फर्जी ट्रेनिंग देकर बेरोजगारों को ठगने वाले सरगना ने किया सरेंडर, अब जीआरपी की ये तैयारी

सरगना की पूरी हिस्ट्री खंगालने के लिए अब जीआरपी उसे कस्टडी रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। जीआरपी के मुताबिक रिमांड पर लेने के बाद ही गैंग के कनेक्शन सहित कई खुलासे हो सकेंगे।

By: Arvind Kumar Verma

Published: 19 Jun 2021, 10:58 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
कानपुर. नौकरी का झांसा देकर फर्जी नौकरी का लालच देकर ठगी करने वाले गिरोह का सरगना कोर्ट में सरेंडर कर जेल गया है। दरअसल शिक्षित बेरोजगार युवकों को सेंट्रल स्टेशन पर फर्जी ट्रेनिंग कराने वाले गैंग के सरगना ने गुरुवार को कोर्ट में सरेंडर किया। फिर उसे जेल भेजा गया। लेकिन सरगना की पूरी हिस्ट्री खंगालने के लिए अब जीआरपी उसे कस्टडी रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। जीआरपी के मुताबिक रिमांड पर लेने के बाद ही गैंग के कनेक्शन सहित कई खुलासे हो सकेंगे।

ज्ञात हो कि कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर 2 जून को फर्जी टिकट निरीक्षकों की ट्रेनिंग का खुलासा हुआ था। जिसके बाद जीआरपी पुलिस ने मामले में 16 लोगों को पकड़ा। जिसमें तीन एजेंट और 13 ठगी के शिकार युवक थे। जीआरपी पहले सभी को आरोपित बनाकर जेल भेजने की तैयारी कर रही थी, लेकिन बाद में आलाधिकारियों से मिले निर्देश के बाद जीआरपी ने ठगी के शिकार 13 लोगों को छोडऩे का फैसला किया था।

इसके बाद जीआरपी ने चार टीमें बनाकर गैंग के सरगना रुद्र प्रताप ठाकुर के इटावा व लखनऊ के ठिकानों पर छापेमारी की। वहीं रुद्र ने गुरुवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। अब जीआरपी उसे कस्टडी रिमांड में लेकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है ताकि गैंग का नेटवर्क, उसके संपर्क सहित कई सवालों का जवाब मिल सके। इसके साथ ही रेलवे स्टेशन में ट्रेनिंग कराने के पीछे किसी अन्य कर्मचारी का कोई हाथ तो नहीं है। इन सभी बिंदुओं पर भी जीआरपी भी पूछताछ करेगी।

Arvind Kumar Verma
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