विकास दुबे कांड में योगी सरकार का सख्त कदम, 19 प्रशासनिक अधिकारियों के साथ आठ राजस्वकर्मियों पर होगी कार्रवाई

प्रशासनिक अधिकारियों में अपर जिलाधिकारी, सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और लेखपाल तक शामिल हैं।

लखनऊ. यूपी के बिकरू कांड में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की शुरुआत करने के बाद अब योगी सरकार 19 प्रशासनिक अफसरों और आठ राजस्व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने जा रही है। आरोपी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सक्षम अधिकारी से शुरुआती जांच कराकर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश शासन की तरफ से संबंधित विभागों को दे दिए गए हैं। विभाग नियमों के मुताबिक आरोपियों की भूमिका की जांच कर कार्रवाई की रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेंगे।

 

कार्रवाई की सिफारिश

यूपी गृह विभाग के सूत्रों के मुताबिक एसआईटी जांच में 19 प्रशासनिक अधिकारियों और आठ राजस्व कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच करवाकर नियम के मुताबिक अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की गई है। प्रशासनिक अधिकारियों में अपर जिलाधिकारी, सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और लेखपाल तक शामिल हैं। पीसीएस सेवा के कई तत्कालीन अधिकारी अब पदोन्नत होकर आईएएस और जिलाधिकारी तक बन चुके हैं। जबकि कई रिटायर भी हो चुके हैं। अब इनके खिलाफ प्रशासनिक विभाग के नियमों के मुताबिक कार्रवाई तय मानी जा रही है।

 

शस्त्र लाइसेंस देकर फंसे

एसआईटी रिपोर्ट के मुताबिक कई प्रशासनिक अधिकारियों, राजस्वकर्मियों पर विकास दुबे, उसके परिजनों, सहयोगियों, फाइनेंसर के शस्त्र लाइसेंस जारी करने और रिन्यूअल करने में नियमों के साथ ही तय प्रक्रियाओं की जानबूझकर अनदेखी करने का आरोप है। शस्त्र और कारतूसों की जांच में शिथिलता के लिए भी अफसरों की जवाबदेही तय की जा रही है। गैंगस्टर विकास दुबे और उसके सहयोगियों कीमदद करने को लेकर भी अफसर चिह्नित किए गए हैं।

 

सवालों के घेरे में एसआईटी रिपोर्ट

सूत्र के मुताबिक एसआईटी रिपोर्ट में शस्त्र लाइसेंस जारी करने के दौरान गड़बड़ियों के लिए किसी भी तत्कालीन जिलाधिकारी (आईएएस अधिकारी) को जिम्मेदार नहीं माना गया है। जबकि शस्त्र लाइसेंस जिलाधिकारी ही जारी करता है और इसे वह अपना सबसे मजबूत अधिकार मानता है। बिना उसकी इच्छा के किसी को भी लाइसेंस जारी नहीं हो सकता। ऐसे में एसआईटी की जांच में किसी भी तत्कालीन डीएम को जिम्मेदार न ठहराना अपने आप में कई सवाल खड़े कर रहा है।

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नितिन श्रीवास्तव
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