बच्चों व गर्भवती महिलाओं के लिए 26 नवंबर से चलेगा ये अभियान, ये होती है जानलेवा बीमारी, जरुर जानिए

इस घातक बीमारी से बचने के लिये स्वास्थ्य विभाग कल से अभियान शुरू करेगा। इसके लिये विभाग ने सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

By: Arvind Kumar Verma

Published: 25 Nov 2018, 09:16 PM IST

कानपुर देहात-मीजिल्स व रूबैला, जिसे जापानी खसरा भी कहते है, बेहद ही घातक बीमारी है। खासतौर से यह बीमारी बच्चों व गर्भवती महिलाओं में होती है। जिससे गर्भवती महिला से जन्मे बच्चे को भी खतरा बना रहता है। इसके लक्षण भी सामान्य तरीके के होते हैं। इसकी रोकथाम के लिए कानपुर देहात स्वास्थ्य विभाग 26 नवंबर से प्रतिरक्षण अभियान शुरू करेगा। इसके लिए 225 टीमें काम करेंगी, जो सरकारी व प्राइवेट स्कूलों व मदरसों में जाकर 9 माह से 15 वर्ष तक के बच्चों को वैक्सीन देंगी।

 

इसके वायरस से होती जानलेवा बीमारी

विभाग ने 4.98 लाख से अधिक बच्चों को मीजिल्स, रुबैला से प्रतिरक्षित करने का लक्ष्य तय किया है। सीएमओ कार्यालय सभागार में मुख्य चिकित्साधिकारी डा. हीरा सिंह ने बताया कि खसरा जानलेवा रोग है। वायरस से फैलने वाले इस रोग के कारण बच्चों में विकलांगता व असमय मौत तक हो जाती है। रुबैला रोग के लक्षण भी खसरा की तरह होते हैं। यदि कोई महिला गर्भावस्था के शुरूआती चरण में रुबैला रोग संक्रमित हो जाती है, तो प्रसव के बाद नवजात में अपंगता, मानसिक रोग के साथ ही मौत होने की भी संभावना रहती है।

 

टीकाकरण की रोजाना होगी समीक्षा

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. महेंद्र जटारिया ने बताया कि स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र व मदरसों में पढ़ने वाले नौ माह से 15 वर्ष तक के चार लाख 98 हजार 444 बच्चों को मीजिल्स, रुबैला रोग से प्रतिरक्षित करने का लक्ष्य बनाया गया है। इसके लिए 1879 सामुदायिक स्तर पर सत्र आयोजित किए जाएंगे। जबकि 2590 सत्र स्कूलों व मदरसों में होंगे। दसों ब्लाकों में 225 टीमें बनाई गई हैं। प्रति टीम में एएनएम, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्री व एक सहयोगी सहित चार लोग होंगे। टीमों का पर्यवेक्षण करने के लिए 73 सुपरवाइजरों की डयूटी लगाई गई है। 26 नवंबर से शुरू होने वाला प्रतिरक्षण अभियान करीब एक माह तक चलेगा। इसमें पहले दो सप्ताह तक स्कूल बेस अभियान चलेगा, अगले दो सप्ताह तक एएनएम टीकाकरण करेंगे। अंतिम सप्ताह छूटे बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रतिरक्षण कार्य की हर रोज समीक्षा की जाएगी।

 

टीकाकरण के बाद एक घंटे तक होगी देखरेख

स्कूलों में मीजिल्स, रुबैला टीकाकरण के बाद बच्चों को करीब एक घंटे तक स्वास्थ्य टीम व शिक्षकों की निगरानी में रखा जाएगा। डिप्टी सीएमओ डा. एपी वर्मा ने बताया कि कई बार टीकाकरण के बाद बच्चों में संक्रमण की शिकायतें आती हैं। उन्हें प्रतिरक्षण करने वाली टीम व शिक्षक एक घंटे तक अपनी कड़ी निगरानी में रखेंगे। किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए पीएचसी, सीएचसी व जिला अस्पताल में डाक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों सहित एंबुलेंस को अलर्ट पर रखा जाएगा। बच्चों का टीकाकरण खाली पेट न करने की हिदायत दी है।

Arvind Kumar Verma
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