7 जनवरी के बाद यहां फिर से लौट सकती है दिसंबर वाली ठंड

मौसम विभाग की मानें तो 7 से 8 जनवरी से बारिश होने का अनुमान है, इसके बाद फिर से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी।

By: Vinod Nigam

Published: 06 Jan 2020, 01:14 PM IST

कानपुर। बीते गुरूवार को एकाएक हुई बारिश और ओलावृष्टि के कारण कानपुर के अलावा आसपास के जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था। खेतों में खड़ी फसल तो वहीं बर्फ के कारण सड़कें सफेद हो गई। पर सोमवार की सुबह सूरज ने दर्शन दिए और आमलोग घरों की छतों पर धूम में अपने को गर्म करते दिखे। पर सीएसए के मौसम विभाग की मानें तो आज शाम को तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। जिससे फिर कड़ाके की ठंड से लोगों को जूझना पड़ सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 6 से लेकर 8 जनवरी के बीच बारिश हो सकती है।

पर सूरज ने दिए दर्शन
तेज बर्फीली हवाओं से रविवार को ठिठुरन बढ़ गई थी। ऐसा लग रहा था कि शीतलहर ने एकबार फिर से दस्तक दे दी है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी जारी रहने से यह भी संकेत मिला है कि हाल-फिलहाल सर्दी से कोई खास राहत नहीं मिलेगी। पर सोमवार को आसमान बिलकुल साफ था। दूर-दूर तक बादल नहीं दिख रहे। सूरज के निकलने से आमशहरी के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अपने-अपने खेतों पर फसल को देखने के लिए पहुंचे। वहीं इस पर सीएसए के मौसम वैज्ञानिक डाॅक्टर नौशाद खान ने बताया कि बीते गुरूवार को भी कुछ ऐसे ही हालात थे, लेकिन शाम के वक्त मौसम बदल गया और बारिश ने कहर बरपाया। कुछ उसी तरह से आज भी मेघ दखल दे सकते हैं।

बारिश की संभावना
सीएसए के मौसम विभाग की मानें तो अगले दो से तीन दिन के बीच बारिश होने का अनुमान है। इसके बाद फिर से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी। रविवार की बात करें तो बादलों की आवाजाही के बीच धूप खिली तो सोमवार को दूर-दूर तक मेघ नजर नहीं आ रहे थे। इस कारण दिन का तापमान सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस कम और न्यूनतम सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस कम रिकॉर्ड किया गया। रविवार को अधिकतम तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 11.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

फिलहाल ऐसे ही रहेगा मौसम
सीएसए मौसम विभाग का अनुमान है कि छह जनवरी से आठ जनवरी तक बारिश होगी और उसके बाद भी दो दिन तक बादल बने रहेंगे। लोगों को फिर से धुंध का सामना करना पड़ सकता है। इस वजह से न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है। जिससे फिर से ठंड अपना कहर बरपाएगी। सीएसए के मौसम वैज्ञानिक डाॅक्टर नौशाद खान के मुताबिक हवा की गति 15 किमी प्रतिघंटा हो सकती है। बर्फीली हवाओं के कारण ठिठुरन और गलन बढ़ेगी। डाॅक्टर खान बताते हैं कि फिलहाल आगे एक सप्ताह का मौसम इसी तरह से रहेगा। डाॅक्टर खान के मुताबिक दस जनवरी के बाद मौसम साफ होगा। दस जनवरी से दिन में अच्छी धूप निकलेगी। इसके बाद न्यूनतम पारे में एक से दो डिग्री की गिरावट आएगी।

तब गड़बड़ा जाता है मौसम
डाॅक्टर दुबे बताते हैं कि कम दबाव का साइक्लोनिक सिस्टम उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी हवाओं के जरिये भारत पहुंचता है। इन हवाओं को हिमालय रोक लेता है। इससे ये आगे नहीं बढ़ पातीं। लिहाजा ये हिमालय के ऊपर बरस पड़ती हैं। दक्षिण पाकिस्तान, उत्तर और मध्य भारत और दक्षिण प्रायद्वीप भारत और बांग्लादेश में शीत मौसम आमतौर से ठंडा, सूखा और खुशगवार रहता है। लेकिन कभी-कभार यह पश्चिमी विक्षोभ के साथ आए बादलों केबरसने, बाद में शीत लहर और कोहरे के कारण गड़बड़ा जाता है।

इस वजह से हो रही बारिश
सीएसए के मौसम वैज्ञानिक दुबे ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश हो रही है। साइक्लोनिक हवाएं भूमध्य सागर, काला सागर और कैस्पियन सागर से आकर हिमालयी शृंखला से टकराती हैं। इसके बाद हवाओं के साथ इनका असर मैदानी इलाकों में आता है। डाॅक्टर दुबे मौसम चक्र के बदलाव पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहते हैं कि इंसानों ने अपने हित के लिए प्रकृति के साथ खिलवाड़ किया है। जगंल बचे नहीं। जलवायू परिवर्तन से भी देश जूझ रहा है। इसी वजह से आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि, बेमौसम बारिश-ठंड और जून-जुलाई में गर्मी के कारण पसीना छूटता है।

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