बारिश के पानी ने गांव को बनाया बंधक, ग्रामीणों ने ट्रैक पर लेट रोक दी ट्रेन

बारिश के पानी ने गांव को बनाया बंधक, ग्रामीणों ने ट्रैक पर लेट रोक दी ट्रेन

Vinod Nigam | Publish: Jul, 30 2018 03:06:58 PM (IST) Kanpur, Uttar Pradesh, India

गांव से बाहर निकलनें के रास्ते में भरा पानी, शिकायत के बाद नहीं आए अधिकारी तो गांववाले हुए उग्र, दो घंटे तक रेल यातायात कर दिया ठप

कानपुर। सावन के पहले सेमवार की सुबह से झमाझम बारिश हो रही है, जिसके कारण आमशहरी के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के कई इलाकों में जलभराव की समस्या आ गई। बारिश का पानी लोगों के घरों के अंदर प्रवेश कर गया तो घाटमपुर थाना क्षेत्र स्थित हिरनी गांव में बाहर जाने चाले रास्ते में लबालब पानी भर गया। इसके चलते ग्रामीण उग्र हो गए और कानपुर बांदा रेलवे ट्रैक पर कब्ज़ा कर लिया। कानपुर से बांदा जा रही मानिकपुर पैसेंजर को रोक लिया। सूचना पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों को शांत कराया और गांव से जलनिकासी का वादा किया तब कहीं दो घंटे के बाद ग्रामीणों ने ट्रेन को जाने दिया।

इसलिए रोकी ट्रेन
कानपुर-बांदा रेलवे लाइव हिरनी गांव से होकर गुजरती है। ग्रामीणों के बाहर निकलनें का एक मात्र रास्ता रेलवे की अंडर पास पुलिया है। बारिश की वजह से पुलिया में पानी भर गया और ग्रामीणों के निकलने का रास्ता बंद हो गया। नाराज ग्रामीणों ने ट्रेन रोक कर रेलवे ट्रैक पर कब्ज़ा कर लिया। ट्रेन रोके जाने की खबर से रेलवे के अधिकारियो में हडकंप मच गया।,मौके पर पहुची पुलिस और रेलवे अधिकारियो ने समझा बुझाकर ग्रामीणों को शांत कराया और ट्रेन को रवाना किया। गांव के शिवबरन निषाद ने बताया कि पिछले कई दशक से गांववाले इसी पुलिया के जरिए बाहर जाते हैं। लेकिन बारिश होने के चलते पुलिया में पानी भर गया। बाहर जाने का मात्र उक रास्ता बंद हो जाने के बाद हमलोगों ने स्थानीय विधायक कमलरानी वरूण को फोन किया, लेकिन उन्होंने आश्वसन देकर टरका दिया। जिससे हमलोगों ने ट्रेन को रोक दिया।

बारिश के चलते भरा पानी
रविवार की रात से हो रही मुसलाधार बारिश की वजह से पुलिया में पानी भर गया है। जिसकी वजह से गांव से बाहर जाने का रास्ता बंद हो गया है। गांव से बाहर जाकर व्यापर करने वाले और नौकरी को जाने वाले स्कूल कालेज जाने वालां को पुलिया में पानी भरने से दिक्कातों का सामना करना पड़ रहा है ।इसी बात से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार सुबह ही रेलवे ट्रैक को जाम कर लगा,कानपुर मानिकपुर पैसेंजर ट्रेन को रोक लिया। ग्रामीणों का कहना है कि इस रास्ते के अवाला भी हमें गांव से निकलने का दूसरा रास्ता दिया जाये। इसके साथ ही पुलिया के नीचे भरे पानी को निकलवाया जाये। घाटमपुर इन्स्पेक्टर दिलीप बिंद के मुताबिक ग्रामीणों ने कानपुर बाँदा रेलवे ट्रक पर ट्रेन को रोका था। ग्रामीणों को समझाकर बुझाकर हटा दिया गया है और ट्रेन को रवाना कर दिया गया।

गांव के अंदर फंसे ग्रामीण
बारिश के चलते पुलिस में जलभराव हो जाने के चलते ग्रामीण गांव के अंदर कैद हैं। शिवबरन निषाद ने बताया कि हमलोगों ने स्थानीय विधाक कमलरानी वरूण और सांसद देवेंद्र सिंह से भोले से जाकर समस्या बताई, लेकिन उन्होंने कोई समाधान नहीं किया। इतना ही नहीं पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री निरंजन ज्योति से समस्या के बारे में अवगत कराया। उन्होंने अपनी निधी से रास्ता बनवाए जाने की बात कही। लेकिन अभी तक करीब पांच हजार ग्रामीणों की समस्याओं से छुटकारा नहीं मिली। ग्रामीणों ने कहा कि अगर रास्ता की व्यवस्था नहीं की गई तो हमलोग सीएम योगी आदित्यनाथ के आवास का जाकर घेराव करेंगे।

दलित के घर रोटी खाई, पर सुधि नहीं ली
ग्रामीणों ने बताया कि एक माह पहले डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या घाटमपुर स्थित पड़ोस के गांव में रात गुजारी। दलित के घर में भोजन किया और तभी हमलोगों ने अपने गांव की सबसे बड़ी समस्या से उन्हें अवगत कराया। डिप्टी सीएम के पास पीडब्ल्यूडी विभाग होने के चलते उन्होंने जिले के अलाधिकारियों से जल्द से जल्द सड़क के निर्माण के आदेश दिए थे। डिप्टी सीएम के जाने के बाद तब से आज तक कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं आया। तहसील दिवस पर हमलोगों ने कानपुर डीएम, घाटमपुर एसडीएम को शिकायती पत्र सौंप समस्या से निजाद दिलाए जाने की मांग की, पर उनके कानों में भी जूं तक नहीं रेंगी।

 

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