29 जिंदगियों को निगल गया सपा-बसपा का गठजोड़ !

घाटमपुर तहसील के कई गांवों मिलावटी शराब पीने से 11 लोगों की मौत के बाद पुलिस की जांच में खुलाशा, सपा-बसपा नेता चला रहे थे शराब की अवैध भठ्टियां, चुनाव में करनी थी खपत।

By: Vinod Nigam

Updated: 19 Mar 2019, 09:01 PM IST

Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

कानपुर। लोकसभा में जहां अखिलेश और मायावती सत्ता पाने के लिए गठबंधन किया है तो वहीं उनके पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने चुनाव में अपनी तिजोरी भरने के लिए क्षेत्र में मिलावटी शराब की अनगिनत भठ्ठियां और फैक्ट्रियां संचालिम कर रहे थे। घाटमपुर तहसील क्षेत्र में मिलावटी शराब पीने से 11 लोगों की मौत के बाद जांच में सपा-बसपा नेताओं का गठजोड़ सामने आया है। पुलिस की जांच में बसपा के मंडल कोआर्डिनेटर योगेंद्र कुशवाहा, उसके भाई और सपा नेता विमल कुशवाहा समेत 11 लोगों को नाम सामने आने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान उन्होंने शराब की अवैध कारोबार करने की बात कबूली है। सभी को जेल भेज दिया गया है। बतादें पिछले साल जहरीली शराब का सेवन करने से 18 की मौत हुई थी। पुलिस ने पूर्व सपा विधायक रामस्वरूप गौण के पौत्रों को अरेस्ट कर जेल भेजा था।

फिर भी संचालित होता कारोबार
सजेंडी और रूरा थानाक्षेत्र में मई 2018 में जहरीली शराब का सेवन करने 18 ग्रामीणों की मौत हुई थी। पुलिस ने इस कांड के आरोप में सपा के पूर्व विधायक रामस्वरूप गौण के पौत्र नीरज सिंह व विनय सिंह को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने शराब की फैक्ट्रियों के अलावा भंडारन की जानकारी दी थी। सपा नेता के घर से एक ट्रक शराब पुलिस ने बरामद कर दोनों को जेल भेज दिया था। पुलिस की मानें तो सपा नेताओं के साथ बसपा नेता योगेंद्र कुशवाहा और विमल कुशवाहा भी शराब का कारोबार कर रहे थे। उस दौरान जब घटना हुई थी तो योगेंद्र व विमल ने खुद को बचा लिया था। कुछ दिन के बाद दोनों फिर से अवैध शराब का कारोबार संचालित करने लगे।

24 घंटे धंधक रही थी भठ्ठियां
ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी बसपा नेता योगेंद्र कुशवाहा पेशे से वकील है और सपा नेता विमल के साथ मिलकर शराब का कारोबार करता था। इन दोनों के सिर पर कानपुर के एक कद्दावर सपा नेता का हाथ था। सपा व बसपा नेता चुनाव के दौरान शराब की खपत ज्यादा होने के चलते 24 घंटे शराब की भठ्ठियां क्षेत्र के कई गांवों में चलवा रहे थे। इनकी भठ्ठियों से बनीं शराब सरकारी शराब की दुकानों और परचून व अन्य जगह पर खुलेआम बिकती थीं। पुलिस ने कईबार इनके गैरकानूनी धधक रही भंठ्ठियों में छापेमारी की, लेकिन रसूख के बल पर ये लोग बच जाते थे।

सपा नेता ने छुड़वाया
सीओ घाटमपुर मुताबिक जेल भेजा जा चुका विमल कुशवाहा 2012 से 2016 के बीच तीन-चार बार पकड़ा भी गया तो कानपुर के सपा नेता ने उसकी पैरवी की और उसको छुड़वाया। इस वजह से उस पर कोई फर्क नहीं पड़ा और उसने योगेंद्र के साथ मिलकर शराब का कारोबार जारी रखा। पुलिस को आशंका है कि सपा नेता को भी मोटी रकम ये शराब कारोबारी देते थे। अब पुलिस बड़े सपा नेता को दबोचने के लिए सपूत जुटा रही है और किसी भी वक्त उसकी गिरफ्तारी हो सकती है। सूत्रों की मानें इस कारोबार में कई बड़े चेहरे बाहर आएंगे।

सत्ता का उठाया फाएदा
एसएसपी अनंत देव के मुताबिक कोमल सचान भी खुद को सपा का नेता बताता था। वह खुद को सचिव बताता था। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका था कि वह किस प्रकोष्ठ में सचिव है। एसएसपी ने बताया राजनीतिक पार्टी से जुड़े होने का आरोपियों ने खूब फायदा उठाया था। योगेंद्र खुद पार्टी से जुड़ा था वहीं, दूसरी तरफ सपा नेता का विमल कुशवाहा से सीधा कनेक्शन था। इन्हीं कारणों से अवैध शराब का कारोबार बढ़ता गया। एसएसपी के मुताबिक सभी आरोपियों पर एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम) की कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में जिलाधिकारी को संस्तुति के लिए जल्द ही रिपोर्ट भेज दी जाएगी।

 

 

Show More
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned