२६ को होगा इस साल का आखिरी सूर्यग्रहण, इन राशियों पर पड़ेगा असर

तुला, कुंभ और कर्क राशि के लोगों को सूर्यग्रहण देगा लाभ का संकेत
सुबह 8:17 से 10:57 तक रहेगा ग्रहण काल, पूरे भारत में दिखेगा

कानपुर। इस साल का अंतिम सूर्यग्रहण 26 दिसंबर को पड़ेगा। यह सूर्यग्रहण भारत में दिखेगा। ग्रहण काल सुबह 8:17 से 10:57 बजे तक रहेगा। खगोलीय घटनाओं का वैज्ञानिक अलग विश£ेषण करते हैं और ज्योतिर्विद अलग तरह से इसका अर्थ निकालते हैं। इसी तरह सूर्य और चंद्र ग्रहण को लेकर अलग-अलग मत हैं। वैज्ञानिक इसे सामान्य तरह से लेते हैं और इस पर शोध करते हैं जबकि ज्योतिषी अलग-अलग राशियों पर इसके लाभ और हानि का आंकलन करते हैं। ज्योतिष के जानकारों के मुताबिक ग्रहण का राशियों पर मिलाजुला असर पड़ेगा।

इन राशियों पर होगा विपरीत असर
मेष राशि के जातकों की परेशानियां बढ़ेंगी, धोखा मिल सकता है। वृष राशि वाले वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। मिथुन वालों को व्यापार में नुकसान, पति-पत्नी को कष्ट होगा। सिंह राशि के लोग संतान पक्ष से कष्ट पाएंगे और कार्यस्थल पर तनाव रहेगा। इसी तरह कन्या राशि में महिला पक्ष से कष्ट और कर्जों में बढ़ोत्तरी होगी। वृश्चिक राशि के लोग निवेश न करें, नुकसान होगा पर नए काम की शुरुआत होगी। धनु वालों के लिए सेहत के लिए परेशानी भरा समय होगा। मकर राशि के जातकों के खर्चों में बढ़ोत्तरी होगी। मीन राशि के लोगों के परिवार में कलह, मानसिक तनाव में बढ़ोत्तरी होगी।

इन राशि वालों को फायादा
सूर्य ग्रहण से तुला मान-प्रतिष्ठा में बढ़ोत्तरी होगी, हालांकि सिर दर्द से परेशानी रहेगी। कुंभ राशि के जातकों को रुके हुए धन की वापसी होगी। जबकि कर्क राशि वालों के शत्रु परास्त होंगे और कॅरियर में उन्नति भी होगी। इस लिहाज से इन राशि वालों के लिए यह सूर्य ग्रहण लाभ कर कारक बनेगा।

क्यों होता सूर्य ग्रहण
इंडियन कॉउसिंल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंसेज (रजि.) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं चिंतक इंस्टीट्यूट ऑफ वैदिक साइंसेज के संस्थापक रमेश चिंतक ने बताया कि जब पृथ्वी और सूर्य के बीच में चंद्रमा आता है तब सूर्यग्रहण होता है। यह घटना केवल अमावस्या को ही घटित होती है। इस बार ग्रहण के समय सूर्य आग से भरा अंगूठी जैसा दिखाई पड़ेगा। वैज्ञानिक भाषा में इसे वलयाकार सूर्यग्रहण कहा जाता है।

इस समय लगेगा सूतक
ग्रहण का सूतक काल सूर्यग्रहण से 12 घंटे पहले 25 दिसंबर की शाम 5:32 बजे से शुरू हो जाएगा। इसकी समाप्ति 26 दिसंबर की सुबह 10:57 पर होगी। सूतक काल में किसी भी तरह के शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। इस कारण शहर के सभी मंदिर 25 दिसंबर की शाम से बंद हो जाएंगे और अगले दिन ग्रहण के बाद खुलेंगे।

इन बातों का रखें ध्यान
इस ग्रहण के समय सूर्य के साथ बुध, गुरु, शनि, चंद्र और केतु होंगे। ग्रहण केतु के स्वामित्व वाले नक्षत्र मूल में होने जा रहा है। ग्रहण के समय मूर्ति पूजा स्पर्श वर्जित है। जप ध्यान अवश्य कर सकते हैं। इनका फल कई गुना मिलता है। इस समय अपना इष्ट मंत्र या गुरु मंत्र का जाप सबसे अधिक फल कारक होता है। ग्रहण काल में पके व कच्चे भोजन सामग्री में कुशा व तुलसी पत्र अवश्य डाल दें। गर्भवती घर से बाहर न निकलें, शरीर पर ग्रहण के समय सूर्य रश्मि न पडऩे दें। अपने हाथ से चाकू, कैंची का प्रयोग न करें। ग्रहण काल के बाद स्नान करके घर और मंदिर की धुलाई करनी चाहिए तथा पशु-पक्षियों को दाना-चारा देना चाहिए।

आलोक पाण्डेय Desk/Reporting
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