एक ब्लाउज के लिए डेढ़ साल हुई जंग, आखिर ऐसा क्या था, सुनिए कानपुर की एक दिलचस्प कथा

एक ब्लाउज के लिए डेढ़ साल हुई जंग, आखिर ऐसा क्या था, सुनिए कानपुर की एक दिलचस्प कथा

Alok Pandey | Updated: 12 Oct 2019, 12:48:02 PM (IST) Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

ब्लाउज की कीमत थी 3070 रुपए, पार्टी में पहनने के लिए ब्लाउज का कपड़ा खरीदा था सारिका ने

कानपुर। यकीन नहीं होता कि एक महिला ने महज ब्लाउज के लिए डेढ़ साल तक कानूनी लड़ाई लड़ी। आखिरकार उसे जीत मिली और कोर्ट ने उसके हक में फैसला दिया। जिसके अनुसार केस हारने वाली पार्टी को कोर्ट ने आदेश दिया है कि वह महिला को ब्लाउज के कपड़े की कीमत के साथ ही परिवाद व्यय चुकाए। अपने आप में यह एक अनोखा केस है, जिसमें महिला डेढ़ साल तक कोर्ट के चक्कर काटती रही और वह भी महज एक ब्लाउज के लिए।

पार्टी में साड़ी की मैचिंग का ब्लाउज पहनना था
एक पार्टी में पहनने के लिए साड़ी की मैचिंग का ब्लाउज न मिलना महिला को इतना अखर गया कि उसने बुटीक संचालिका के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में मुकदमा ही दर्ज करा दिया। दरअसर महिला ने साड़ी की मैचिंग का ब्लाउज सिलने को एक बुटीक में कपड़ा दिया, लेकिन ऐन वक्त पर संचालिका ने कपड़ा ही गायब कर दिया। ऐसे में वह अपनी पसंद का कपड़ा नहीं पहन सकी। इससे झल्लाई महिला ने उपभोक्ता फोरम में परिवाद दर्ज कराया।

३०७० रुपए थी ब्लाउज के कपड़े की कीमत
यशोदा नगर पी ब्लॉक निवासी सारिका वाजपेयी ने बताया कि उन्होंने एन ब्लॉक स्थित मेसर्स आर्ची बुटीक एंड लेडीज टेलर्स में दो ब्लाउज सिलने को दिए। इनके कपड़ों की कीमत 3070 रुपये थी। सारिका को दोनों ब्लाउज आठ मई 2017 की शाम को एक पार्टी में पहनने थे। बुटीक संचालिका नीतू ने 480 रुपये सिलाई तय कर दोपहर तक ब्लाउज सिलकर देने को कहा था। आठ मई की शाम सारिका ब्लाउज लेने पहुंचीं, लेकिन नहीं मिले। इस कारण सारिका अपनी मनपसंद साड़ी की मैचिंग के ब्लाउज नहीं पहन सकीं। नीतू ने एक सप्ताह में ब्लाउज खोजकर देने को कहा पर कई चक्कर लगाने के बाद भी न तो ब्लाउज सिलकर दिए और न ही कपड़े की कीमत लौटाई।

बुटीक संचालिका नहीं हुई हाजिर
मुकदमा दर्ज होने के बाद इसकी सुनवाई के लिए उपभोक्ता फोरम ने कई बार नोटिसें भेजीं, लेकिन बुटीक संचालिका नीतू हाजिर नहीं हुई। इस पर फोरम ने सारिका के हक में फैसला सुनाते हुए कपड़े की कीमत 3070 रुपये लौटाने के साथ ही दो हजार रुपये परिवाद व्यय भी अदा करने का आदेश दिया है।

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