कानपुर के कार्डियोलॉजी हॉस्पिटल में आग लगने से दो की मौत, शार्ट सर्किट से हुआ था दर्दनाक हादसा

- क्रिटिकल केयर यूनिट के स्टोर में शार्ट सर्किट से लगी आग

- पूरी बिल्डिंग में भर गया धुआं, दम घुटने से दो बुर्जुग मरीजों ने दम तोड़ा

- अस्तपाल में भर्ती हैं 145 मरीज

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

कानपुर. शहर के लक्ष्मीपत सिंहानिया हृदय रोग संस्थान के क्रिटिकल केयर यूनिट के स्टोर में स्टोर में सुबह शार्ट सर्किट से आग लग गयी। पूरे अस्पताल में धुआं फैल जाने से दो बुजुर्ग मरीजों की दम घुटने से मौत हो गयी। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. आरबी कमल ने मौत की पुष्टि की है। कई अन्य मरीज भी आगजनी से प्रभावित हुए हैं। आनन-फानन सभी मरीजों को बाहर निकाला गया।

 

लक्ष्मीपत सिंहानिया हृदय रोग संस्थान में रविवार की सुबह आठ आग लगने के बाद सेंट्रल एयरकंडिशनर बिल्डिंग में धुआं भरने के बाद चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन में कर्मचारियों ने शीशे तोड़कर मरीजों को बाहर निकाला। मरीजों को हृदय रोग संस्थान की नई ओपीडी बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया है। गंभीर मरीजों को हैलट अस्पताल के वार्ड-तीन में शिफ्ट कराया गया है। जिस जगह आग से धुआं भरा उन दो कमरों में 50 मरीज भर्ती थे।

 

 

मरीजों को उतारा गया दूसरी मंजिल से

आइसीयू और वार्ड से मरीजों को निकालने के लिए खिड़कियों एवं आइसीयू के शीशे तोड़ दिए गए। आग लगने पर धुआं पहली और दूसरी मंजिल पर भी भर गया। इससे ऊपरी मंजिल के कमरों की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए गए और मरीजों को चद्दर के सहारे ही नीचे उतरा गया।

 

दो बुजुर्गों की हुई मौत

हादसे में सिविल लाइन कानपुर निवासी 60 वर्षीय इमाम अली की करीब 9.20 बजे और हमीरपुर के राठ निवासी टेकचंद्र की मौत हो गयी। टेकचंद्र वेंटीलेटर पर थे। आग लगने के बाद धुआं भरते ही डाक्टरों ने उन्हें बाहर ले जाने के लिए कहा, लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी।

 

टेकचंद्र की मौत की वजह हादसा नहीं

कार्डियोलॉजी प्रशासन का कहना है कि टेकचंद्र की मौत की वजह हादसा नहीं है। टेकचंद की मृत्यु इस हादसे की वजह से नहीं हुई है बल्कि उनकी मौत सुबह हो चुकी थी। हादसा होने से ठीक पांच मिनट पहले ही परिवार को उनका मृत्यु सर्टिफिकेट दे दिया गया था। अस्पताल प्रशासन ने हादसे में उनकी मृत्यु से इनकार किया है।

 

नई बिल्डिंग में मरीज शिफ्ट

अस्पताल में कुल 145 मरीज भर्ती हैं। इसमें 15 एनजीओ प्लास्टि, दो ओपन और छह हार्ट सर्जरी के पेशेंट हैं। ऑपेरशन और एंजियोप्लास्टी के मरीजों को शिफ्ट किया गया। सामान्य मरीजों को हृदय रोग संस्थान की नई बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया है। हृदय रोग संस्थान से गंभीर मरीजों को हैलट भेजा गया है। वहां के सर्जरी के वार्ड तीन में भर्ती किया गया है। जहां ऑक्सीन एवं वेंटीलेटर के पहले से इंतजाम हैं।

 

मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिये हैं। उन्होंने आग के कारण दुर्घटना में घायलों का समुचित इलाज कराने का निर्देश देने के साथ ही संस्थान में शीघ्र ही चिकित्सा सेवा भी शुरु कराने का भी निर्देश दिया है। उच्च स्तरीय समिति आग के कारण दुर्घटना तथा दुर्घटना के कारणों की जांच करेगी। समिति में डीजी फायर सर्विस के साथ आयुक्त कानपुर मंडल और प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा हैं।

 

यह भी पढ़ें: योगी सरकार ने किया बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 13 IPS अधिकारियों का किया तबादला, देखें लिस्ट

 

नितिन श्रीवास्तव
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned