बर्ड फ्लू पर नियंत्रण के लिए पशु चिकित्सा विभाग सक्रिय, बनाई दस रैपिड रिस्पांस टीमें, विदेशी पक्षियों पर निगरानी

बर्ड फ्लू के खतरे का अलर्ट जारी होने के बाद इन झीलों में डेरा डाले पक्षियों की भी निगरानी शुरू हो गई है।

By: Arvind Kumar Verma

Published: 09 Jan 2021, 10:22 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

कानपुर देहात-बर्ड फ्लू के खतरे को देख जहां लोगों में हलचल है। वहीं इसके नियंत्रण के लिए शासन ने निर्देश जारी कर दिए। जिसके बाद कानपुर देहात प्रशासन सक्रिय हो गया। इसके चलते पशु चिकित्सा विभाग ने इस पर नियंत्रण के लिए दस रैपिड रिस्पांस टीमें गठित कर दी है। वहीं टीमों को जिले के सभी मुर्गी फार्म का निरीक्षण व सैंपलिंग कराने के निर्देश दिए हैं। बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद भारत सरकार ने अलर्ट जारी किया है। जिसके बाद सक्रिय हुए पशु चिकित्सा विभाग सक्रिय हो गया। इसके तहत जिले के करीब 65 मुर्गी फार्मों की निगरानी शुरू कराई है।

विभाग ने सभी दस ब्लॉकों में पशु चिकित्सा विभाग ने दस रैपिड रिस्पांस टीमें गठित कर मुर्गी फार्मों पर निगरानी कराने का काम शुरु किया है। साथ ही फार्म संचालकों को भी एहतियात बरतने की हिदायत दी गई है। फिलहाल इन टीमों ने सैंपलिंग का भी काम तेज कर दिया है। वहीं जनपद में बनी झीलों में आने वाले विदेशी पक्षियों पर भी निगरानी की जा रही है। दरअसल कानपुर देहात में रसूलाबाद तहसील क्षेत्र में स्थित प्राकृतिक झील इटैली एवं विदेशी पक्षियों का आगमन वाली मैथा तहसील क्षेत्र में स्थित मघई झील में हर समय नजर रखी जा रही है।

यहां बड़ी संख्या में पक्षी डेरा जमाकर कलरव करते हैं। जबकि सर्दी में विदेशी पक्षी भी यहां आकर डेरा डालते हैं। वहीं मघई झींल में भी साइबेरियन व दुर्लभ प्रजाति के विदेशी पक्षी हर साल आते हैं। इस समय इस झील में भी विदेशी पक्षियों की चहल पहल शुरू हो गई है। बर्ड फ्लू के खतरे का अलर्ट जारी होने के बाद इन झीलों में डेरा डाले पक्षियों की भी निगरानी शुरू हो गई है। फिलहाल शासन के एलर्ट करने के निर्देश के बाद अब प्रशासन कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। इसलिए बर्ड फ्लू पर नियंत्रण के लिए पशु चिकित्सा विभाग पहले से ही सक्रिय हो चुका है।

Arvind Kumar Verma
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned