दाल-सत्तू रोजाना खाइए, कोरोना वायरस पास भी नहीं आएगा

विटामिन डी और जिंक भी वायरस से जंग में जरूरी हथियार

कानपुर। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से सुरक्षित रहने के लिए अब तक कोई भी दवा नहीं बन सकी है, इसलिए इससे बचने का सबसे बेहतर तरीका है मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता। और इस क्षमता को बढ़ाने के लिए शरीर में जरूरी खनिज पदार्थों की पर्याप्त मात्रा जरूरी है। ऐसे में दाल-सत्तू ऐसा भोजन है जो शरीर को हर तरह के रोगाणुओं और विषाणुओं से लडऩे लायक बनाता है। दाल-सत्तू लगभग हर सामान्य परिवार में आसानी से उपलब्ध रहता है। ग्रामीण इलाकों में यह गर्मियों का पसंदीदा खाद्य पदार्थ होता है।

इजिप्ट के नेशनल रिसर्च सेंटर ने की पुष्टि
रिसर्च सेंटर इजिप्ट के प्रो. महा साबरे ने कहा कि वैक्सीन बनने में अभी समय है। इसलिए शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना है। इसके लिए खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। अगर दाल व सत्तू की मात्रा भोजन में बढ़ाएं, साथ ही विटामिन-डी व जिंक की मात्रा को भी खाने में बढ़ाएं। इससे कोरोना भाग जाएगा। उन्होंने कहा कि भारतीय भोजन काफी हद तक संतुलित होता है। अगर कोई मांसाहारी हैं तो वह मीट व मछली का सेवन भी कर सकता है।

इलाज में सावधानी जरूरी
कानपुर स्थित छत्रपति शाहूूजी महाराज विश्वविद्यालय में कॉस्ट ऑफन लाइफ एंड इकोनॉमी ऑफ द वर्ल्ड विषय पर इंटरनेशनल वेबिनार में इजिप्ट की प्रो. एसआई शलबी ने कहा कि कोरोना बीमारी में इलाज भी सावधानी से करना है। जैसे दूसरी बीमारी से ग्रसित किसी मरीज को अगर कोरोना संक्रमण हो जाए तो उनको दवाई देते समय काफी ध्यान देने की आवश्यकता है। दिल और किडनी के मरीजों को कोई भी दवा नहीं दी जा सकती। वेबिनार में विवि की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने कोरोना से बचाव के बारे में जानकारी दी। उच्चतर शिक्षा परिषद के चेयरमैन प्रो. जीसी त्रिपाठी ने आर्थिक संकट के बारे में जानकारी दी। मगर यह भी बताया कि यह संकट का समय है, इस समय पहले जिंदगी बचाना जरूरी है।

नुकसान के साथ लाभ भी
मुख्य अतिथि प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि पूरी दुनिया कोरोना से प्रभावित है। इससे दहशत और त्राहिमाम की स्थिति बनी है। लेकिन, इसके कुछ सकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिल रहे हैं। जलवायु शुद्ध हुई है, जल प्रदूषण कम हुआ है। कृषि आधारित वस्तुओं की मांग बढ़ी है। उन्होंने भविष्य में आने वाली विभिन्न कंपनियों के बारे में भी जानकारी दी, जिससे रोजगार बढ़ेगा। इसी तरह, महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनसी गौतम ने भी अपने विचार रखे। वेबिनार का संचालन डॉ. वर्षा गुप्ता, डॉ. राशि अग्रवाल, डॉ. संदेश गुप्ता ने किया।

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आलोक पाण्डेय
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