंग्स और हार्ट को आराम मिलने से रिकवरी के चांस ज्यादा होते हैं। डाक्टर का कहना है की आराम मिलने के बाद रिकवरी कितनी होगी और कितनी देर में होगी इसका पता बाद में चलता है। रिकवरी होने में करीब पांच से सात दिन का समय लगता है। हार्ट और पल्स मशीन से काम कर रहे है लेकिन मरीज की हालत में ज्यादा सुधार नहीं हुआ। मरीज के शरीर के अंदर जो आर्गेन डैमेज हो रहे थे उसको रोका गया है।

कौन हैं एसपी और क्यों तबियत बिगड़ी
मूल रूप से बलिया के भरौली गांव के निवासी सुरेंद्र दास वर्ष 2014 बैच के आईपीएस हैं। एक महीने पहले ही सुरेंद्र दास का कानपुर के एसपी- पूर्वी के पद पर तबादला हुआ था। सुरेंद्र दास की कानपुर के काकादेव मोहल्ले में ससुराल है, जबकि सरकारी आवास में उनके साथ सिर्फ पत्नी रहती हैं। आईपीएस की पत्नी कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कालेज में एमडी की पढ़ाई कर रही हैं। सुरेंद्र दास ने आईआईटी-खडग़पुर से बीटेक किया है। उनके भाई व परिजन लखनऊ से रीजेंसी अस्पताल पहुंच चुके हैं। एसपी सुरेंद्र दास ने बुधवार को जहर खा लिया। जिन्हें इलाज के लिए रिजेंसी अस्पताल में एडमिट करवाया गया। जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। रीजेंसी के डॉक्टर्स की मांग पर मुम्बई से डॉक्टर्स की टीम कानपुर आ गई है और एसपी का इलाज कर रही है।

इस मशीन से चल रहा इलाज
एक्स्ट्रा-कॉरपोरियल मैम्ब्रेन ऑक्सीजेनेशन (ईसीएमओ) डिवाइस एक लाइफ सपोर्ट सस्टिम है। यह डिवाइस शरीर को उस समय ऑक्सीजन सप्लाई करने में मदद करता है, जब मरीज के फेफड़े या दिल काम नहीं कर पाते हैं। जानकारी के मुताबिक़ शरीर के किसी एक धमनी (नस) खून निकालकर उसे डिवाइस से जोड़ दिया जाता है। जिससे बाईपास विधि से खून पूरे शरीर में प्रवाहित होता है। ईसीएमओ खून में आक्सीजन देती और कार्बन डाइऑक्साइड हटाती है। इसके साथ ही यह खून को गर्म करती है और धमनी में भेजती है। कुछ मामलों में यह पूरे शरीर में खून को प्रवाहित भी करती है। यह खून को हृदय और फेफड़ों से भी बायपास करने देती है।

दोस्तों ने जमा किए पैसे
रीजेंसी में भर्ती हुए एसपी सुरेन्द्र दास के इलाज पर करीब 1 लाख 69 हज़ार रुपये खर्च हो चुके है, जबकि गुरूवार की सुबह एसपी की पत्नी को अस्पताल में करीब 10 लाख रुपये जमा करने को बोला गया, पर उन्होंने जब समय से पैसे नहीं अदा किए तो एसपी के चार आइपीएस दोस्तों ने इलाज के दौरान होने वाले खर्चे को आपस में मिलकर उठाने की बात कही। एसपी के चारो दोस्त रिजेंसी अस्पताल में मौजूद हैं, लेकिन वो मीडिया से कुछ भी बोलने को तैयार नहीं। इसके अलावा एसपी की पत्नी भी अस्पताल में हैं और पति के लिए ईश्वर के दर पर माथ टेका।

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