शुगर इंडस्ट्री करेगी पानी की बचत, लेगी ‘ट्रिपल आर’ की मदद

शुगर इंडस्ट्री करेगी पानी की बचत, लेगी ‘ट्रिपल आर’ की मदद

Alok Pandey | Publish: Sep, 11 2018 10:28:05 AM (IST) Kanpur, Uttar Pradesh, India

ऐसी खबर सामने आई है कि शुगर इंडस्ट्री को पानी की बचत करने के लिए ट्रिपल आर (रिड्यूस, रीयूज और री साइकिल) पर फोकस करना होगा. अगर इस फार्मूले पर काम किया गया तो शुगर मिलों में 50 परसेंट तक पानी की बर्बादी रुक जाएगी.

कानपुर। ऐसी खबर सामने आई है कि शुगर इंडस्ट्री को पानी की बचत करने के लिए ट्रिपल आर (रिड्यूस, रीयूज और री साइकिल) पर फोकस करना होगा. अगर इस फार्मूले पर काम किया गया तो शुगर मिलों में 50 परसेंट तक पानी की बर्बादी रुक जाएगी. इसके लिए शुगर इंडस्ट्री को अपनी कैपेसिटी के आधार पर लेटेस्ट टेक्नोलॉजी को स्टेब्लिश कराना होगा. यह विचार एनएसआई डायरेक्टर प्रो नरेन्द्र मोहन अग्र्रवाल ने संस्थान में आयोजित ट्रेनिंग प्रोग्राम के दौरान व्यक्त किए. उन्होंने बताया कि अब हर दिन पॉल्यूशन बोर्ड के नियम और कानून सख्त होते जा रहे हैं. शुगर मिलों को इस पर ध्यान देना होगा.

कुछ खास बातें

3 आर का फॉर्मूला मतलब रिड्यूस, रीयूज और री साइकिल

50 परसेंट तक पानी की बर्बादी इससे रोकी जा सकती है.

30 मिलियन टन पानी यूज होता है हर साल शुगर इंडस्ट्री में

ऐसी दी गई जानकारी
रिटायर प्रो. संतोष कुमार ने बताया कि शुगर इंडस्ट्री में एक साल में करीब 30 मिलियन टन पानी यूज किया जाता है. अगर चीनी मिलें ट्रिपल आर के फार्मूले पर ध्यान केन्द्रित करेंगी तो पानी की 50 परसेंट तक बर्बादी रोकी जा सकती है. अगर इस टेक्नोलॉजी को प्रयोग किया तो नेचुरल सोर्सेज का भी संरक्षण करने में कामयाबी हासिल होगी. उन्होंने चीनी मिलों से निकलने वाले इफ्लूएंड के शोधन पर जानकारी दी. इसके साथ ही वेस्ट वाटर में सल्फेंट की मात्रा को कम करने को कहा.

ऐसे इस्‍तेमाल किया जाएगा मिल का पानी
शुगर मिल के पानी का इस्‍तेमाल खेती की सिंचाई मे किया जा सकता है. बीओडी को 30 पीपीएम से कम करके इस पानी से सिंचाई की जा सकती है. डॉ. विष्णु ने इस बात को साफ कहा कि जब तक शुगर इंडस्ट्री अपने प्लांट को अपग्रेड नहीं करेंगी तब तक वह पॉल्यूशन को कम नहीं कर सकती हैं. प्‍लांट को अपग्रेड करने के बाद ही इसका असर खुद ब खुद दिखाई देने लगेगा.

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