शव के पास लगा भक्तों का तांता, पूरे दिन पूजा-पाठ का दौर चला

नौबस्ता के द्विवेदी नगर में गुरूवार को एक प्राइवेट कर्मचारी की पत्नी ने अदभुत बच्चे को जन्म दिया

कानपुर। नौबस्ता के द्विवेदी नगर में गुरूवार को एक प्राइवेट कर्मचारी की पत्नी ने अदभुत बच्चे को जन्म दिया, लेकिन महज 10 मिनट के बाद उसने दम तोड़ दिया। बच्चे के सिर पर जूड़ा बंध हुआ था, जिसे लोग भगवान शनि का अवतार मान रहे थे। ये बात जैसे ही मोहल्लेवालों को पता चली तो कर्मचारी के घर पर भक्तों का तांता लग गया। ढोल-नगाड़े की थाप पर भजन का दौर शुरू हो गया। महिलाएं और पुरूष फल-फूल नवजात के चरणों में अर्पित कर मन्नत मांग रहे थे। शव के पास सैकड़ों भक्तों का तांता लगा रहा और पूरे दिन भजन- कीर्तन का दौर चलता रहा। क्षेत्र के बड़े बुजुर्ग इसे भागवान शिव का अर्धनारीश्वर अवतार बताया। बच्चे की दादी सावित्री के मुताबिक हमारे घर में साक्षत भगवान शिव ने जन्म लिया, वे हमें दर्शन देकर हिमालय लौट गए।


मौत के बाद चला पूजा-पाठ का दौर


के नौबस्ता थाना क्षेत्र के द्विवेदी नगर की है। यहां के निवासी सुरेश चन्द्र विश्वकर्मा प्राइवेट नौकरी करते हैं। घर में पत्नी सावित्री, बेटे रवि, हरिशंकर और सुभम और बेटी राधा के साथ रहते हैं। सुरेश चन्द्र के बड़े बेटे रवि की शादी डेढ़ साल पहले आरती से हुई थी। आरती ने गुरुवार दोपहर 3 बजे के आसपास इस अद्भुत बच्चे को जन्म हुआ। रवि के ने कहा, जब मेरी मां ने बच्चे को पहली बार देखा तो चीख पड़ी। 10 मिनट तक बच्चा जिन्दा रहा, इसके बाद उसकी मौत हो गई। बच्चे को बाहर निकाला गया तो देखा कि उसकी आंखें अजीब सी थी। सिर पर भागवान शवि की तरह जुड़ा था। नीचे का धड़ लड़की की तरह था। क्षेत्र के बड़े बुजुर्ग इसे भागवान शिव का अर्धनारीश्वर अवतार बताया। इसके बाद यह बात जंगल में आग की तरह फैल गई। आसपास क्षेत्र से लोग बच्चे को देखने के लिए पहुंच गए।


भगवान अर्धनारीश्वर खुद प्रकट हुए


बच्चे की दादी सावित्री ने बताया, हमारे घर में साक्षात भागवान शिव ने जन्म लिया। देखने के लिए लोगों का घर तांता लग गया, जो भी आ रहा था वह चढ़ावा चढ़ा रहा था। हमने भी ढोल-मंजीरा बजा कर भजन गाया। दादा सुरेन्द्र चन्द्र विश्वकर्मा के मुताबिक, बच्चे के आने से हम सभी को बहुत खुशी थी। हम बच्चे को पूरे रिती-रिवाज के साथ उसका अंतिम संस्कार करेंगे। वहीं मोहल्लेवालों ने बच्चे के शव कां गंगा में प्रवाह के बजाय समाधि बनाने का सुझाव परिजनों को दिया। पड़ोस के रमखेलावन ने कहा कि हमसब मिलकर भगवान अर्धनारीश्वर के नाम से भव्य मंदिर का निर्माण करवाएंगे। वहीं अनूप यादव ने कहा कि ये हमारे इलाके के लिए बहुत खुशी की बात है कि भगवान अर्धनारीश्वर खुद प्रकट हुए।


अर्धनारीश्वर का बनेगा भव्य मंदिर


लोगों ने कहा कि अगर बच्चे के परिजन राजी हुए तो हमसब चंदा एकत्र कर भगवान अर्धनारीश्वर का भव्य मंदिर का निर्माण करवाएंगे। वहीं एक महिला भक्त बच्चे के शव के पैरों को छूकर अचेत हो गई। जब वो होश में आई तो उसने बताया कि भगवान शंकर के दर्शन से मेरे सारे दुख-दर्द दूर हो गए। इस दौरान सैकड़ों की भीड़ बम-बम भोले के जयकारे लगा रही थी। फल-फूल, मेवा-मिठाई बच्चे के शव के पास चढ़ाया गया। वहीं बच्चे की मां चुप थी। उससे जब बात करने की कोशिश की गई तो उसने कहा नौ माह तक कोह में रखा, लेकिन लल्ला ने आंख खोलने के कुछ मिनट के बाद इस दुनिया को छोड़कर चला गया, भईया हमारा तो सबकुछ बर्बाद हो गया।

आकांक्षा सिंह
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned