24 घंटे में दो बार रेलवे की इस घटना के सामने आने पर मचा हड़कंप जबकि रेलवे कर्मियों ने ये कहा

24 घंटे में दो बार रेलवे की इस घटना के सामने आने पर मचा हड़कंप जबकि रेलवे कर्मियों ने ये कहा

Arvind Kumar Verma | Publish: Sep, 02 2018 07:18:43 PM (IST) Kanpur, Uttar Pradesh, India

दिल्ली हावडा रूट पर 24 घंटे के अंदर दो बार समीपस्थ एक जैसी घटना होने से लोगों के अंदर सवाल उठ खडे हुये। दरअसल लोग 2016 में हुये पुखरायां जैसे बडे ट्रेन हादसे को अभी नहीं भुला पाये हैं।

कानपुर देहात-जनपद में पुखरायां जैसे बड़े ट्रेन हादसे के बाद से रेलवे विभाग चौकन्ना हो गया है। बीते दिन दिल्ली हावड़ा रेलमार्ग पर एक ही स्टेशन के समीप कुछ ही दूरी पर लगातार एक जैसी घटना होने से कई सवाल जेहन में उठ खड़े हुये हैं। आखिर रेलवे कर्मचारियों को पेट्रोलिंग के दौरान ऐसा कुछ नहीं दिखाई दिया साथ ही पटरी के ज्वाइंट के पास ही पटरी का अकस्मात चटकना आदि बिंदु चौंकाने वाले हैं। इसको लेकर लोगों में कई तरह की आशंकाएं जाग उठी हैं। झींझक स्टेशन के आसपास पटरी चटकना कोई साजिश का हिस्सा भी हो सकता है। फिलहाल रेलवे के अफसर इसे पटरी के ज्वाइंट का कमजोर होना या पटरी ठंडी गरम होने से चटकना मानकर चल रहे हैं। फिलहाल गश्त करने वाले रेलवे कर्मियों को सक्रिय कर दिया गया है।

 

24 घंटे में दो समान घटनाएं होने से शंका

दरअसल शुक्रवार की सुबह दिल्ली हावड़ा मार्ग पर झींझक स्टेशन के समीप स्टेशन की पूर्वी केविन के पास सुबह 6 बजकर 41 मिनट पर खंभा नंबर 1079 के 30 व 32 के बीच चटकी पटरी से कानपुर जाने वाली फफूंद कानपुर मेमो गुजरने के बाद 30 मिनट तक डाउन लाइन का यातायात बाधित रहा था। इस घटना के अभी 24 घंटे बीते ही थे कि शनिवार की सुबह झींझक स्टेशन के पास ही खंभा नंबर 1080 के 33 व 35 के बीच अप लाइन की चटकी पटरी से दिल्ली की तरफ जाने वाली अवध एक्सप्रेस ट्रेन धड़धड़ाती हुई गुजर गयी। लगातार दो दिनों में दो बार पटरी चटकने की घटनाओं में रेल कर्मियों की लापरवाही साफ साफ उजागर होजार सामने आ रही है लेकिन इन दोनों घटनाओं को देखते हुए किसी बड़ी साजिश की आशंका भी नजर आ रही है।

 

रेलवे के जानकारों ने बताया कि

पीडब्ल्यूआइ झींझक सियाराम बिंद ने बताया कि पटरियों के ज्वाइंट लगातार ट्रेनों को निकलने से गर्म हो जाता है। बारिश में पानी गिरने से तुरंत ठंडा होने से कमजोर होकर पटरी चटक जाती हैं। कीमैन पेट्रोलिंग करते हैं और लगातार इस पर नजरें भी बनाए रखते हैं। यातायात निरीक्षक फफूंद बीके मीणा ने बताया कि पटरियों के ज्वाइंटों को गहनता से चेक कराने के निर्देश पीडब्ल्यूआई झींझक को दिये गये हैं। ज्वाइंट कमजोर होने से जोड़ चटकते हैं। निरीक्षक आरपीएफ थाना फफूंद राजकुमार सिंह ने बताया कि पटरियों का चटकना तकनीकी कमी है। साजिश की संभावना नहीं हो सकती है। झींझक में ड्यूटी पर जाने वाले कांस्टेबलों को रात के दौरान स्टेशन के दोनों तरफ पटरियों पर गश्त बढ़ाने के निर्देश दिये गये हैं।

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