पुलिस और किसानों के बीच हिंसा, पुलिस ने लाठी चार्ज कर दागे आंसू गैस के गोले, की फायरिंग

किसानों ने तोड़ी जेसीबी और कारें, अफसरों पर छोड़े जानवर
एएसपी और सीआे समेत पांच दर्जन किसान भी हुए जख्मी
अधिग्रहण के बावजूद जमीन छोडऩे को तैयार नहीं थे किसान

कानपुर। जिले की सीमा से सटे शुक्लागंज इलाके के शंकरपुर, मनभौना और कन्हवापुर के सैकड़ों किसानों और पुलिस ने बीच शनिवार को जमकर हिंसा हुई। शनिवार को प्रशासन और यूपीसीडा के अधिकारी साइड आफिस पर काम करवाने पहुंचे। जिस पर किसानों ने उन पर हमला कर दिया और जेसीबी और कारों में ईंट पत्थर चला दिए। जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। इस दौरान पुसि ने किसानों पर लाठियां भांज दी। वारदात के दौरान एएसपी, सीआे समेत एक दर्जन पुसि कर्मी जख्मी हो गए। वहीं लगभग चार दर्जन किसान भी घायल हो गए। जहां पुसि की बर्बरता भी देखी गई। पुसि ने किसानों पर आंसू गैस के गो छोड़ दिए। शाम को ग्रामीणों का दबाव बनाने की कोशिश की, तो पुसि ने हवाई फायरिंग की। मौके पर भारी संख्या में फोर्स तैनात की गई है।

ढाई साल से किसान कर रहे विरोध
पिछे ढाई साों से गलत अधिग्रहण का आरोप लगा कर ट्रांस गंगा हाईटेक सिटी के साइड आफिस पर बैठे हुए हैं। किसानों की मांग है पहे उन्हें सर्किल रेट के हिसाब से चार गुना मुआवजा दिया जाए। जिसके बाद किसान ट्रांस गंगा साइड अफिस से धरना बंद करेंगे माूम हो कि वर्ष 2002 में यूपीएसआईडीसी ने कन्हापुर मन भावना और शंकरपुर के लगभग ढाई हजार किसानों की भूमि अधिग्रहित की थी वर्ष 2012 और 13 में किसानों को 12 लाख 51 हजार प्रति बीघा के हिसाब से मुआवजा दिया गया किसानों का कहना है भूमि अधिग्रहण के तहत मुआवजा तुरंत मिलना चाहिए था देर से दिया गया और सर्किल रेट का पान नहीं किया गया सर्किल रेट के हिसाब से अधिग्रहण की गई जमीन का 4 गुना पैसा देना चाहिए इसी मांगों को ेकर किसान ढाई सा से ट्रांस गंगा हाईटेक सिटी के साइड अफिस पर किसान धरने पर बैठे हैं।

अफसरों के पहुंचते ही किसान हुए हमलावर
शनिवार सुबह को यूपीसीडा और चीफ इंजीनियर ट्रांस गंगा हाईटेक सिटी पर पहुंचे। वह साइड आफिस पर काम शुरू कराने जा रहे थे, तभी धरने पर बैठे किसानों ने यूपीसीडा के अफसरों की पिटाई कर दी। जिसके बाद ईंट पत्थर चला दिए। ईंट, पत्थर चने से जेसीबी मशीन और अफसरों की कार तोड़ दी। मामला बढऩे पर प्रशासन ने संज्ञान में यिा और मौके पर कई थानों की भारी पुसि फोर्स तैनात कर दी। जिसके बाद काम शुरू कराया गया। दोपहर दो बजे किसान एक बार फिर सैकड़ों की संख्या में वहां पहुंचे और काम बंदर करवाने का प्रयास किया। जिस पर पुसि ने किसानों को रोका ेकिन किसान उग्र हो गए और पुसि से धक्का मुक्की करने गे और फांसी का फंदा बना कर आत्महत्या करने का प्रयास करने गे। सैकड़ों किसानों को देख पुसि ने आंसू गैस के गो और पानी का बौछार छोडऩा चाू कर दिया।

पुलिस और किसानों में सीधी भिड़ंत
पुसि ने लाठी चार्ज कर दिया। चंद मिनटों में पुसि ने सैकड़ों ोगों को पीटकर ट्रांसगंगा सिटी से बाहर खदेड़ दिया। पत्थर लगने से एएसपी विनोद पांडेय, सीआे सिटी अंजनी कुमार राय समेत एक दर्जन पुसिकर्मी जख्मी हो गए। वहीं लाठी चार्ज में चार दर्जन से अधिक किसान भी जख्मी हो गए। लाठी चार्ज के दौरान पुसि ने बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं तक नहीं बख्सा उन पर भी लाठियां भांज दी। मौके पर मौजूद ग्रामीणों की दो दर्जन बाइक और एक कार तोड़ दिया। शाम करीब चार बजे को ग्रामीणों ने फिर दबाव बनाने की कोशिश की तो पुसि ने हवाई फायरिंग की। फायरिंग होने से ट्रांस गंगा हाईटेक सिटी में हडक़ंप मच गया। घटना के बाद शाम छह बजे डीएम देवेन्द्र कुमार पांडे और एसपी माधव प्रसाद वर्मा पहुंचे और स्थिति का जायजा यिा।

यह रहा घटनाक्रम
08:45 बजे बारह थानों का फोर्स ट्रांस गंगा साइड आफिस पहुंचा, जहां किसान पहे से ही मौजूद रहे।
09:30 बजे सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम मौके पर पहुंचे।
10:30 बजे काम निर्माण कार्य कर रही जेसीबी पर किया पथराव।
11:00 बजे एसडीएम ने किसानों से वार्ता करने का किया प्रयास।
01:40 बजे एडीएम और एएसपी मौके पर पहुंचे।
01:46 बजे अधिकारी और पुसि प्रशासन के बीच हुई वाता।
02:00 बजे किसान दोबारा साइड आफिस पहुंचे।
02:05 बजे किसानों पर पुसि प्रशासन का लाठी चार्ज।
02:15 बजे किसानों ने गर्दन में डाा फांसी का फंदा।
02:20 बजे तक पुसि ने किसानों पर भांजी लाठियां
03:20 पर सदर विधायक पंकज गुप्ता साइड आफिस पर पहुंचे।
04:45 बजे तीसरी बार किसानों के आने पर पुसि ने की फायरिंग
06:10 बजे डीएम और एसपी साइड आफिस पहुंचे।

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आलोक पाण्डेय Desk/Reporting
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