जमीन पर कोरोना तो आसमान में बादलों का डेरा, तेज आंधी-बारिश के अलर्ट से लोग खौफजदा

मौसमी उतार चढ़ाव के बीच गुरूवार की शाम से आसमान में बादल छाए हुए हैं और अगले 24 घंटे में शहर की फिजा में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

कानपुर। कोरोना वायरस के चलते देश में 21 दिन का लाॅकडाउन है और शहर से लेकर ग्रामीणक्षेत्रों के लोग इसके खिलाफ जंग लड़ रहे हैं। वहीं अब मौसम के बदले रूख के कारण नई मुसीबत का सामना करना पड़ सकता है। पिछले पंाच दिनो से चटक धूम के बाद आसमान में गुरूवार की शाम से बादलों का ढेरा है। सीएसए के मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे के अंदर तेज अंाधी, बारिश और ओले गिरने की प्रबल संभावना है। इस बारिश की सबसे ज्यादा मार फसल पर पड़ने के डर से किसानों दिल अभी से बैठे जा रहे हैं।

बारिश की संभावना
पिछले पांच दिनों से धूम निकलने के कारण गर्मी बढ़ गई है, जिसके कारण बारिश होने की संभावना मौसम वैज्ञानिक जता रहे हैं। साथ ही हवा 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। कानपुर मंडल के कई जिलों में बारिश, आंधी, ओलावृष्टि के आसार हैं। मौसम के बदलाव को लेकर कृषि विज्ञान केंद्रों और किसान समितियों को अलर्ट जारी किया जा रहा है। उनके लिए फसल प्रबंधन को लेकर एडवाइजरी भी जारी की जा रही है।

आज और कल बारिश के आसार
सीएसए के मौसम विभाग के अनुसार 26 मार्च को अधिकतम तापमान (34.0 ( ़2.0) तो न्यूनतम तापमान 21.4(़2.4) डिग्री दर्ज किया गया। अधिकतम आर्द्रता 72 तो न्यूनतम आर्द्रता 29 प्रतिशत है। जबकि हवाएं 7.5 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार स ेचल रही हैं। मौसम वैज्ञानिक डाॅक्टर नौशाद के अनुसार आगामी सप्ताह में हल्के से मध्यम बादल छाए रहने के कारण स्थानीय स्तर पर तेज हवाएं चलेगी। 27 व 28 मार्च को बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं। स्थानीय स्तर पर हवा के सामान्य से तेज गति से चलने के आसार है।

पच्छिम विक्षोम सक्रिय
डाॅक्टर खान ने बताया कि मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के असर से आतज देरशाम के साथ ही शुक्रवार को भी आसमान में बादल छाए रहेंगे। इसके बाद शनिवार से मौसम साफ हो जाएगा। डाॅक्टर खान के मुताबिक दिसंबर 2019 से लेकर मार्च 2020 तक 11 पच्छिम विक्षोभ सक्रिय रहे। इसी के चलते बेमौसम बारिश हुई। 11 वां पच्छिमी विक्षोम 29़ मार्च को खत्म हो जाएगा और आसमान से बादल छट जाएंगे।

किसानों को चैतरफा मार
कोरोना के कारण सबसे ज्यादा नुकसान गन्ना किसानों को उठाना पड़ रहा है. । उनके लिए पहले ही मौसम मुसीबत बन चुका है जिसके कारण बुआई नहीं हो पाई । अब बेमौसम बारिश व कोरोना की श्घरबंदीश् से किसान परेशान हैं.। लॉकडाउन के कारण मिलें बंद पड़ी हैं, जिससे पुरानी फसल भी मिल तक नहीं पहुंच पा रही है । इधर, किसान नया गन्ना भी लगा नहीं पा रहे हैं ।

प्रदूषण मुक्त शहर
कोरोना वायरस के प्रकोप को रोकने के लिए लगाए गए बंद के मद्देनजर सड़कों से वाहनों के नदारद रहने और उपयुक्त हवा की गति की वजह से वायु गुणवत्ता में सुधार हो रहा है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने वायु गुणवत्ता को संतोषजनक श्रेणी में बताया। बोर्ड के अधिकारियों की मानें तो पिछले दस वर्षो में पहली बार कानपुर की हवा इतनी साफ हुई है। 21 दिन के लाॅकडाउन से शहर पूरी तरह से ्रपदूषण मुक्त हो जाएगा।

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Vinod Nigam
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