एक लाश के कारण चिरली गांव में नहीं जले चूल्हे, आखिर क्या है वजह

Vinod Nigam

Updated: 17 Sep 2019, 01:02:47 PM (IST)

Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

कानपुर। घाटमपुर थानाक्षेत्र के चिरली गांव निवासी एक बुजुर्ग की मौत हो गई। परिजनों ने उसके शव को स्कूल और मंदिर के बीच पड़ी जमीन पर दफना दी दिया। ग्रामीणों को जब इसकी जानकारी हुई तो वह आगबबूला हो गए और शव को बाहर निकालनें के लिए मौके पर जमा हो गए। दूसरे पक्ष के लोगों नेे जब विरोध किया तो ग्रामीण साढ़ चौकी पहुंच गए और पुलिस को जानकारी दी, लेकिन चैकीइंचार्ज उल्टें उन्हें डांट डपक कर भगा दिया। गुस्साए लोगों ने चौकी का घेराव कर लिया महिलाओं ने किचन पर ताला डालकर धरने पर बैठ गई। आखिर में पुलिस को एक्शन लेना पड़ा और शव को जमीन पर बाहर निकाल दूसरी जगह दफवानाया।

रात में शव को दफनाया
साढ़ चौकी के चिरली गांव निवासी रंगीलाल के पिता हरदेव की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। रंगीलाला अपने परिजनों के साथ मिलकर रात में ही पिता के शव को मंदिर और स्कूल के बीच पड़ी जमीन पर दफना दिया। सुबह के वक्त जब ग्रामीण अपने खेत में काम करने के लिए निकले तो उनकी नजर कब्र पर पड़ी तो वह गुस्से से लाल हो गए। जानकारी मिलते ही एक समुदाय के सैकड़ों लोग मौके पर आ धमके और फावड़े के जरिए शव को बाहर निकालनें लगे। जिसके कारण मृतक के परिजन व उसके समाज के लोग भी आ गए और दोनों समाजों के बीच पहले जमकर मारपीट हुई और फिर मामला पुलिस के पास पहुंचा।

पुलिस ने पीछे खीेंचे हाथ
ग्रामीण सीधे साढ़ चैकी पहुंच गए और चैकीइंचार्ज को मामले की जानकारी दी। पर उन्होंने कार्रवाई करने के बजाए अपने हाथ पीछे खींच लिए। जिसके विरोध में ग्रामीणों ने एक जुट होकर प्रशासन के खिलाफ बिगुल फूंक दिया और साढ़ पुलिस चैकी का घेराव कर लिया। ग्रामीणों के उग्र होने की भनक अलाधिकारियों को लगी तो एसडीएम और सीओ चौकी पहुंचे और किसी तरह से उन्हें शान्त कराया। एसडीएम के आश्वासन के बाद ग्रामीण अपने-अपने घरों में लौट गए।

नहीं जले चूल्हे
ग्रामीण राजेश ने बताया कि एसडीएम के कहने पर हम चैकी से घरों में वापस लौट आए। करीब तीन घंटे तक पुलिस के आने का इंजतार किया, पर वहां से कोई नहीं आया। जिसके कारण महिलाओं ने किचन पर ताला जड़कर कब्र के पास धरने पर बैठ गई। पूरे दिन किसी के घर में चूल्हा नहीं जला। इसबीच एसडीएम भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने मृतक के परिजनों को बुलाया और शव को दूसरी स्थान पर दफनाए जाने को कहा। एसडीएम की बात परिजन मान गए और शव को कब्र से बाहर निकाल कर ग्रामसमाज की जमीन पर दफना दिया गया।

जमीन पर कब्जे का प्लान
ग्रामीणों के मुताबिक मृतक का बेटा रंगीलाल साढ़ चौकी में चौकीदार के पद पर तैनात है। रंगलीलाल के सिर पर ग्रामप्रधान का हाथ है। रंगीलाल की नजर मंदिर की जमीन पर बहुत पहले से थी। पिता की मौत के बाद उसने प्रधान के साथ मिलकर उसके शव को इसी जमीन पर दफना दिया। एसडीएम नर्वल एसडीएम नर्वल ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि एक ग्रामीण की मौत हो गई थी। परिजनों ने उसके शव को मंदिर के पास दफना दिया था। इसी के कारण कुछ ग्रामीण नाराज थे। पुलिस ने शव को बाहर निकलवा कर दूसरी जगह दफनवा दिया है। अब गांव में पूरी तरह से शांति है।

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