चकेरी में एटीएस के हत्थे लगा हिजबुल का कुख्यात टेरिस्ट, सिद्धि विनायक मन्दिर पर हमले का बनाया था प्लॉन

चेकरी एअरपोर्ट से महज आधा किमी की दूरी पर ठकरे थे संदिग्ध आतंकी, दो की पुलिस कर रही है तलाश

By: Vinod Nigam

Published: 13 Sep 2018, 07:58 PM IST

कानपुर। चकेरी थानाक्षेत्र स्थित उज्यारी लाल यादव के घर में यूपी एटीएस ने छापा मारकर हिजबुल मुजाहिदीन के एक संदिग्ध आतंकवादी को अरेस्ट किया है। एटीएस के हथियारों से लैस कमांडों की घर को चारों तरफ से घेर लिया और किराए के कमरे में रह रहे आसाम निवासी कमर उज जमां को धरदबोचा। बताया जा रहा है कि इसके साथ दो अन्य संदिग्ध भी थी, जिनको गिरफ्तार करने के लिए एटीएस और कानपुर की पुलिस लगी हुई है। आरोपी के कमरे से एक लैपटॉप, एअरफोर्स का लोगो लगी स्कूटी और एक एतिहासिक मंदिर का वीडियो और फोटो बरामद किया है। आंतकी शहर के सुतरखाना में स्थित सिद्धि विनायक मन्दिर में हमले का प्लॉन बनाया था। आतंकी कानपुर में डॉक्टर बनकर रह रहा था और अपना मूल निवास दिल्ली बताया था।

ऐसे चढ़ा एजेंसियों की रडार पर
मूलरूप से आसाम का रहने वाले कमर उज जमां ने अपनी अप्रेल 2018 में अपनी एक फोटो एके-47 के साथ सोशल मीडिया में वायरल की थी। जिसके बाद से ही सुरक्षा एजेंसियां इसकी तलाश कर रही थीं। अप्रैल 2017 में कश्मीर में कमर उज जमां ओसामा नाम के व्यक्ति के संपर्क में आया और उसी के माध्यम से हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हुआ। कमर उज जमां दोउजियारी लाल यादव के संपर्क में आया और उनके घर में एक कमरा किराए पर लिया था। आरोपी ने अपने आपको को डॉक्टर तो अन्य संदिग्धों अपने आप को इंजीनियर बताया था। यूपी एटीएस ने जिस घर से आतंकी कब्राउज्जमा को गिरफ्तार किया है वह घर कानपूर चकेरी मोड़ कानपुर पब्लिक स्कूल के पास है। खास बात यह है कि जिस जगह पर यह रह रहे थे, उसके 500 मीटर की दूरी पर एयरपोर्ट भी है।

किसी से नहीं करते थे बातचीत
एटीएस ने आतंकी के कमरे से कुछ सन्दिग्ध चीज़ें भी बरामद की हैं। माकन में रहने वाले दूसरे किरायेदार जीएल सरकर ने बताया कि हम पिछले डेढ़ वर्ष से रह रहे हैं। अभी एक हफ्ते पहले यहां पर तीन युवक आये थे। वह रात बिरात यहां आते थे। उनका आने का समय निश्चित नहीं था। रात में हम कमरे के बाहर सो रहे थे। उस दरमियां पुलिस वाले आये और युवकों के बारे में पूछताछ की। इसी दौरान हम लोगों से उन्होंने कहा अंदर जाओ और वे उन्हें मारते हुए ले गए। पड़ोसी आरबी सिंह ने बताया कि उनकी गाड़ी का नम्बर अलग होता था। गाड़ी हाईटेक थी और वो रईसों की तरह रहते थे। तीनों संदिग्ध ज्यादा किसी से बात नहीं करते थे और शाम होते ही कमरे के अंदर हो जाते और फिर सुबह ही बाहर निकलते थे।

नाम पता दिल्ली का बताया था

मकान मालिक ने बताया कि हमारे घर में आठ किराएदार और रहते हैं और जो पैसा मिलता है उसी से घर का खर्चा चलता है। एक सप्ताह पहले तीन युवक कमरे किराए पर लेने के लिए आए। उन्होंने नाम पता दिल्ली का बताया था। उन्होंने आधार कार्ड दिखाया और इसी के बाद हमने घर उन्हें तीन हजार रूपए में दिया। किरायेदार पूजा बताती हैं कि वे पिछले एक साल यहां पर रह रही हैं। तीन युवक यहां पर किराए का कमरा लिया था। तीनों रात बिरात यहां आते थे उनका आने का समय निश्चित नहीं था। जिस गाड़ी से वह आते थे उन गाड़ी के नम्बर लखनऊ और उन्नाव के था। देररात वे कमरे के बाहर सो रहे थे उस दौरान पुलिस वाले आये और युवकों के बारे में पूछताछ की इसी दौरान पुलिस ने हमें अन्दर जाने की ताकीद की और उन युवकों को मारते हुए अपने साथ ले गए।

डॉक्टर हुरैरा रखा नाम
डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि कानपुर से हिजबुल मुजाहिदीन आतंकवादी को गिरफ्तार किया गया है। उन्होने बताया कि उसने गणेश चतुर्थी के अवसर पर हमला करने की योजना बनाई थी। बताया जा रहा है कि पकड़ा गया आतंकी असम का निवासी है। आतंकी के फोन से वीडियो मिला है। पकड़े गए आंतकी का नाम कमरूज्जमा उर्फ कमरुद्दीन है जिसकी उम्र 37 साल है। आतंकी पूछताछ के दौरान बताया है कि वह अप्रैल 2017 में कश्मीर में प्रशिक्षण के लिए गया था। संदिग्ध ने कश्मीर के किश्तवाड़ स्थित मुजाहिदीन के कैंपों में ट्रेनिंग ले चुका है। अप्रैल 2017 में कश्मीर में उसकी मुलाकात ओसामा नाम के व्यक्ति से हुई और उसी के जरिए कमर उज जमा पाकिस्तान गया था। साल 2008 से 2012 के बीच कमर उज जमा फिलीपींस के निकट आइलैंड पलाउ में भी रह चुका है। हिजबुल मुजाहिदीन में इसका नाम डॉक्टर हुरैरा रखा गया था

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