इस जिले की अजीब है दास्तां, इस वीआईपी सीट में है बड़ी भागीदारी, तीन दिग्गज नेताओं ने संभाली प्रदेश की कमान

इस वीआईपी सीट से सांसद बनने के बाद तीन दिग्गज नेताओं ने मुख्यमंत्री की कमान संभाली और राजनीतिक पटल पर छाप छोड़ दी।

By: Arvind Kumar Verma

Published: 10 Apr 2019, 11:32 PM IST

कानपुर देहात-राजनीतिक सीमाओं से घिरा जनपद कानपुर देहात कन्नौज जैसी वीआईपी सीट से भी अछूता नही है। जहां से सांसद बनने के बाद तीन दिग्गज नेताओं ने मुख्यमंत्री की कमान संभाली और राजनीतिक पटेल पर छाप छोड़ दी। शीला दीक्षित ने दिल्ली तो मुलायम सिंह व अखिलेश यादव ने यूपी की कमान संभाली है। बता दें कि संसदीय सीटों में कन्नौज लोकसभा वर्तमान में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी डिम्पल यादव का संसदीय क्षेत्र है। एक ऐसा संसदीय क्षेत्र जो आज कानपुर देहात जनपद के काफी हिस्से पर कब्जा किये हुए है। इस लोकसभा चुनाव 2019 में भी सपा ने बसपा से गठबंधन के बाद भी कन्नौज सीट को अपने खाते में किया है और यहां से एक बार फिर डिम्पल यादव को प्रत्याशी के रूप में उतारा है।

 

दरअसल वर्ष 1984 में फर्रुखाबाद जिले की कन्नौज संसदीय सीट से कांग्रेस से शीला दीक्षित मैदान में थीं। उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी व तत्कालीन सांसद छोटे सिंह यादव को 61 हजार 815 वोटों से करारी शिकस्त दी थी। बाद में 1989 में हुए लोकसभा चुनाव में वे जनता दल से प्रत्याशी छोटे सिंह यादव से हार गई थीं। छोटे सिंह यादव ने 53 हजार 833 वोटों से करारी शिकस्त दी थी। इसके बाद शीला दीक्षित ने दिल्ली में राजनीतिक पारी की नई शुरुवात की और वह दिल्ली की मुख्यमंत्री बनीं। इसके बाद 1990 के दशक में 1999 में सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने कन्नौज से चुनाव लड़ा। उन्होंने लोकतांत्रिक कांग्रेस के अरविंद प्रताप को हराया। इसके बाद वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने।

 

हालांकि उन्हें एक वर्ष के अंदर ही इस सीट से इस्तीफा देना पड़ गया। साल 2000 के उपचुनाव में मुलायम सिंह ने अपनी छोड़ी हुई सीट पर बेटे अखिलेश यादव को चुनाव लड़ा दिया। नवयुवक अखिलेश ने पहली बार मे ही बसपा के दिग्गज नेता अकबर अहमद डंपी को हरा दिया। इसके बाद अखिलेश ने पांव जमा दिए। वर्ष 2000, 2004 व 2009 में कन्नौज संसदीय सीट से अखिलेश यादव ने कब्जा जमाए रखा। इसके बाद वह 2012 में यूपी के मुख्यमंत्री बन गए। बस फिर उनके सीट छोड़ने के बाद उन्होंने यहां अपनी धर्मपत्नी डिम्पल यादव को उतार दिया। फिर 2012 के उपचुनाव में डिम्पल निर्विरोध चुनी गईं। हालांकि वर्तमान में भी डिम्पल कन्नौज सांसद हैं। और इस लोकसभा में वह भाजपा के सुब्रत पाठक से सामने मैदान में उतरी हैं।

Show More
Arvind Kumar Verma
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned