एक साथ उठीं तीन अर्थियां, मदर्स डे पर रो पड़ी ममता

भैरोघाट पर गंगा स्नान के दौरान तीन दोस्तों की डूबकर हो गई थी मौत, पडोस के रहने वाले थे मृतक

By: Vinod Nigam

Published: 14 May 2018, 06:41 PM IST

कानपुर। कर्ललगंज मोहल्ले की सीपीसी कॉलोनी में जब तीन युवकों के शव पहुचे तो आंसुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। जिन माओं ने उन्हें पाल पोश कर बड़ा किया, वह अपने लालों के शवों को देख कभी रोती तो कभी बेहाश हो जाती। परिजन उन्हें संभालते तभी लाचार पिता जवान बेटों के शवों के पास जाकर उन्हें जगाने का प्रयास करते। यह दर्दनाक नजारा जिसने भी देखा वह यही कहता कि काश वह गंगा नहाने नहीं जाते तो शायद जिंदा होते। तीनों की अर्थियां एक साथ मोहल्ले से निकली तो मडर डे पर मामता रो पड़ी। श्मशान घाट पर जैसे ही उन्हें मुखाग्नि दी गई वैसे राजेश की मां अंजली चिता की तरफ अपने कदम बढ़ा लिए। लोगों ने उन्हें पकड़ कर किसी तरह संभाला। अंजली बेटे की चिता के दौर यही कहती रही कि बेटे ने आज मडर डे पर पैर छूकर कलेक्टर बनने का आर्शीवाद दिया, जिसे मां गंगा ने मौत की नींद सुला दिया।
सात में चार की बची जान
सीपीसी कालोनी निवासी रेलवे के गैंगमैन राजकुमार के चार बेटों में सबसे छोटा राजेश उर्फ छोटू (18) इंटर का छात्र है। रविवार दोपहर 12 बजे वह कालोनी निवासी पल्लेदारी करने वाले दोस्तों संतोष (22), शादी समारोहों में हलवाई का काम करने वाले आनंद उर्फ चिन्ना (20) व चार और साथियों रामजाने, उसके भाई सुमित, मोहल्ले के मिंटू, संतोष के साथ रामजाने के लोडर से भैरोघाट पर पहुंचे। छोटू, संतोष व चिन्ना नदी में उतर गए। बाकी दोस्त जब तक आते, तभी छोटू गहरे पानी की ओर चला गया। संतोष व चिन्ना ने डूबता देख उसे बचाने की कोशिश की तो वह भी गढ्डे में समाने लगे। यह देख किनारे खडे़ संतोष, रामजाने आदि लोग चिल्लाए। तुरंत गोताखोरों को बुलाया और पुलिस व तीनों के परिजनों को फोन कर जानकारी दी। सूचना पर कोहना व ग्वालटोली थाना पुलिस पहुंची। गोताखोरों ने करीब डेढ़ घंटे मशक्कत के बाद तीनों को निकाला।
भैरोघाट पर उमड़ा जनसैलाब
तीनों युवकों के डूबने की सूचना जब घर पहुंची तो सीपीसी कालोनी से सैकड़ों लोग भैरोघाट और एलएलआर अस्पताल पहुंचे। महिलाएं फफककर रो पड़ीं। छोटू, संतोष व चिन्ना की मां बेसुध हो गईं। लोग बार-बार डॉक्टरों को बुलाकर स्ट्रेचर पर लेटे युवकों को दोबारा चेक करने के लिए कहते रहे पर डॉक्टर आईएम सॉरी कह कर उन्हें सात्वना देते रहे। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि राजेश उर्फ छोटू, संतोष व चिन्ना गहरे दोस्त थे। साथ ही घूमते फिरते थे। गंगा नहाने के लिए भी तीनों साथ ही पहुंचे और हाथ थामकर पानी में उतरे। छोटू हाथ छुड़ाकर आगे चला गया। जरा सी असावधानी ने उनकी जान ले ली। वहीं मृतक राजेश की मां ने बताया कि बेटा पढ़ाई में अव्वल था और बीएससी कर रहा था। उसका सपना कलेक्टर बनने का था। मडर डे पर सुबह ही उसने मुझसे आर्शीवाद लिया और बिना अताए दोस्तों के साथ गंगा के किनारे पहुंव गया।
भंवर में फंसने से डूबे युवक
लोगों ने बताया कि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां भंवर बनती है। एक दिन पहले भी खलासी लाइन का छात्र यहीं डूब गया था। लोगों ने कहा कि एक युवक की मौत के बाद पुलिस प्रशासन ने सुधि नहीं ली। न ही ऐसा कोई संकेतक लगाया गया, जिसे पढ़कर लोग गहरे पानी की ओर न जाएं। लोगों ने बताया कि डेथ प्वांइट के नाम से मशहूर गंगा बैराज में पिकनिक मनाने गये सात दोस्तों के डूबने के बाद जिला प्रशासन नींद से जागा था वहीं पर 24 घंटे पुलिस तैनाम कर दी। इसके साथ ही प्रशासन सिंचाई विभाग की मदद से गंगा बैराज पर आठ से दस फुट ऊंचे अवरोधक भी बनाये हैं, ताकि लोग फोटो खींचने के लिए नीच न उतर सकें।

 

Vinod Nigam
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned