मरने के बाद भी विकास दुबे आवास अपील समिति का है सदस्य, इस तरह हुआ इसका खुलासा

इस बात का खुलासा तब हुआ जब आवास आवंटन की पात्रता सूची में गड़बड़ी पाए जाने पर उसकी जांच की गई।

By: Arvind Kumar Verma

Published: 26 Mar 2021, 01:16 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
कानपुर. बिकरू गांव में हुए कांड (Bikru Kand) के बाद मुख्य आरोपी विकास दुबे मुठभेड़ (Vikas Dubey Encounter) में मारा गया था। लेकिन जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (DRDA) की आवास अपील समिति में वह पांच साल से सदस्य है। उसकी मौत के बाद भी परियोजना निदेशक (Pariyojna Nideshak) ने अभी तक उसके स्थान पर किसी दूसरे सदस्य को नामित नहीं किया। इस बात का खुलासा तब हुआ जब आवास आवंटन (Aavas Avantan) की पात्रता सूची में गड़बड़ी पाए जाने पर उसकी जांच की गई। दरअसल आपको बता दें कि डीआरडीए विभाग द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का संचालन किया जाता है। इसमें सरकार की तरफ से आवास निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये की मदद दी जाती है।

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इसमें पात्रता का चयन सचिव और बीडीओ मिलकर करते हैं। उसके बाद फाइनल सूची पर जो आपत्तियां आती हैं, उनका निस्तारण करने और पात्रों को धनराशि उपलब्ध कराई जाती है। इसके बाद ग्राम पंचायत में उस सूची का प्रकाशन करने का काम अपील समिति का होता है। इसमें सीडीओ (CDO) अध्यक्ष होता है। साथ ही परियोजना निदेशक व अच्छी छवि वाला ब्लॉक का एक व्यक्ति सदस्य होता है। शिवराजपुर ब्लॉक में 2015 में विकास दुबे को परियोजना निदेशक ने सदस्य नामित किया था।

विकास के कहने पर ही लोगों को आवास आवंटन किया जाता था। लेकिन हैरानी की बात यह है कि जुलाई 2020 में एनकाउंटर के बाद भी विकास का नाम नहीं हटाया गया। 2021 में 3581 लोगों की सूची बिना अपील समिति के अध्यक्ष के अनुमोदन कराए शासन को भेज दी गई। सीडीओ डॉ. महेंद्र कुमार का कहना है कि इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। जल्द कमेटी का दूसरा सदस्य नामित कराएंगे।

Arvind Kumar Verma
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