9 लोगों को अगवा कर जीआरपी सिपाहियों ने वसूली रकम

Vinod Nigam

Publish: May, 15 2019 10:07:30 AM (IST)

Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

कानपुर। सेंट्रल स्टेशन कानपुर जीआरपी में तैनात तीन सिपाहियों को एडीजी के आदेश पर निलंबित कर दिया गया। आरोपी सिपाहियों पर आरोप था कि इन्होंने नौ लोगों को लखनऊ के एक होटल से पकड़कर तीन लाख रुपये वसूले। तीन माह पहले एडीजी रेलवे को एक गुमनाम खत मिला, जिसमें सिपाहियों की करतूत लिखी थी। एडीजी ने पूरे प्रकरण की जांच सीओ राजेश द्विवेदी को सौंपी अैर मामला सही पाए जाने पर सिपाही प्रदीप सिंह,राजेश सिंह और राकेश पांडे के खिलाफ़ रिपोर्ट दर्ज कर निलंबित कर दिया गया।

क्या है पूरा मामला
मामला लखनऊ के एक होटल से जुड़ा हुआ है। फरवरी में कानपुर सेंट्रल जीआरपी में तैनात सिपाही प्रदीप सिंह ,राजेश सिंह और राकेश पांडे होटल में दबिश देने पहुंचे थे। दबिश में उनके साथ मुखबिर जुम्मन भी गया था। जुम्मन की निशानदेही पर होटल के दो कमरों से नौ संदिग्ध लोगों को पकड़कर सिपाही कानपुर लेकर आ गए। कानपुर सेंट्रल स्थित जीआरपी के साथ ही किसी भी विभागीय अधिकारी को इसकी सूचना नहीं दी गई थी । कानपुर में सेंट्रल स्टेशन के पास ही खाली पड़ी रेलवे कॉलोनी के एक कमरे में सभी को रखा और उन्हें पीटा गया और फिर सभी के परिजनों को बुलाकर तीन लाख रूपए वसूले।

परिजनों को बुलाया कानपुर
आरोपियों सिपाहियों ने तीन दिन बाद सभी के परिजनों को कानपुर बुलाया। नौ के परिजनों से तीन लाख रुपये की वसूली। इस बीच पुलिस की गिरफ्त से छूटने के बाद गुमनाम चिट्ठी भेजकर एडीजी रेलवे से शिकायत की गई । गुमनाम चिट्ठी के आधार पर एडीजी ने मामले की जांच सीओ राजेश द्विवेदी को दी थी। सीओ की जांच में आरोप सही सिद्ध होने पर तीनों सिपाहियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उनको निलंबित कर दिया गया। एफआईआर के बाद तीनों सिपाही फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी का प्रयास पुलिस कर रही है।

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