इस गर्मी में कम तपाएंगे सूर्यदेव, मिल रहे संकेत

मौसम का मिजाज इस बार बदला हुआ
मार्च महीने में तापमान पिछले वर्ष से कम

कानपुर। पिछले साल के मुकाबले इस साल फरवरी व मार्च में ज्यादा ठंडी और बूंदाबांदी से हुई सर्दी में इजाफा हुआ है। मौसम के बदले हुए मिजाज ने मौसम विज्ञानियों को अचरज में डाल दिया है। फरवरी के अंतिम हफ्ते और मार्च की शुरुआत में पड़ रही सर्दी ने नए संकेत दिए हैं। वर्ष 2018 में इन दिनों जबरदस्त गर्मी पड़ी थी, लेकिन 2019 में सर्दी पडऩे लगी। जिस कारण मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार गर्मी सामान्य रहेगी।

फरवरी बेहद ठंडी
फरवरी पिछले साल के मुकाबले ज्यादा ठंडी रही है। वर्ष 2018 में 25 फरवरी को अधिकतम तापमान 31.2 था लेकिन 2019 में 26.5 डिग्री सेल्सियस रहा। न्यूनतम तापमान इसी दिन 13.6 था लेकिन 2019 में मात्र 8.6 डिग्री सेल्सियस था। 28 फरवरी 2018 को अधिकतम 30.4 था जबकि 2019 में 21.6 रहा। न्यूनतम 14.7 था लेकिन 2019 में 8.7 डिग्री रहा। कुछ ऐसा ही हाल वर्ष 2018 मार्च और 2019 मार्च की अब तक रहा है। शनिवार को सुबह से बदली रही और हवा में ठंडक रही। अधिकतम तापमान 22 डिग्री रहा जबकि रात बेहद सर्द रही। पारा 8.0 डिग्री पर पहुंच गया।

वापस लौटी सर्दी
मौसम में बदलाव तो होता ही रहता है लेकिन इतना ज्यादा बदलाव अक्सर नहीं दिखता। फरवरी में मौसम एकदम बदल गया था। ऐसा लग रहा था कि सर्दी खत्म। लोगों ने गर्म कपड़े रख दिए। लोगों ने स्वेटर पहनना तक छोड़ दिया। मगर यह स्थिति केवल एक हफ्ते तक ही रही। फिर एकाएक सर्द हवाएं चलने लगीं और बारिश के साथ सर्दी का मौसम फिर लौट आया।

पश्चिमी विक्षोभ का असर
सीएसए के मौसम विज्ञानी डॉ. नौशाद खान का कहना है कि मौसम शिफ्टिंग के कारण बदलाव दिख रहा है। वर्ष 2018 इन दिनों गरम था लेकिन 2019 सर्द है। यह देर से आए पश्चिमी विक्षोभों के कारण है। 48 घंटे तक इसका असर रहेगा। जिसके चलते उम्मीद है कि इस साल गर्मी भी कम पड़ेगी और झुलसाने वाली धूप से लोगों को राहत मिलेगी। हालांकि अभी पूर्वानुमान जारी नहीं हुआ है लेकिन जो संकेत मिले हैं उससे तो यही लगता है कि इस साल मौसम में बदलाव रहेगा।

 

 

आलोक पाण्डेय
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